गोरखपुर में नमूने हुए फेल: किशमिश, लाल मिर्च और दूध सब में मिलावट का खेल... रहें होशियार
फिजीशियन डॉ. संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि मिलावटी लाल मिर्च पाउडर खाने से पथरी हो सकती है। गैस और मुंह के रोग हो सकते हैं। यदि मिर्च में लकड़ी का बुरादा मिलाया गया है, तो यह अस्थमा रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है। आंतों में रगड़ यानी कि गैस्ट्रिक इरोजन, अल्सर, पाचन तंत्र में परेशानी और पेट नियमित दर्द की शिकायत हो सकती है।
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गोरखपुर में खाने-पीने की वस्तुओं में मिलावट करने वाले धंधेबाजों ने अब सत्तू, दूध, मिठाई के साथ ही लाल मिर्च, पापड़ और किशमिश में भी खेल शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने अलग-अलग जगहों से 47 नमूने एकत्र किए थे, जिनमें लाल मिर्च और किशमिश को खाने योग्य नहीं पाया गया है, जबकि अन्य आठ के नमूने भी फेल मिले हैं।
यानी इन्हें मानक के अनुसार नहीं पाया गया। जांच में पाया गया है कि कैच ब्रांड की लाल मिर्च में ईंट व चाक पाउडर मिलाया गया था। ताज ब्रांड की किशमिश को ताजा रखने के लिए केमिकल मिलाया गया था। उसमें कीड़े भी मिले हैं। जिन दुकानों से नमूने फेल मिले हैं, अब उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से तीन माह पूर्व विभिन्न दुकानों, प्रतिष्ठानों की जांच करके तेल, घी, मिर्च, मसाला, मिठाई सहित अन्य खाद्य पदार्थों के 47 नमूने लिए गए। इसकी जांच रिपोर्ट मंगलवार को लैब से मिली। इनमें कुल आठ नमूने मानक के अनुसार नहीं मिले हैं, जबकि दो नमूने असुरक्षित पाए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, सहजनवां के डुगडुइया देवापार में वीरेंद्र सिंह की दुकान से मदर मेड ब्रांड का सत्तू, इलाहीबाग के कमलेश चंद्र गुप्ता की दुकान से मैंगो फ्लेवर आईसकैंडी, दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ प्राइवेट लिमिटेड चंदौली में बना मदर डेयरी ब्रांड का दूध, अक्षय पात्रा फाउंडेशन राजेंद्र नगर का चावल, माया बाजार के दुकानदार संतोष कुमार की दुकान का स्पेशल बतीसा, राजेंद्र नगर पश्चिमी के जयराम चौहान की दुकान में बिक रहा लवली गोल्ड ब्रांड का किशमिश और दुधरा रोड महदेवा बाजार के संजय किराना स्टोर का पापड़ का नमूना अधोमानक पाया गया है।
इसके अलावा चेतना स्पाइस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शाहमारूफ से लिया गया कैच ब्रांड की लाल मिर्च पाउडर और बरगदवां के मोबश्शरा परवीन की दुकान से लिया गया ताज ब्रांड की किशमिश को असुरक्षित पाया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि अधोमानक खाद्य पदार्थ नुकसानदायक नहीं होते हैं। ये मानक के अनुरूप नहीं होते हैं जबकि असुरक्षित खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय ने बताया कि इन सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किशमिल में गोल्डन रंग देने के लिए मिलाते हैं केमिकल
मिलावटी मिर्च पाउडर खाने से हो सकती है पथरी
फिजीशियन डॉ. संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि मिलावटी लाल मिर्च पाउडर खाने से पथरी हो सकती है। गैस और मुंह के रोग हो सकते हैं। यदि मिर्च में लकड़ी का बुरादा मिलाया गया है, तो यह अस्थमा रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है। आंतों में रगड़ यानी कि गैस्ट्रिक इरोजन, अल्सर, पाचन तंत्र में परेशानी और पेट नियमित दर्द की शिकायत हो सकती है। केमिकल के मिलावट से भी पाचन तंत्र को नुकसान होगा।