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Gorakhpur News: 11 साल में भी तैयार नहीं हो पाया पूर्वांचल का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम

Mon, 27 Apr 2026 02:26 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 27 Apr 2026 02:26 AM IST
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The foundation stone was laid at MMMUT on July 2, 2015, by the then Vice Chancellor, Prof. Omkar Singh.
जुलाई 2015 में हुआ था ऑडिटोरियम का शिलान्यास।
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बन रहा पूर्वांचल का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम लगभग 11 वर्ष बाद भी अधूरा है। कुल 917 लाख रुपये में इस प्रेक्षागृह का निर्माण होना था लेकिन समय बीतने के साथ ही पुनरीक्षित बजट 2649 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। अभी भी कई कार्य शेष हैं।
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कॉलेज से विश्वविद्यालय बनने के बाद वर्ष 2015 में एमएमएमयूटी में 2000 क्षमता का ऑडिटोरियम बनाने की घोषणा तत्कालीन प्रदेश सरकार ने की थी। कुलपति आवास के पीछे के हिस्से को इसके लिए चिह्नित कर कार्यदायी संस्था के रूप में यूपी सिडको को जिम्मेदारी दी गई थी। दो जुलाई 2015 को तत्कालीन कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने इसका शिलान्यास किया था। तब 2018 तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन 11 साल में भी तैयार नहीं हो सका।
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ऑडिटोरयम में एक साथ 2000 लोग बैठ सकेंगे, इसे लेकर हर जगह उत्साह था लेकिन वह तब ठंडा पड़ने लगा, जब कार्य प्रभावित होने लगे। कार्यदायी संस्था आगे के कार्य कराने के लिए पैसे मांगती रही और प्रशासन हो चुके कार्य का हिसाब। बिल्डिंग खड़ी होने के बाद कई कार्य अधूरे रह गए। बीच में लंबे समय तक कार्य पूरी तरह ठप रहा।
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समय के साथ बढ़ती गई लागत
प्रेक्षागृह के लिए 917.16 लाख रुपये की सबसे कम बोली लगाकर यूपी सिडको ने यह टेंडर अपने नाम किया था। अगस्त 2018 में इसकी पुनरीक्षित लागत बढ़कर 1488.27 लाख रुपये हो गई। इसके अलावा फर्नीचर के लिए 130 लाख रुपये अतिरिक्त धन की स्वीकृति भी शासन से मिल गई। बाद में पुनरीक्षित लागत 2376.41 लाख रुपये पहुंच गई। इसके अलावा फर्नीचर की पुनरीक्षित लागत भी बढ़कर 2.73 करोड़ रुपये हो गई। प्रोजेक्ट के लटकने का प्रमुख कारण यह रहा कि बाद में कई कार्य शामिल किए गए।

पैसे मिलने के बाद भी लग जाएंगे तीन महीने
यूपी सिडको के सहायक अभियंता डीएन धर ने बताया कि विभिन्न कार्यों के लिए अंतिम किस्त के रूप में लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये मिलने हैं। इसके अलावा 2000 कुर्सी समेत फर्नीचर मद में 2.73 करोड़ रुपये मिलने हैं। अभी भी वॉल पेंटिंग, फॉल सीलिंग, स्टेज का कार्य और फर्नीचर लगाए जाने समेत कई कार्य शेष है। कई कार्य कराए जा रहे हैं।



प्रेक्षागृह के लिए पुनरीक्षित बजट 23.76 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 273 लाख रुपये से फर्नीचर का कार्य होना है। इस मद में शासन की ओर से अब तक करीब साढ़े 19 करोड़ रुपये जारी हो गए हैं। विभिन्न कार्यों के लिए करीब साढ़े करोड़ व फर्नीचर के लिए 2.73 करोड़ रुपये मिलने हैं। धन जारी हो जाने के बाद करीब तीन महीने में कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।

- मनोज कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, यूपी सिडको

सेंट्रलाइज्ड एसी, फायर फाइटिंग व साउंड सिस्टम समेत कई कार्य हो चुके हैं। फॉल सीलिंग का कार्य चल रहा है। शासन को शेष पैसे जारी करने के लिए पत्र भेजा गया है। अप्रूवल मिलने के बाद जल्द ही शेष कार्य भी पूर्ण करा लिए जाएंगे।
- प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, एमएमएमयूटी
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