{"_id":"5fdd05388ebc3e3d38107a9f","slug":"temporary-office-ayush-university-will-open-in-sitapur-eye-hospital-gorakhpur-city-news-gkp3774196111","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीतापुर आई हॉस्पिटल में खुलेगा आयुष विश्वविद्यालय का अस्थायी कार्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीतापुर आई हॉस्पिटल में खुलेगा आयुष विश्वविद्यालय का अस्थायी कार्यालय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर आई हॉस्पिटल में खुलेगा आयुष विश्वविद्यालय का अस्थायी कार्यालय
गोरखपुर। चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के मलमलिया में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। 24.29 हेक्टेअर में बनने वाले इस विश्वविद्यालय की आधारशिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मकरसंक्रांति तक रख सकते हैं। इसे लेकर तैयारियां चल रही हैं।
काम तेजी से हो सके इसके लिए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने पार्क रोड स्थित सीतापुर आई हॉस्पिटल के भवन में आयुष विश्वविद्यालय का अस्थायी कार्यालय भी खोलने के लिए जगह दे दी है। जल्द ही कुलपति समेत अन्य स्टाफ की तैनाती भी हो जाएगी जिसके बाद वे यहां काम शुरू कर देंगे।
सीतापुर आंख अस्पताल में तीन बड़े हाल आयुष विश्वविद्यालय के लिए दिए गए हैं। कुलपति के रहने के लिए एक बंगला भी दिया गया है। कुछ दिनों में कुलपति के नाम की घोषणा हो सकती है। पहले अस्थायी कार्यालय के लिए राजकीय होम्योपैथ महाविद्यालय गोरखपुर का चयन किया जाना था लेकिन अधिक दूरी होने के कारण जिला प्रशासन से चार हजार वर्ग मीटर जगह मांगी गई थी।
विज्ञापन
आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथ व योग की होगी पढ़ाई
आयुष विश्वविद्यालय खुल जाने से यहां पढ़ाई के साथ इलाज भी हो सकेगा। प्रदेश में वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, बरेली, बांदा, पीलीभीत, मुजफ्फरपुर, झांसी के आयुष मेडिकल कालेज सहित प्रदेश में संचालित 19 राजकीय व 72 निजी आयुष मेडिकल कालेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे। विवि में आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथ, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की पढ़ाई के साथ इन पद्धतियों से उपचार भी हो सकेगा।
कुलपति समेत इनकी होगी तैनाती
कुलपति, कुलसचिव, वित्त अधिकारी, सहायक उपकुलसचिव, व्यवस्था अधिकारी, जनसंपर्क अधिकारी, कुलपति के निजी सचिव, लेखाकार के एक-एक पद, स्टेनो एवं कनिष्ठ सहायक के दो-दो, स्टोर कीपर का एक, कंप्यूटर आपरेटर के दो पद एवं चतुर्थ श्रेणी के 10 पदों पर तैनाती होगी।
शासन के निर्देश पर आयुष विश्वविद्यालय के अस्थायी कार्यालय के लिए सीतापुर आई हॉस्पिटल में जगह दी गई है। कुलपति के लिए बंगला भी दिया जा रहा है। जल्द ही यहां 20 से 25 लोगों का स्टाफ काम करना शुरू कर देगा।
- के. विजयेंद्र पांडियन, डीएम
विज्ञापन
गोरखपुर। चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के मलमलिया में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। 24.29 हेक्टेअर में बनने वाले इस विश्वविद्यालय की आधारशिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मकरसंक्रांति तक रख सकते हैं। इसे लेकर तैयारियां चल रही हैं।
काम तेजी से हो सके इसके लिए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने पार्क रोड स्थित सीतापुर आई हॉस्पिटल के भवन में आयुष विश्वविद्यालय का अस्थायी कार्यालय भी खोलने के लिए जगह दे दी है। जल्द ही कुलपति समेत अन्य स्टाफ की तैनाती भी हो जाएगी जिसके बाद वे यहां काम शुरू कर देंगे।
विज्ञापन
सीतापुर आंख अस्पताल में तीन बड़े हाल आयुष विश्वविद्यालय के लिए दिए गए हैं। कुलपति के रहने के लिए एक बंगला भी दिया गया है। कुछ दिनों में कुलपति के नाम की घोषणा हो सकती है। पहले अस्थायी कार्यालय के लिए राजकीय होम्योपैथ महाविद्यालय गोरखपुर का चयन किया जाना था लेकिन अधिक दूरी होने के कारण जिला प्रशासन से चार हजार वर्ग मीटर जगह मांगी गई थी।
विज्ञापन
आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथ व योग की होगी पढ़ाई
आयुष विश्वविद्यालय खुल जाने से यहां पढ़ाई के साथ इलाज भी हो सकेगा। प्रदेश में वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, बरेली, बांदा, पीलीभीत, मुजफ्फरपुर, झांसी के आयुष मेडिकल कालेज सहित प्रदेश में संचालित 19 राजकीय व 72 निजी आयुष मेडिकल कालेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे। विवि में आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथ, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की पढ़ाई के साथ इन पद्धतियों से उपचार भी हो सकेगा।
कुलपति समेत इनकी होगी तैनाती
कुलपति, कुलसचिव, वित्त अधिकारी, सहायक उपकुलसचिव, व्यवस्था अधिकारी, जनसंपर्क अधिकारी, कुलपति के निजी सचिव, लेखाकार के एक-एक पद, स्टेनो एवं कनिष्ठ सहायक के दो-दो, स्टोर कीपर का एक, कंप्यूटर आपरेटर के दो पद एवं चतुर्थ श्रेणी के 10 पदों पर तैनाती होगी।
शासन के निर्देश पर आयुष विश्वविद्यालय के अस्थायी कार्यालय के लिए सीतापुर आई हॉस्पिटल में जगह दी गई है। कुलपति के लिए बंगला भी दिया जा रहा है। जल्द ही यहां 20 से 25 लोगों का स्टाफ काम करना शुरू कर देगा।
- के. विजयेंद्र पांडियन, डीएम