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Gorakhpur News: शास्त्री चौक की चाय दुकानों में चायपत्ती जांच के दौरान मिली गड़बड़ी, दी गई चेतावनी
Fri, 12 Jun 2026 02:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 12 Jun 2026 02:10 AM IST
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गोरखपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को शास्त्री चौक और आसपास स्थित चाय की दुकानों पर चायपत्ती की जांच की तो कई जगहों पर गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए। जांच के दौरान चायपत्ती को ठंडे पानी में डालते ही उसका रंग बदलने लगा, जिससे मिलावट की आशंका जताई गई। इसके बाद फूड सेफ्टी वैन में भी प्राथमिक जांच की गई, जिसमें चायपत्ती की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं लगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत यह जांच की गई। हालांकि इस दौरान किसी भी दुकान से विधिक नमूना नहीं लिया गया लेकिन सात दुकानों पर जांच के दौरान अधिकतर जगहों पर इस्तेमाल हो रही चायपत्ती की गुणवत्ता संदिग्ध दिखाई दी। अधिकारियों का मानना है कि कुछ छोटे दुकानदार कम कीमत की चायपत्ती खरीदकर उसका उपयोग कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
जांच के दौरान दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे केवल ब्रांडेड और प्रमाणित चायपत्ती का ही उपयोग करें। वह जहां से चायपत्ती खरीदते हैं उसका पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। विभाग ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह बाद फिर से जांच अभियान चलाया जाएगा। यदि उस दौरान मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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अधिकारियों ने बताया कि ठंडे पानी में तुरंत रंग छोड़ने से चायपत्ती में कृत्रिम रंग या अन्य रासायनिक तत्वों की मिलावट की आशंका होती है। हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि केवल प्रयोगशाला में विधिक नमूनों की जांच के बाद ही संभव है।
पहले भी पकड़ी जा चुकी है मिलावटी चायपत्ती
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में करीब एक वर्ष पहले नौसड़ स्थित एक गोदाम से बड़ी मात्रा में संदिग्ध चायपत्ती बरामद की गई थी। जांच के दौरान वहां चमड़ा रंगने में इस्तेमाल होने वाला रंग भी मिला था। बाद में प्रयोगशाला रिपोर्ट में चायपत्ती को असुरक्षित घोषित किया गया था। इसी खेप की कुछ चायपत्ती देवरिया भेजी गई थी, जहां जांच में मिलावट की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा शहर के कोतवाली क्षेत्र में भी मिलावटी चायपत्ती पकड़े जाने का मामला सामने आ चुका है।
बोले अधिकारी
चायपत्ती की गुणवत्ता को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। शास्त्री चौक स्थित चाय की दुकानों की जांच की गई। चायपत्ती को ठंडे पानी में डालने पर रंग बदलने लगा तो फूड सेफ्टी वैन में भी जांच की गई। मिलावट होने की आशंका में चेतावनी दी गई। उनके पास चायपत्ती कम मात्रा में थी, जिसे नष्ट करा दिया गया।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा
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खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत यह जांच की गई। हालांकि इस दौरान किसी भी दुकान से विधिक नमूना नहीं लिया गया लेकिन सात दुकानों पर जांच के दौरान अधिकतर जगहों पर इस्तेमाल हो रही चायपत्ती की गुणवत्ता संदिग्ध दिखाई दी। अधिकारियों का मानना है कि कुछ छोटे दुकानदार कम कीमत की चायपत्ती खरीदकर उसका उपयोग कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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जांच के दौरान दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे केवल ब्रांडेड और प्रमाणित चायपत्ती का ही उपयोग करें। वह जहां से चायपत्ती खरीदते हैं उसका पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। विभाग ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह बाद फिर से जांच अभियान चलाया जाएगा। यदि उस दौरान मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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अधिकारियों ने बताया कि ठंडे पानी में तुरंत रंग छोड़ने से चायपत्ती में कृत्रिम रंग या अन्य रासायनिक तत्वों की मिलावट की आशंका होती है। हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि केवल प्रयोगशाला में विधिक नमूनों की जांच के बाद ही संभव है।
पहले भी पकड़ी जा चुकी है मिलावटी चायपत्ती
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में करीब एक वर्ष पहले नौसड़ स्थित एक गोदाम से बड़ी मात्रा में संदिग्ध चायपत्ती बरामद की गई थी। जांच के दौरान वहां चमड़ा रंगने में इस्तेमाल होने वाला रंग भी मिला था। बाद में प्रयोगशाला रिपोर्ट में चायपत्ती को असुरक्षित घोषित किया गया था। इसी खेप की कुछ चायपत्ती देवरिया भेजी गई थी, जहां जांच में मिलावट की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा शहर के कोतवाली क्षेत्र में भी मिलावटी चायपत्ती पकड़े जाने का मामला सामने आ चुका है।
बोले अधिकारी
चायपत्ती की गुणवत्ता को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। शास्त्री चौक स्थित चाय की दुकानों की जांच की गई। चायपत्ती को ठंडे पानी में डालने पर रंग बदलने लगा तो फूड सेफ्टी वैन में भी जांच की गई। मिलावट होने की आशंका में चेतावनी दी गई। उनके पास चायपत्ती कम मात्रा में थी, जिसे नष्ट करा दिया गया।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा