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Gorakhpur News: चार सेमेस्टर बहुविकल्पीय, पांचवें में लिखित परीक्षा पर भड़के छात्र
Sat, 19 Sep 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 19 Sep 2026 02:29 AM IST
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा पद्धति में बदलाव के विरोध में शुक्रवार को छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। बीए, बीएससी, बीकॉम समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों के पांचवें सेमेस्टर के छात्रों ने कुलपति कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर घेराव किया। छात्रों का कहना था कि चार सेमेस्टर तक बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर परीक्षा देने के बाद अचानक लिखित परीक्षा कराना उचित नहीं है। इससे उनकी तैयारी और परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकता है।
विश्वविद्यालय की ओर से हाल में जारी सूचना के अनुसार अब पहले, तीसरे और पांचवें सेमेस्टर की परीक्षाएं लिखित जबकि दूसरे, चौथे और छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर होंगी। छात्रों की मांग है कि नई परीक्षा व्यवस्था नए सत्र से लागू की जाए। वर्तमान सत्र के छात्रों की पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा पूर्व व्यवस्था के तहत बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर ही कराई जाए। छात्रों ने बताया कि मंगलवार को भी वे इसी मांग को लेकर कुलपति प्रो. केपी सिंह से मिले थे। उस समय कुलपति ने मामले पर विचार करने के लिए दो दिन का समय मांगा था। छात्रों का आरोप है कि करीब 72 घंटे बीतने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। इससे नाराज छात्रों ने शुक्रवार को दोबारा प्रदर्शन किया। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश पांडेय ने कहा कि छात्र चार सेमेस्टर से बहुविकल्पीय परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में अचानक लिखित परीक्षा लागू करने से उन्हें परेशानी होगी और परीक्षा परिणाम प्रभावित होने की आशंका है।
महीने के अंत तक निर्णय
प्रदर्शन की सूचना पर प्रॉक्टर प्रो. टीएन मिश्रा और परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद कुलपति ने कुछ छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया। छात्रों के अनुसार, कुलपति ने महीने के अंत तक परीक्षा पद्धति पर निर्णय लेने और छात्रों के हित में फैसला करने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
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विश्वविद्यालय की ओर से हाल में जारी सूचना के अनुसार अब पहले, तीसरे और पांचवें सेमेस्टर की परीक्षाएं लिखित जबकि दूसरे, चौथे और छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर होंगी। छात्रों की मांग है कि नई परीक्षा व्यवस्था नए सत्र से लागू की जाए। वर्तमान सत्र के छात्रों की पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा पूर्व व्यवस्था के तहत बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर ही कराई जाए। छात्रों ने बताया कि मंगलवार को भी वे इसी मांग को लेकर कुलपति प्रो. केपी सिंह से मिले थे। उस समय कुलपति ने मामले पर विचार करने के लिए दो दिन का समय मांगा था। छात्रों का आरोप है कि करीब 72 घंटे बीतने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। इससे नाराज छात्रों ने शुक्रवार को दोबारा प्रदर्शन किया। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश पांडेय ने कहा कि छात्र चार सेमेस्टर से बहुविकल्पीय परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में अचानक लिखित परीक्षा लागू करने से उन्हें परेशानी होगी और परीक्षा परिणाम प्रभावित होने की आशंका है।
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महीने के अंत तक निर्णय
प्रदर्शन की सूचना पर प्रॉक्टर प्रो. टीएन मिश्रा और परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद कुलपति ने कुछ छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया। छात्रों के अनुसार, कुलपति ने महीने के अंत तक परीक्षा पद्धति पर निर्णय लेने और छात्रों के हित में फैसला करने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
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