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Gorakhpur News: भारतीय ज्ञान परंपरा में छिपे वैज्ञानिक तथ्यों को खोजें विद्यार्थीं
Thu, 01 Oct 2026 02:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 01 Oct 2026 02:51 AM IST
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गोरखपुर। विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच संबंध समझाने के लिए बुधवार को महात्मा गांधी पीजी कॉलेज में भारतीय ज्ञान संपदा एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विषय पर व्याख्यान हुआ। मुख्य अतिथि एमएमएमयूटी के भौतिकी एवं पदार्थ विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. बृजेश कुमार पांडेय ने रामचरितमानस में वर्णित अशोक वृक्ष का उदाहरण देते हुए भारतीय ग्रंथों में निहित ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के संबंध पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला में शोधार्थी के साथ अशोक की छाल और पपीते के दुग्ध-रस से प्राप्त रासायनिक घटकों के मिश्रण से दर्दनिवारक एस्पिरिन बनाने पर शोध किया गया है। इस कार्य के लिए पेटेंट भी प्राप्त हुआ है। मुख्य वक्ता आईआईएमसी जम्मू के निदेशक डॉ. दिलीप कुमार ने विद्यार्थियों से हर विषय को समझने के लिए पांच सवाल क्या, क्यों, कैसे, किसलिए और किस तरह पूछने की आदत विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिज्ञासा और तर्क वैज्ञानिक दृष्टिकोण की बुनियाद हैं। विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा को केवल परंपरा के रूप में नहीं, बल्कि उसमें छिपे वैज्ञानिक तथ्यों को समझने और उन पर शोध करने की जरूरत है।
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