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राम मंदिर के लिए जीवन समर्पित किया गोरक्षपीठ के संतों ने : सीएम योगी
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गोरखपुर। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में रामजन्म भूमि पर मंदिर निर्माण के लिए गोरक्षपीठ के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि अयोध्या में रामलला के प्रकटीकरण के समय महंत दिग्विजयनाथ उपस्थित रहे। गुलामी का ढांचा हटाने के लिए रामजन्म भूमि मुक्ति यज्ञ समिति का नेतृत्व महंत अवेद्यनाथ ने किया। दोनों पूज्य संतों ने संत समाज को एकजुट करने के साथ ही राम मंदिर, समाज व राष्ट्र के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। समय, समाज और राष्ट्र के अनुकूल चलना ही महापुरुषों का गुण होता है।
सीएम योगी युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह पर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में जब विसंगतियां आती हैं तो उसका परिमार्जन करने का सामर्थ्य हिंदू समाज रखता है। यही भाव हमें ब्रह्मलीन महंतद्वय के जीवन में भी देखने को मिलता है। महंत दिग्विजयनाथ हिंदू समाज की ताकत को प्रबल वेग से बढ़ाने के पक्षधर थे तो महंत अवेद्यनाथ ने इस वेग को बढ़ाने के लिए हिंदू समाज को एकजुट करने का अहर्निश कार्य किया। उनके द्वारा प्रारंभ किया गया सहभोज अभियान हिंदू समाज की बिखरी हुई ताकत को एकसूत्र में पिरोने के उद्देश्य से था। दोनों महंतद्वय के जीवन चरित्र को पढ़ते हैं तो हम सबको ऐसी ही प्रेरणा मिलती है।
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शिवभक्त हैं तो सम-विषम परिस्थितियों में समान रहें
भगवान शिव और शिवभक्ति के महात्म्य को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जिसका गुणगान करते हैं, हमें उसके अनुरूप बनने का प्रयास भी करना होता है। यदि हम शिवभक्त हैं तो भगवान शंकर की तरह सम-विषम परिस्थितियों में एक समान व निश्छल भी रहना चाहिए। हमें विसंगतियों के बीच लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना है।
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार किया महंत अवेद्यनाथ ने
सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में शिक्षा गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए, यह महंत दिग्विजयनाथ का विचार था। महंत अवेद्यनाथ ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ इसके विस्तार और विस्तार से स्वावलंबन से जोड़ने का भी कार्य किया। उन्होंने शिक्षा को कौशल के साथ जोड़ने का भी काम किया। शिक्षा के संग खेल को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने स्कालरशिप की भी व्यवस्था की।
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राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध कराती है गोरक्षपीठ : बालकनाथ
मस्तनाथ पीठ अस्थल बोहर (रोहतक) के महंत एवं राजस्थान विधानसभा के विधायक महंत बालकनाथ ने महंतद्वय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दोनों संतों ने गोरक्षपीठ का नेतृत्व करते हुए सनातन संस्कृति की पहचान को मजबूत किया। गोरक्षपीठ सभी लोगों को राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध कराती है। इस पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की ख्याति देश-दुनिया में फैल रही है। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ बिना भेदभाव जन-कल्याण व विकास के लिए दिन-रात कार्य करते हैं।
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दिव्यदर्शी व दूरदर्शी संत थे महंत अवेद्यनाथ: डॉ. रामकमलाचार्य
रामजानकी मंदिर वाराणसी से आए जगद्गुरू रामानंदाचार्य डॉ. रामकमलाचार्य ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ दिव्यदर्शी व दूरदर्शी संत थे। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में उनकी भूमिका युगों-युगों तक स्मरित की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि वह अपने कार्यों के बल पर दिग्विजयी यात्रा जारी रखते हुए तीसरी बार भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।
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गोरक्षा व राष्ट्रीय संस्कृति के संरक्षण में गोरक्षपीठ की अग्रणी भूमिका : विद्या चैतन्य
नैमिषारण्य से आए स्वामी विद्या चैतन्य ने कहा कि गोरक्षा, सनातन धर्म, राष्ट्रीय संस्कृति के संरक्षण के लिए गोरक्षपीठ सदैव अग्रणी भूमिका निभाती रही है। नीमच, मध्य प्रदेश से आए महंत योगी लालनाथ ने कहा कि महंत अवेधनाथ ने रामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ की कमान उस कालखंड में संभाली, जब कोई अन्य इसके लिए तैयार नहीं था। हनुमानगढ़ी अयोध्या से आए महंत राजूदास ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के जीवन का मिशन था। आज अयोध्या में न केवल मंदिर बन गया है, बल्कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का वैभव पूरे विश्व में गुंजायमान है। श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीयता और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का योगदान अनिर्वचनीय है।
श्रद्धांजलि सभा को कुशीनगर के सांसद विजय दूबे, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलपति प्रो. कृष्णपाल सिंह, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर की कुलपति प्रो. अनुपमा शर्मा कौशिक, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधान परिषद सदस्य ध्रुव त्रिपाठी, विधायक राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, राज्यसभा के पूर्व सदस्य जयप्रकाश निषाद, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता ने भी संबोधित किया।
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विभिन्न संगठनों की ओर से दी गई श्रद्धांजलि
इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संगठनों की ओर से भी ब्रह्मलीन महंतद्वय को श्रद्धांजलि दी गई। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से सचिव डॉ. वाई सिंह, डॉ. आरपी त्रिपाठी, चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की तरफ से संरक्षक एसके अग्रवाल, दवा विक्रेता समिति की तरफ से अध्यक्ष योगेंद्र दूबे, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जटाशंकर की तरफ से संयुक्त सचिव सरदार जगनैन सिंह नीटू, सिंधी समाज की तरफ से अर्जुन बालानी, भारत सेवाश्रम संघ की तरफ से स्वामी निःश्रेयसानंद ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ तथा ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के व्यक्तित्व, कृतित्व और आदर्शों का स्मरण किया।
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सीएम ने रामजन्म सिंह की पुस्तक का किया विमोचन
मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य एवं महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संयुक्त सचिव रामजन्म सिंह की पुस्तक ‘रामकथा के प्रथम बलिदानी जटायु’ का विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रीभगवान सिंह ने किया।
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श्रद्धांजलि सभा में इनकी रही प्रमुख सहभागिता
प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, हरिद्वार से आए योगी महासभा के महामंत्री योगी चेताईनाथ, काशी से आए जगद्गुरु विष्णुस्वामी सम्प्रदायाचार्य संतोषाचार्य ''''सतुआ बाबा'''', बाघम्बरी पीठाधीश्वर, प्रयागराज महंत बलबीर गिरी, सोंगल- हरियाणा से आए पीर शेरनाथ, अयोध्या के महंत धर्मदास, महंत बलरामदास, तपसीधाम, बस्ती से आए महंत जयबक्शदास, दिगंबर अखाड़ा, अयोध्याधाम के महंत रामलखनदास तथा कालीबाड़ी, गोरखपुर के महंत रविंद्रदास।
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सीएम योगी युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह पर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में जब विसंगतियां आती हैं तो उसका परिमार्जन करने का सामर्थ्य हिंदू समाज रखता है। यही भाव हमें ब्रह्मलीन महंतद्वय के जीवन में भी देखने को मिलता है। महंत दिग्विजयनाथ हिंदू समाज की ताकत को प्रबल वेग से बढ़ाने के पक्षधर थे तो महंत अवेद्यनाथ ने इस वेग को बढ़ाने के लिए हिंदू समाज को एकजुट करने का अहर्निश कार्य किया। उनके द्वारा प्रारंभ किया गया सहभोज अभियान हिंदू समाज की बिखरी हुई ताकत को एकसूत्र में पिरोने के उद्देश्य से था। दोनों महंतद्वय के जीवन चरित्र को पढ़ते हैं तो हम सबको ऐसी ही प्रेरणा मिलती है।
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शिवभक्त हैं तो सम-विषम परिस्थितियों में समान रहें
भगवान शिव और शिवभक्ति के महात्म्य को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जिसका गुणगान करते हैं, हमें उसके अनुरूप बनने का प्रयास भी करना होता है। यदि हम शिवभक्त हैं तो भगवान शंकर की तरह सम-विषम परिस्थितियों में एक समान व निश्छल भी रहना चाहिए। हमें विसंगतियों के बीच लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना है।
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार किया महंत अवेद्यनाथ ने
सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में शिक्षा गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए, यह महंत दिग्विजयनाथ का विचार था। महंत अवेद्यनाथ ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ इसके विस्तार और विस्तार से स्वावलंबन से जोड़ने का भी कार्य किया। उन्होंने शिक्षा को कौशल के साथ जोड़ने का भी काम किया। शिक्षा के संग खेल को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने स्कालरशिप की भी व्यवस्था की।
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राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध कराती है गोरक्षपीठ : बालकनाथ
मस्तनाथ पीठ अस्थल बोहर (रोहतक) के महंत एवं राजस्थान विधानसभा के विधायक महंत बालकनाथ ने महंतद्वय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दोनों संतों ने गोरक्षपीठ का नेतृत्व करते हुए सनातन संस्कृति की पहचान को मजबूत किया। गोरक्षपीठ सभी लोगों को राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध कराती है। इस पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की ख्याति देश-दुनिया में फैल रही है। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ बिना भेदभाव जन-कल्याण व विकास के लिए दिन-रात कार्य करते हैं।
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दिव्यदर्शी व दूरदर्शी संत थे महंत अवेद्यनाथ: डॉ. रामकमलाचार्य
रामजानकी मंदिर वाराणसी से आए जगद्गुरू रामानंदाचार्य डॉ. रामकमलाचार्य ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ दिव्यदर्शी व दूरदर्शी संत थे। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में उनकी भूमिका युगों-युगों तक स्मरित की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि वह अपने कार्यों के बल पर दिग्विजयी यात्रा जारी रखते हुए तीसरी बार भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।
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गोरक्षा व राष्ट्रीय संस्कृति के संरक्षण में गोरक्षपीठ की अग्रणी भूमिका : विद्या चैतन्य
नैमिषारण्य से आए स्वामी विद्या चैतन्य ने कहा कि गोरक्षा, सनातन धर्म, राष्ट्रीय संस्कृति के संरक्षण के लिए गोरक्षपीठ सदैव अग्रणी भूमिका निभाती रही है। नीमच, मध्य प्रदेश से आए महंत योगी लालनाथ ने कहा कि महंत अवेधनाथ ने रामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ की कमान उस कालखंड में संभाली, जब कोई अन्य इसके लिए तैयार नहीं था। हनुमानगढ़ी अयोध्या से आए महंत राजूदास ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के जीवन का मिशन था। आज अयोध्या में न केवल मंदिर बन गया है, बल्कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का वैभव पूरे विश्व में गुंजायमान है। श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीयता और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का योगदान अनिर्वचनीय है।
श्रद्धांजलि सभा को कुशीनगर के सांसद विजय दूबे, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलपति प्रो. कृष्णपाल सिंह, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर की कुलपति प्रो. अनुपमा शर्मा कौशिक, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधान परिषद सदस्य ध्रुव त्रिपाठी, विधायक राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, राज्यसभा के पूर्व सदस्य जयप्रकाश निषाद, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता ने भी संबोधित किया।
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विभिन्न संगठनों की ओर से दी गई श्रद्धांजलि
इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संगठनों की ओर से भी ब्रह्मलीन महंतद्वय को श्रद्धांजलि दी गई। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से सचिव डॉ. वाई सिंह, डॉ. आरपी त्रिपाठी, चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की तरफ से संरक्षक एसके अग्रवाल, दवा विक्रेता समिति की तरफ से अध्यक्ष योगेंद्र दूबे, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जटाशंकर की तरफ से संयुक्त सचिव सरदार जगनैन सिंह नीटू, सिंधी समाज की तरफ से अर्जुन बालानी, भारत सेवाश्रम संघ की तरफ से स्वामी निःश्रेयसानंद ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ तथा ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के व्यक्तित्व, कृतित्व और आदर्शों का स्मरण किया।
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सीएम ने रामजन्म सिंह की पुस्तक का किया विमोचन
मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य एवं महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संयुक्त सचिव रामजन्म सिंह की पुस्तक ‘रामकथा के प्रथम बलिदानी जटायु’ का विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रीभगवान सिंह ने किया।
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श्रद्धांजलि सभा में इनकी रही प्रमुख सहभागिता
प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, हरिद्वार से आए योगी महासभा के महामंत्री योगी चेताईनाथ, काशी से आए जगद्गुरु विष्णुस्वामी सम्प्रदायाचार्य संतोषाचार्य ''''सतुआ बाबा'''', बाघम्बरी पीठाधीश्वर, प्रयागराज महंत बलबीर गिरी, सोंगल- हरियाणा से आए पीर शेरनाथ, अयोध्या के महंत धर्मदास, महंत बलरामदास, तपसीधाम, बस्ती से आए महंत जयबक्शदास, दिगंबर अखाड़ा, अयोध्याधाम के महंत रामलखनदास तथा कालीबाड़ी, गोरखपुर के महंत रविंद्रदास।