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Gorakhpur News: अपहरण की कहानी सुनाता रहा छात्र, खुद ही ट्रेन पकड़कर पहुंचा तमकुहीरोड
Thu, 10 Sep 2026 02:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 10 Sep 2026 02:22 AM IST
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गोरखपुर। सिविल लाइंस से लापता हुआ कक्षा चार का छात्र कुशीनगर के तमकुहीरोड में मिला तो पुलिस ने राहत की सांस ली। हालांकि, छात्र के मिलने के बाद कहानी में ऐसा मोड़ आया कि पुलिस भी कुछ देर के लिए उलझ गई। पुलिस टीम जब उसे अपने साथ लेकर पूछताछ करने लगी तो छात्र ने अपहरण की कहानी सुनानी शुरू कर दी। कभी चॉकलेट खिलाकर बेहोश करने की बात कही तो कभी किसी युवक पर ट्रेन में बैठाने का आरोप लगाया। कुछ देर बाद उसने खुद ही राज खोल दिया और बताया कि वह खुद अमृत भारत ट्रेन में बैठ गया था।
एसपी सिटी निमिष पाटिल, छात्र पैदल रेलवे स्टेशन पहुंचा और छपरा जाने वाली अमृत भारत ट्रेन में बैठ गया। ट्रेन में उसे अकेला देखकर एक महिला को शक हुआ। महिला ने उससे बातचीत की और उसके स्कूल के आईकार्ड से मां का मोबाइल नंबर लेकर फोन किया। इसके बाद गोरखपुर पुलिस ने सेवरही पुलिस को सूचना दी। ट्रेन के तमकुहीरोड पहुंचने पर पुलिस टीम स्टेशन पहुंची और छात्र को अपने साथ ले आई।
पहले सुनाई चॉकलेट और बेहोशी की कहानी
पुलिस के सामने छात्र ने पहले जो कहानी सुनाई, उससे मामला अपहरण का लग रहा था। उसने बताया कि वह ऑटो के पास खेल रहा था। इसी दौरान एक युवक आया और उसे चॉकलेट दी। चॉकलेट खाने के बाद वह बेहोश हो गया। युवक ने उसे ट्रेन में बैठा दिया। रास्ते में जब वह रोने लगा तो साथ बैठी महिला ने उसे देखा और उसके स्कूल के आईकार्ड पर लिखे नंबर पर फोन कर उसकी मां को जानकारी दी।
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हर सवाल का बेबाकी से दिया जवाब, कहा- पैसे नहीं थे, पैदल ही स्टेशन गया
पुलिस ने छात्र से पूछा कि वह स्टेशन तक कैसे पहुंचा? छात्र ने बताया कि ऑटो से उतरने के बाद वह स्टेशन चला गया था। जब पुलिस ने पूछा कि स्टेशन जाने के लिए पैसे कहां से आए तो उसने बताया कि उसके पास पैसे नहीं थे और वह पैदल ही स्टेशन पहुंचा। पुलिस ने पूछा कि इतनी दूर पैदल चलने में थकान नहीं हुई? छात्र ने कहा कि नहीं। इसके बाद पुलिस ने पूछा कि ट्रेन में अकेले बैठने में डर नहीं लगा? छात्र ने बताया कि शुरुआत में डर नहीं लगा, लेकिन रात होने के बाद उसे डर लगने लगा। इसी दौरान ट्रेन में बैठी महिला ने उसे देख लिया और उसकी मां से फोन पर बात करा दी।
पहले भी स्कूल से अकेले जा चुका है घर
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि छात्र पहले भी स्कूल से अकेले निकल चुका है। करीब दो महीने पहले वह स्कूल से अचानक गायब होकर पैदल ही घर पहुंच गया था। ऑटो चालक आशीष कुमार जायसवाल के मुताबिक, छात्र पहले भी कई बार ऑटो से उतरकर इधर-उधर जाने की कोशिश कर चुका था। उन्होंने इस संबंध में उसके परिजनों को भी जानकारी दी थी। बुधवार को भी छुट्टी के बाद सभी बच्चों को ऑटो में बैठाने के बाद छात्र ने कहा कि उसका खेलने का मन कर रहा है और वह पानी में खेलना चाहता है। ऑटो चालक एक दुकान से चिप्स लेने गया। वापस लौटा तो छात्र गायब था। इसके बाद उसके लापता होने की सूचना पुलिस को दी गई और तलाश शुरू हुई।
सीसीटीवी फुटेज ने बताई अकेले सफर की कहानी
छात्र के लापता होने के बाद पुलिस ने स्कूल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में छात्र अकेले ऑटो के पास जाता, अपना बैग रखता और फिर इधर-उधर घूमता दिखाई दिया। इसके बाद वह अकेले ही रेलवे स्टेशन की ओर चला गया। पुलिस की जांच में फिलहाल किसी तरह के अपहरण की पुष्टि नहीं हुई है। छात्र आखिर घर से क्यों निकला और उसने अपहरण की कहानी क्यों गढ़ी, पुलिस इसकी वजह जानने में जुटी है।
कतर में रहते हैं पिता
छात्र के पिता कतर में रहते हैं। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा सिविल लाइंस स्थित स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता है, जबकि छोटा बेटा एक साल का है। परिवार उरुवा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। छात्र के लापता होने की सूचना के बाद मौके पर भीड़ जुट गई।
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एसपी सिटी निमिष पाटिल, छात्र पैदल रेलवे स्टेशन पहुंचा और छपरा जाने वाली अमृत भारत ट्रेन में बैठ गया। ट्रेन में उसे अकेला देखकर एक महिला को शक हुआ। महिला ने उससे बातचीत की और उसके स्कूल के आईकार्ड से मां का मोबाइल नंबर लेकर फोन किया। इसके बाद गोरखपुर पुलिस ने सेवरही पुलिस को सूचना दी। ट्रेन के तमकुहीरोड पहुंचने पर पुलिस टीम स्टेशन पहुंची और छात्र को अपने साथ ले आई।
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पहले सुनाई चॉकलेट और बेहोशी की कहानी
पुलिस के सामने छात्र ने पहले जो कहानी सुनाई, उससे मामला अपहरण का लग रहा था। उसने बताया कि वह ऑटो के पास खेल रहा था। इसी दौरान एक युवक आया और उसे चॉकलेट दी। चॉकलेट खाने के बाद वह बेहोश हो गया। युवक ने उसे ट्रेन में बैठा दिया। रास्ते में जब वह रोने लगा तो साथ बैठी महिला ने उसे देखा और उसके स्कूल के आईकार्ड पर लिखे नंबर पर फोन कर उसकी मां को जानकारी दी।
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हर सवाल का बेबाकी से दिया जवाब, कहा- पैसे नहीं थे, पैदल ही स्टेशन गया
पुलिस ने छात्र से पूछा कि वह स्टेशन तक कैसे पहुंचा? छात्र ने बताया कि ऑटो से उतरने के बाद वह स्टेशन चला गया था। जब पुलिस ने पूछा कि स्टेशन जाने के लिए पैसे कहां से आए तो उसने बताया कि उसके पास पैसे नहीं थे और वह पैदल ही स्टेशन पहुंचा। पुलिस ने पूछा कि इतनी दूर पैदल चलने में थकान नहीं हुई? छात्र ने कहा कि नहीं। इसके बाद पुलिस ने पूछा कि ट्रेन में अकेले बैठने में डर नहीं लगा? छात्र ने बताया कि शुरुआत में डर नहीं लगा, लेकिन रात होने के बाद उसे डर लगने लगा। इसी दौरान ट्रेन में बैठी महिला ने उसे देख लिया और उसकी मां से फोन पर बात करा दी।
पहले भी स्कूल से अकेले जा चुका है घर
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि छात्र पहले भी स्कूल से अकेले निकल चुका है। करीब दो महीने पहले वह स्कूल से अचानक गायब होकर पैदल ही घर पहुंच गया था। ऑटो चालक आशीष कुमार जायसवाल के मुताबिक, छात्र पहले भी कई बार ऑटो से उतरकर इधर-उधर जाने की कोशिश कर चुका था। उन्होंने इस संबंध में उसके परिजनों को भी जानकारी दी थी। बुधवार को भी छुट्टी के बाद सभी बच्चों को ऑटो में बैठाने के बाद छात्र ने कहा कि उसका खेलने का मन कर रहा है और वह पानी में खेलना चाहता है। ऑटो चालक एक दुकान से चिप्स लेने गया। वापस लौटा तो छात्र गायब था। इसके बाद उसके लापता होने की सूचना पुलिस को दी गई और तलाश शुरू हुई।
सीसीटीवी फुटेज ने बताई अकेले सफर की कहानी
छात्र के लापता होने के बाद पुलिस ने स्कूल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में छात्र अकेले ऑटो के पास जाता, अपना बैग रखता और फिर इधर-उधर घूमता दिखाई दिया। इसके बाद वह अकेले ही रेलवे स्टेशन की ओर चला गया। पुलिस की जांच में फिलहाल किसी तरह के अपहरण की पुष्टि नहीं हुई है। छात्र आखिर घर से क्यों निकला और उसने अपहरण की कहानी क्यों गढ़ी, पुलिस इसकी वजह जानने में जुटी है।
कतर में रहते हैं पिता
छात्र के पिता कतर में रहते हैं। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा सिविल लाइंस स्थित स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता है, जबकि छोटा बेटा एक साल का है। परिवार उरुवा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। छात्र के लापता होने की सूचना के बाद मौके पर भीड़ जुट गई।