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Gorakhpur News: एम्स में जल्द शुरू होगी अत्याधुनिक जेनेटिक प्रयोगशाला
Fri, 19 Jun 2026 01:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:58 AM IST
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गोरखपुर। एम्स में जुलाई-अगस्त तक अत्याधुनिक जेनेटिक (अनुवांशिक) प्रयोगशाला शुरू होने की उम्मीद है। संस्थान की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता की पहल पर इस महत्वपूर्ण प्रयोगशाला को स्वीकृति मिल गई है। इसके शुरू होने से पूर्वांचल, बिहार और नेपाल के तराई क्षेत्र के हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
वर्तमान में अनुवांशिक रोगों की जांच के लिए मरीजों को लखनऊ, दिल्ली या निजी संस्थानों का सहारा लेना पड़ता है, जहां जांच में अधिक खर्च के साथ समय भी बहुत अधिक लगता है। नई प्रयोगशाला के शुरू होने से क्षेत्रीय स्तर पर ही आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। प्रयोगशाला में कैरियोटाइपिंग, डीएनए परीक्षण, जीन अनुक्रमण, नेक्स्ट जेनरेशन सीक्वेंसिंग (एनजीएस), पीसीआर व फिश जैसी अत्याधुनिक जांचें की जाएंगी।
इन तकनीकों की मदद से डाउन सिंड्रोम, सिकल सेल रोग, थैलेसीमिया, जन्मजात विकार, बांझपन, बार-बार गर्भपात व विभिन्न प्रकार के कैंसर से जुड़े अनुवांशिक रोगों की समय रहते पहचान संभव होगी। गर्भस्थ शिशु और नवजातों में संभावित अनुवांशिक बीमारियों का प्रारंभिक चरण में निदान होने से समय पर उपचार शुरू किया जा सकेगा, जिससे रोगियों के स्वास्थ्य परिणाम बेहतर होंगे।
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वर्तमान में अनुवांशिक रोगों की जांच के लिए मरीजों को लखनऊ, दिल्ली या निजी संस्थानों का सहारा लेना पड़ता है, जहां जांच में अधिक खर्च के साथ समय भी बहुत अधिक लगता है। नई प्रयोगशाला के शुरू होने से क्षेत्रीय स्तर पर ही आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। प्रयोगशाला में कैरियोटाइपिंग, डीएनए परीक्षण, जीन अनुक्रमण, नेक्स्ट जेनरेशन सीक्वेंसिंग (एनजीएस), पीसीआर व फिश जैसी अत्याधुनिक जांचें की जाएंगी।
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इन तकनीकों की मदद से डाउन सिंड्रोम, सिकल सेल रोग, थैलेसीमिया, जन्मजात विकार, बांझपन, बार-बार गर्भपात व विभिन्न प्रकार के कैंसर से जुड़े अनुवांशिक रोगों की समय रहते पहचान संभव होगी। गर्भस्थ शिशु और नवजातों में संभावित अनुवांशिक बीमारियों का प्रारंभिक चरण में निदान होने से समय पर उपचार शुरू किया जा सकेगा, जिससे रोगियों के स्वास्थ्य परिणाम बेहतर होंगे।
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