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सफल जीवन के लिए आध्यामिकता की जरूरत : नगर आयुक्त
Tue, 27 Feb 2024 02:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 27 Feb 2024 02:13 AM IST
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डीडीयू के संवाद में भवन में ''''सिद्धांत केंद्रित नेतृत्व'''' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन में सोमवार को इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलोजी द्वारा ''''सिद्धांत केंद्रित नेतृत्व'''' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन इस्कॉन के सहयोग से किया गया जो दो सत्रों में हुई। उद्घाटन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने नेतृत्वकर्ता के विशिष्ट सात गुणों के बारे में अवगत कराया। विशिष्ट अतिथि नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि सफल जीवन के लिए आध्यामिकता की जरूरत है। उन्होंने छात्रों को संघर्ष के प्रति जागरूक किया।
मुख्य वक्ता इस्कॉन के प्रिय गोविन्द दास ने आदतों के प्रभाव के बारे में बहुत ही रोचक व्याख्यान दिया। बताया कि कैसे बुरी आदतें मुसीबत बन जाती हैं एवं किस प्रकार इससे छुटकारा पाया जा सकता है। संगोष्ठी के प्रारंभ में प्रो. उमेश यादव, निदेशक अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान ने विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों में अवसाद के कारणों एवं इसके निवारण के बारे में चर्चा की।
अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलोजी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. रवि शंकर सिंह ने किया। संचालन राजीव रंजन कुमार त्रिपाठी एवं धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. नरेन्द्र यादव ने किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन में सोमवार को इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलोजी द्वारा ''''सिद्धांत केंद्रित नेतृत्व'''' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन इस्कॉन के सहयोग से किया गया जो दो सत्रों में हुई। उद्घाटन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने नेतृत्वकर्ता के विशिष्ट सात गुणों के बारे में अवगत कराया। विशिष्ट अतिथि नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि सफल जीवन के लिए आध्यामिकता की जरूरत है। उन्होंने छात्रों को संघर्ष के प्रति जागरूक किया।
मुख्य वक्ता इस्कॉन के प्रिय गोविन्द दास ने आदतों के प्रभाव के बारे में बहुत ही रोचक व्याख्यान दिया। बताया कि कैसे बुरी आदतें मुसीबत बन जाती हैं एवं किस प्रकार इससे छुटकारा पाया जा सकता है। संगोष्ठी के प्रारंभ में प्रो. उमेश यादव, निदेशक अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान ने विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों में अवसाद के कारणों एवं इसके निवारण के बारे में चर्चा की।
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अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलोजी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. रवि शंकर सिंह ने किया। संचालन राजीव रंजन कुमार त्रिपाठी एवं धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. नरेन्द्र यादव ने किया।
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