{"_id":"5fc5db918ebc3e9b97751771","slug":"small-scale-industry-bharti-online-webinar-orgnised-team-demanded-ban-on-export-of-raw-materials-from-government","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लघु उद्योग भारती की प्रदेश स्तर की बैठक में सदस्यों ने की ये मांग, कहा- कच्चे माल के निर्यात पर तत्काल रोक लगाए सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लघु उद्योग भारती की प्रदेश स्तर की बैठक में सदस्यों ने की ये मांग, कहा- कच्चे माल के निर्यात पर तत्काल रोक लगाए सरकार
Tue, 01 Dec 2020 01:14 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 01 Dec 2020 01:14 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लघु उद्योग भारती की प्रदेश स्तर की एक बैठक ऑनलाइन वेबिनार के माध्यम से 'धातु उद्योग में अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि' विषय पर हुई। जिसमें लघु उद्योग भारती के प्रदेश भर से धातु उद्योग से जुड़े सदस्यों ने विस्तार से चर्चा की।
गोरखपुर इकाई के अध्यक्ष दीपक कारीवाल ने बताया कि कोरोना काल के दौरान कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते इकाईयों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कई इकाइयों में ताला लगने जैसी नौबत आ गई है। लोहा, स्टील, एल्युमिनियम, पिग आयरन सहित धातुओं में 30 फीसदी तक की वृद्धि हुई है।
दीपक कारीवाल ने बताया कि धातुओं के दाम बढ़ने से उससे निर्मित उत्पादों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। जैसे कि स्टेनलेस स्टील, माइल्ड स्टील, पिग आयरन, सरिया, एंगल, चैनल, पीतल, तांबा, ब्रास की कीमत 30 फीसदी तक बढ़ गई है। दीपक कारीवाल के अनुसार यदि यही स्थिति रही तो कई एमएसएमई उद्योगों में ताला लग जाएगा। अतः केंद्र सरकार से धातु के कच्चे माल के निर्यात पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने की मांग की।
विज्ञापन
काशी प्रांत अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि कच्चे माल में इस समय स्पंज आयरन, माइल्ड स्टील व कच्चा लोहा की किल्लत सर्वाधिक है। लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष दीना नाथ बरनवाल ने बताया कि दो माह में कच्ची धातु का मूल्य 10 से 30 फीसदी तक बढ़ गया है। उत्पाद तैयार करने के बाद औसत 15 फीसदी का मार्जिन होता है लेकिन कच्चे माल का दाम 30 फीसदी बढ़ गया है।
विज्ञापन
गोरखपुर इकाई के अध्यक्ष दीपक कारीवाल ने बताया कि कोरोना काल के दौरान कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते इकाईयों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कई इकाइयों में ताला लगने जैसी नौबत आ गई है। लोहा, स्टील, एल्युमिनियम, पिग आयरन सहित धातुओं में 30 फीसदी तक की वृद्धि हुई है।
विज्ञापन
दीपक कारीवाल ने बताया कि धातुओं के दाम बढ़ने से उससे निर्मित उत्पादों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। जैसे कि स्टेनलेस स्टील, माइल्ड स्टील, पिग आयरन, सरिया, एंगल, चैनल, पीतल, तांबा, ब्रास की कीमत 30 फीसदी तक बढ़ गई है। दीपक कारीवाल के अनुसार यदि यही स्थिति रही तो कई एमएसएमई उद्योगों में ताला लग जाएगा। अतः केंद्र सरकार से धातु के कच्चे माल के निर्यात पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने की मांग की।
विज्ञापन
काशी प्रांत अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि कच्चे माल में इस समय स्पंज आयरन, माइल्ड स्टील व कच्चा लोहा की किल्लत सर्वाधिक है। लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष दीना नाथ बरनवाल ने बताया कि दो माह में कच्ची धातु का मूल्य 10 से 30 फीसदी तक बढ़ गया है। उत्पाद तैयार करने के बाद औसत 15 फीसदी का मार्जिन होता है लेकिन कच्चे माल का दाम 30 फीसदी बढ़ गया है।
भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि पुराने दाम पर ऑर्डर लिया था, जबकि अब उत्पाद बनाने का खर्च बढ़ गया है। जिससे ऑर्डर का माल सप्लाई करने में परेशानी हो रही है। गुलजारी लाल गुप्ता ने बताया कि माइल्ड स्टील के दाम में आठ से 10 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। उद्यमियों को उत्पाद बनाने में दिक्कत हो रही है। करीब 75 फीसदी उद्यमियों पर इसका असर पड़ा है। यही स्थिति रही तो ज्यादातर इकाईयां बंद हो जाएंगी।
कच्चे लोहे की कीमत पहले 40 से 45 रुपये किलो था वह अब 55 से 60 रुपये किलो हो गया है। स्टेनलेस स्टील के दाम 140 से 159 रुपये के स्थान पर 200 रुपये किलो तक बढ़ गए हैं। एल्यूमीनियम के दाम 80 से 100 रुपये की बजाय अब 120 से 140 रुपये प्रति किलो है। ब्रास की कीमत 360 से बढ़कर 450 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कॉपर के दाम 450 रुपये से बढ़कर 575 रुपये प्रति किलो तक आ गए हैं।
अंत मे निर्णय लिया गया कि प्रदेश स्तर से विभिन्न उपायों सहित एक मांग पत्र बनाकर केंद्र सरकार से अप्रत्याशित वृद्धि पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष जनक भाटिया ने की। गोरखपुर से इस बैठक में लोहा व्यवसाय से जुड़े उद्यमी सदस्य अम्बरीश अग्रवाल और शरद खंडेलवाल ने भाग लिया।
कच्चे लोहे की कीमत पहले 40 से 45 रुपये किलो था वह अब 55 से 60 रुपये किलो हो गया है। स्टेनलेस स्टील के दाम 140 से 159 रुपये के स्थान पर 200 रुपये किलो तक बढ़ गए हैं। एल्यूमीनियम के दाम 80 से 100 रुपये की बजाय अब 120 से 140 रुपये प्रति किलो है। ब्रास की कीमत 360 से बढ़कर 450 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कॉपर के दाम 450 रुपये से बढ़कर 575 रुपये प्रति किलो तक आ गए हैं।
अंत मे निर्णय लिया गया कि प्रदेश स्तर से विभिन्न उपायों सहित एक मांग पत्र बनाकर केंद्र सरकार से अप्रत्याशित वृद्धि पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष जनक भाटिया ने की। गोरखपुर से इस बैठक में लोहा व्यवसाय से जुड़े उद्यमी सदस्य अम्बरीश अग्रवाल और शरद खंडेलवाल ने भाग लिया।