पिता जिंदा थे तो फिक्र नहीं की, मरने के बाद निभा रहे पुत्र धर्म
- गुलरिहा इलाके में बेटों की उपेक्षा से आहत बुजुर्ग ने कर ली थी खुदकुशी
- बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि, अब मां का भरण-पोषण मिलकर करेंगे पांचों भाई
विस्तार
गोरखपुर में बीते शनिवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। पांच बेटे थे, लेकिन उन्होंने माता-पिता की चिंता नहीं की। आहत होकर पिता ने शनिवार को खुदकुशी कर ली तो अब सभी पुत्र धर्म निभा रहे हैं। बड़े बेटे रूदल ने रविवार को पिता को मुखाग्नि दी। यह भी तय किया है कि सभी मिलकर मां का भरण-पोषण करेंगे। वह जिसके साथ रहना चाहेंगी रहेंगी। अन्य बेटे मिलकर उनका बराबर का खर्च देंगे।
जानकारी के अनुसार, गुलरिहा के मंगलपुर गांव निवासी बदरी (65) पत्नी घुनगी देवी के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकान में रहते थे। उनके पांच बेटे रूदल, आल्हा, मलखा, महोबी व गोली अपने-अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं।
बेटों ने आपस में तय किया था कि सभी बेटे क्रमश: एक-एक महीने माता का भरण पोषण करेंगे। शुक्रवार रात किसी भी बेटे के यहां से भोजन नहीं मिला। बाद में बेटों में इस संबंध में कहासुनी हो गई। इससे नाराज होकर बदरी घर से निकल गए। उन्हें खोजने पत्नी घुनगी देवी गईं।
शनिवार सुबह गांव वालों ने बदरी का शव पेड़ के फंदे से लटका देखा। उधर, उनकी पत्नी सुबह घर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह पति को ढूंढने निकली थीं। रातभर उन्हें खोजती रहीं, लेकिन वह नहीं मिले। उधर, बेटे आल्हा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके पिता मानसिक रूप से बीमार थे। वे पहले भी कई बार घर से नाराज होकर चले गए थे। बेटों का कहना है कि डिप्रेशन में आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।
इस संबंध में चौकी इंचार्ज धनंजय सिंह ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुदकुशी की पुष्टि हुई है। बेटों को हिदायत दी गई है कि वे मां का सही से देखभाल करें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। अन्य बिंदुओं पर जांच की जा रही है।