Exclusive: गाड़ियों के धुएं से नहीं निकलेंगे कार्बन-सल्फर, चैंबर में ही बन जाएगी स्याही
गाड़ियों में फिल्टर की जगह इस डिवाइस को लगाया जाएगा, इसमें भी एक केमिकल युक्त फिल्टर है। जो जहरीले पदार्थ कार्बन डाई आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड, सल्फर डाई आक्साइड को ब्रेक कर देता है। धुएं के साथ ऑक्सीजन और नाइट्रोजन बाहर आ जाता है। जबकि, कार्बन, सल्फर आदि तत्व को रोक लेता है।
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गोरखपुर जिले में राप्तीनगर के युवा वैज्ञानिक शिवम पांडेय ने एक ऐसी फिल्टर युक्त डिवाइस तैयार की है, जिसे गाड़ियों में लगाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले जहरीले तत्व कार्बन, सल्फर आदि धुएं के साथ बाहर नहीं निकलेंगे, चैंबर में ही रह जाएंगे। ऑक्सीजन और नाइट्रोजन बाहर आ जाएगा।
जहरीले तत्वों को एकत्र करके स्याही बनाई जाएगी। शिवम ने अपनी तकनीक को न सिर्फ भारत सरकार से पेटेंट कराया है, बल्कि अब ओरक्षा में फैक्टरी भी लगा रहे हैं। दुबई के मिराज ट्रांसपोर्टर के संचालक ने दस ट्रकों में इस डिवाइस के सफल प्रयोग के बाद 900 डिवाइस का ऑर्डर दिया है।
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राप्तीनगर निवासी कृषि विभाग के कर्मचारी गिरिजेश पांडेय के बेटे शिवम ने चार साल पहले 10वीं कक्षा में ही मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से जुड़कर रिसर्च शुरू कर दिया था। उन्होंने शहर के लिटिल फ्लावर स्कूल से कक्षा 12 वीं की पढ़ाई करने के बाद हिमाचल गढ़वाल यूनिवर्सिटी, देहरादून से बीटेक में पेट्रोलियम साइंस एंड एनर्जी ब्रांच से डिग्री हासिल की। शिवम इसके पहले प्लास्टिक से पेट्रोल बनाने की तकनीक ईजाद कर चुके हैं और पुणे में फैक्टरी लगाई है। इससे देश के गई बड़ी कंपनियों को पेट्रोल की सप्लाई भी कर रहे हैं।
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अब उन्होंने पर्यावरण को बढ़ते खतरे को देखते हुए अपना नया शोध किया है। शिवम बताते हैं-पूरे देश में पर्यावरण प्रदूषण खतरनाक स्तर पार कर गया है। विशेषज्ञों ने तमाम अध्ययन के बाद यह पाया है गया कि इसकी बड़ी वजह गाड़ियाें और जेनरेटर के धुंए से निकलने वाले खतरनाक रासायनिक तत्व हैं।
इसके बाद से ही उन्हें इस विषय पर शोध शुरू करने का विचार मन में आया। अब दो साल की कड़ी मेहनत के बाद कामयाबी हासिल कर ली। शिवम ने बताया कि दुबई की ट्रांसपोर्ट कंपनी ने ट्रायल के तौर पर 10 डिवाइस लिए थे, करीब छह से सात महीने हो गए हैं डिवाइस के इस्तेमाल से कंपनी संतुष्ट है। अब वे भारत सरकार के पास अपना प्रोजेक्ट भेजेंगे।
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लागत दोगुनी पर डिवाइस की उम्र ज्यादा
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ऐसे काम करेगा डिवाइस
गाड़ियों में फिल्टर की जगह इस डिवाइस को लगाया जाएगा, इसमें भी एक केमिकल युक्त फिल्टर है। जो जहरीले पदार्थ कार्बन डाई आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड, सल्फर डाई आक्साइड को ब्रेक कर देता है। धुएं के साथ ऑक्सीजन और नाइट्रोजन बाहर आ जाता है। जबकि, कार्बन, सल्फर आदि तत्व को रोक लेता है।