गोरखपुर बरगदवां ओवरब्रिज: ट्रैफिक के डायवर्जन का हो इंतजाम...तभी आगे बढ़ेगा ओवरब्रिज का काम
सेतु निगम प्रोजेक्ट मैनेजर एके सिंह ने कहा कि बरगदवां नकहा ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। रेलवे गेट से बरगदवां तिराहे तक जो भी मकान और दुकानें इसकी जद में आ रही हैं, उन्हें हटाया जा रहा है।
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गोरखपुर शहर में बरगदवां-नकहां ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के पूरा होने में अभी वक्त लगेगा। बरगदवां तिराहे से रेलवे क्राॅसिंग तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस रूट पर गाड़ियों की आवाजाही इतनी ज्यादा है कि काम कराने में बाधा आ रही है। इसे देखते हुए सेतु निगम के अधिकारी अब ट्रैफिक डायवर्जन का विकल्प तलाश रहे हैं।
छोटी व बड़ी गाड़ियों को अलग-अलग रास्तों से गुजारने की योजना तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैफिक डायवर्ट होने के बाद तेजी से काम पूरा कराया जाएगा। अगर ये दावे सही भी हो जाएं, तब भी करीब एक साल का समय लग जाएगा, तब तक लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ेंगी।
गोरखपुर-नौतनवां रेल खंड के नकहां रेलवे स्टेशन के पास ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जनवरी 2022 में शुरू हुआ था। इसका काम पूरा कराने का लक्ष्य दिसंबर 2023 के अंत तक रखा गया है, लेकिन अभी आधा अधूरा काम हो सका है। भगवानपुर की ओर से खाद कारखाने की तरफ जाने के लिए ओवरब्रिज के पिलर बन चुके हैं। छत की ढलाई का काम चल रहा है।
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सोमवार की दोपहर 01:35 बजे ओवरब्रिज में गर्डर लगाने के लिए मजदूर सरिया की वेल्डिंग करते मिले। मजदूरों ने कहा कि इस तरफ तो काम चल रहा है। लेकिन बरगदवां की ओर से काम करने में देरी होगी। यहां से गुजर रहे भगवानपुर के केशव ने बताया कि निर्माण कार्य तो काफी दिन से चल रहा है। लेकिन अभी लग रहा है कि कम से कम एक साल लगेगा।
बरगदवां से लेकर स्पोर्ट्स कॉलेज तक यातायात का दबाव
बरगदवां से लेकर स्पोर्ट्स कॉलेज रोड पर यातायात का दबाव रहता है। नकहां रेलवे स्टेशन पर सीमेंट, खाद और कोयले की रेक आती है। इससे ट्रकों की आवाजाही होती रहती है। वहीं, खाद कारखाना के कर्मचारियों की आवाजाही भी होती है। खाद कारखाना परिसर में केंद्रीय विद्यालय है, जबकि क्षेत्र में कई अन्य कॉलेज हैं।
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रेलवे गेट से होकर भगवानपुर, जप्ती, बरगदवां के अलावा राप्ती नगर, करीम नगर सहित दर्जनों जगहों के लोग आवाजाही करते हैं। पीपीगंज की तरफ से आने वाले लोग इसी रास्ते से मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रूट पर दिन में काफी भीड़ होती है। यदि किसी को अंदाजा लगाना हो तो रेलवे ढाला बंद होने पर आ जाए। बरगदवां से लेकर खाद कारखाना मोड़ तक जाम लगता है। 24 घंटे में 20 से 25 बार रेलवे गेट खुलता और बंद होता है।
ट्रैफिक डायवर्जन का नहीं मिल रहा विकल्प
सेतु निगम से जुड़े लोगों का कहना है कि खाद कारखाना की ओर ओवरब्रिज के निर्माण में कोई दिक्कत नहीं आई है। लेकिन बरगदवां तिराहे से रेलवे गेट तक काम शुरू कराने में ट्रैफिक डायवर्जन की अचड़न आ रही है। अभी दोनों मकानों को तोड़ा जा रहा हैं। तेजी से काम कराने के लिए यातायात को दूसरी तरफ से मोड़ना पड़ेगा। लेकिन इसका कोई विकल्प नहीं मिल पा रहा है।
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छोटी गाड़ियों से जैसे कार, जीप और बाइक आदि को औद्योगिक क्षेत्र की ओर से गोरखनाथ से स्पोर्ट्स कॉलेज की मोड़ा जा सकता है। लेकिन भारी वाहनों को दिन में ले जाने में दिक्कत आएगी। इसके अलावा स्थानीय लोगों के आने-जाने के लिए कोई आसान राह नहीं मिल पा रही है। इस समस्या के समाधान के लिए सेतु निगम के अधिकारी मंथन कर रहे हैं।
सिक्सलेन फ्लाईओवर निर्माण के लिए बदला बड़े वाहनों का रूट
नौसड़ से लेकर पैडलेगंज तक बन रहे सिक्सलेन रोड पर फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है। काम को तेजी से पूरा कराने के लिए इस रूट पर बड़े वाहनों का डायवर्जन कर दिया गया है। पैडलेगंज की ओर से टीपी नगर की ओर जाने वाली बसों सहित अन्य बड़े वाहनों को अमर उजाला तिराहा से देवरिया बाईपास होते हुए जंगल सिकरी के रास्ते फोरलेन हाईवे पर मोड़ दिया जा रहा है। टीपी नगर से लेकर पैडलेगंज के बीच सिर्फ छोटे वाहनों और स्कूली बसों को आवागमन की अनुमति दी गई है।
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सोमवार की दोपहर 01:55 बजे अमर उजाला तिराहे पर मौजूद पुलिस व ट्रैफिक सिपाही पैडलेगंज की ओर से आने वाली रोडवेज की बसों को देवरिया बाईपास मोड़ रहे थे। ट्रैफिक सिपाही ने बताया कि निर्माण कार्य की वजह से जाम लग रहा था। इस समस्या को देखते हुए रूट डायवर्जन किया जा रहा है।
बरगदवां से लेकर रेलवे गेट तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है। कुछ दिन पहले अधिकारी आए थे। बोले कि जल्द ही पिलर बनाया जाएगा। इसकी जद में आने वाला निर्माण लोग खुद ही तोड़ रहे हैं। - जगत नारायण जायसवाल, जप्ती।
इस रोड पर यातायात का भारी दबाव रहता है। रात में ट्रकों की लाइन लग जाती है। निर्माण में जितना विलंब होगा, स्थानीय लोगों को उतनी ही परेशानी उठानी पड़ेगी। - प्रवीण कुमार, बरगदवां।
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ओवरब्रिज बनने के बाद गेट होने पर लगने वाले जाम से राहत मिल जाएगी। लेकिन अभी तो काम ही नहीं शुरू हुआ है। हम लोगों को दिन में कई बार आना-जाना पड़ता है। इसलिए पहले सर्विस लेन ही बना दिया जाए। - सुरेश, राहगीर।
खाद कारखाना की ओर से काम चल रहा है। लेकिन बरगदवां की तरफ कोई काम नहीं हो रहा है। काम पूरा होने में कम से कम एक साल लगेगा। इतने समय के लिए अभी सांसत झेलनी पड़ेगी।- अमित, राहगीर
बरगदवां नकहा ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। रेलवे गेट से बरगदवां तिराहे तक जो भी मकान और दुकानें इसकी जद में आ रही हैं, उन्हें हटाया जा रहा है। - एके सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम।