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Exclusive: राप्ती-रोहिन नदी में रोज गिर रहा साढ़े सात करोड़ लीटर गंदा पानी, हाईकोर्ट ने की है तल्ख टिप्पणी

Fri, 29 Jul 2022 11:31 AM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
राजीव रंजन, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 29 Jul 2022 11:31 AM IST
सार

राप्ती और रोहिन नदी में शहर के 15 नालों का पानी गिरता है। इनमें से पांच नालों के गंदे पानी को बायोरिमेडिएशन विधि से शोधित किया जा रहा है, लेकिन 10 नालों के गंदे का फाइटो रिमेडिएशन विधि से शोधन का काम अधूरा है।

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Seven crore liters of dirty water falling daily in Rapti-Rohin river
रामगढ़ताल में गिर रहा गंदा पानी। - फोटो : अमर उजाला।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की हीलाहवाली वाली शैली के कारण जिले से बहने वाली नदियां राप्ती, आमी और रोहिन मैली हो रही हैं। रामगढ़ताल भी अछूता नहीं है। राप्ती व रोहिन नदी में रोजाना नालों का साढ़े सात करोड़ लीटर गंदा पानी जा रहा है। वहीं, रामगढ़ताल में 18 नालों का पानी सीधे गिर रहा है। उधर, जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं कि प्रदूषण रोकने के लिए प्रयास किया जा रहा है।



नमामि गंगे परियोजना में हीलाहवाली व गंगा नदी में प्रदूषण रोकने में नाकामी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जलनिगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और तल्ख टिप्पणी की है। इससे जिले में तैनात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण की जरूरी परियोजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकी हैं।

 

Seven crore liters of dirty water falling daily in Rapti-Rohin river
Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर से होकर बहने वाली राप्ती नदी को गंगा की सहायक नदी माना जाता है, लेकिन नदी में गंदे नालों को गिरने से रोकने के ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद भी शहर के 21 बड़े व 18 छोटे नालों का गंदा पानी राप्ती नदी के साथ रोहिन नदी और रामगढ़ताल में गिर रहा है।
 
रोज प्रदूषित हो रहीं नदियां
शहर में नालों की लंबाई करीब 61 किलोमीटर है। राप्ती नदी में प्रतिदिन करीब 55 मिलियन लीटर प्रदूषित पानी गिरता है। सबसे अधिक गंदगी सिविल लाइंस, कार्मल स्कूल, पुलिस लाइंस, धर्मशाला बाजार, जाफरा बाजार से इलाहीबाग तक जाने वाले नाले से होती है। इस नाले से 25 हजार से अधिक घरों का पानी राप्ती नदी में पहुंचता है। यही हाल रोहिन नदी का भी है। रोहिन नदी राप्ती मिलती है और राप्ती नदी सरयू में जाकर विलीन होती है। सरयू आगे जाकर गंगा नदी में मिलती है। इस तरह रोहिन और राप्ती की गंदगी गंगा तक पहुंच रही है।

 

Seven crore liters of dirty water falling daily in Rapti-Rohin river
नाले का गंदा पानी। - फोटो : अमर उजाला।

नालों के पानी का शोधन अधूरा
राप्ती और रोहिन नदी में शहर के 15 नालों का पानी गिरता है। इनमें से पांच नालों के गंदे पानी को बायोरिमेडिएशन विधि से शोधित किया जा रहा है, लेकिन 10 नालों के गंदे का फाइटो रिमेडिएशन विधि से शोधन का काम अधूरा है।

रामगढ़ताल में गिरने वाले नाले

  • रामगढ़ताल में गिरने वाले नालों की संख्या- 24 (डिस्चार्ज- 43.82 एमएलडी)
  • एसटीपी में टैप किए गए नालों की संख्या - 06 (डिस्चार्ज - 37 एमएलडी)
  • जलनिगम द्वारा टैप किए जा रहे नालों की संख्या- 07 (डिस्चार्ज- 5.46 एमएलडी)
  • बायोरिमेडिएशन से शोधित किए जा रहे नालों की संख्या- 18 (डिस्चार्ज- 6.82 एमएलडी)


 

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Seven crore liters of dirty water falling daily in Rapti-Rohin river
राप्ती नदी। - फोटो : अमर उजाला।

राप्ती नदी में गिर रहे नाले

  • राप्ती नदी में गिर रहे नालों की संख्या- 09 (डिस्चार्ज 49.97 एमएलडी)
  • बायोरिमेडिएशन से शोधित किए जा रहे नालों की संख्या- 03 (डिस्चार्ज- 38.55 एमएलडी)

रोहिन नदी में गिर रहे नाले

  • रोहिन नदी में गिर रहे नालों की संख्या- 06 (डिस्चार्ज 27.01 एमएलडी)
  • बायोरिमेडिएशन से शोधित किए जा रहे नालों की संख्या 02 (डिस्चार्ज- 14 एमएलडी)


 

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Seven crore liters of dirty water falling daily in Rapti-Rohin river
राप्ती नदी। - फोटो : अमर उजाला

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी पंकज यादव ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगातार काम किया जा रहा है। आमी नदी में गिर रहे उद्योगों के दूषित पानी के शोधन के कॉमन इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) की स्वीकृति अंतिम चरण में है। रामगढ़ताल में गिरने वाले अधिकतर नालों को टैप किया जा चुका है। जो बचे हैं, उनको टैप करने का काम अंतिम चरण में है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। इसे राप्ती और रोहिन नदी में गिरने वाले नालों के गंदे पानी के शोधन के लिए लगाया जाएगा। शहर में हवा की गुणवत्ता पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है।

 

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