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Gorakhpur: एसडीएम व तहसीलदार को फील्ड में लगानी पड़ेगी दौड़, डीएम खुद करेंगे निगरानी
Tue, 24 May 2022 12:36 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 24 May 2022 12:36 PM IST
सार
स्टांप कमी, ओवरलोडिंग और अवैध खनन जांचेंगे, लक्ष्य तय। शराब की दुकानों, विद्यालयों, सीएचसी व पीएचसी का भी करेंगे निरीक्षण। डीएम ने सौंपी जिम्मेदारी, हर महीने देनी होगी रिपोर्ट, क्रास चेकिंग में गड़बड़ी पर तय होगी जवाबदेही।
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गोरखपुर डीएम विजय किरन आनंद।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
सभी एसडीएम-तहसीलदार को अब कार्यालय के साथ ही फील्ड में भी सक्रियता बढ़ानी पड़ेगी। डीएम विजय किरन आनंद, इसकी खुद निगरानी करेंगे। लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय होगी।
डीएम ने दोनों अफसरों की फील्ड की जिम्मेदारी तय करते हुए निर्देश दिए हैं कि उन्हें हर माह अपनी-अपनी तहसीलों के 10-10 बड़े बैनामों का स्थलीय निरीक्षण करना होगा ताकि स्टांप कमी के मामले पकड़े जा सकें। इसके लिए उन्हें निबंधन कार्यालय से संपर्क कर संबंधित बैनामा प्राप्त करने होंगे। स्टांप कमी मिलने पर उसकी रिपोर्ट डीएम को देनी होगी।
इसी तरह सभी एसडीएम-तहसीलदार को अपने कार्यक्षेत्र में ओवरलोडिंग, क्षेत्र में चल रहे खनन क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करने के साथ ही अवैध खनन पर रोक लगानी होगी। ऐसे 10 स्पॉट के निरीक्षण की मयफोटो रिपोर्ट डीएम को देनी होगी। यही नहीं एसडीएम को हर महीने तहसील क्षेत्र की शराब की पांच दुकानों का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही कच्ची शराब के खिलाफ भी कार्रवाई करनी होगी।
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शराब भट्ठियां संचालित करने वालों पर एफआईआर दर्ज करानी होगी। इन्हें नगर पंचायत, तहसील क्षेत्र के पांच प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, सीएचसी, पीएचसी का भी निरीक्षण करना होगा। कोटे की दुकानों व मंडियों का भी निरीक्षण कर रिपोर्ट देनी होगी। यही नहीं निरीक्षण वाली जगहों का डीएम भी औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान लापरवाही मिली तो जवाबदेही तय होगी।
डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि अवैध कार्यों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए एसडीएम-तहसीलदार को प्रवर्तन कार्य बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बैनामों का स्थलीय सत्यापन, अवैध खनन, कच्ची शराब, सीएचसी, पीएचसी, प्राथमिक विद्यालयों के निरीक्षण का लक्ष्य तय किया गया है। सभी को निरीक्षण रिपोर्ट भी देनी होगी।
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डीएम ने दोनों अफसरों की फील्ड की जिम्मेदारी तय करते हुए निर्देश दिए हैं कि उन्हें हर माह अपनी-अपनी तहसीलों के 10-10 बड़े बैनामों का स्थलीय निरीक्षण करना होगा ताकि स्टांप कमी के मामले पकड़े जा सकें। इसके लिए उन्हें निबंधन कार्यालय से संपर्क कर संबंधित बैनामा प्राप्त करने होंगे। स्टांप कमी मिलने पर उसकी रिपोर्ट डीएम को देनी होगी।
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इसी तरह सभी एसडीएम-तहसीलदार को अपने कार्यक्षेत्र में ओवरलोडिंग, क्षेत्र में चल रहे खनन क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करने के साथ ही अवैध खनन पर रोक लगानी होगी। ऐसे 10 स्पॉट के निरीक्षण की मयफोटो रिपोर्ट डीएम को देनी होगी। यही नहीं एसडीएम को हर महीने तहसील क्षेत्र की शराब की पांच दुकानों का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही कच्ची शराब के खिलाफ भी कार्रवाई करनी होगी।
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शराब भट्ठियां संचालित करने वालों पर एफआईआर दर्ज करानी होगी। इन्हें नगर पंचायत, तहसील क्षेत्र के पांच प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, सीएचसी, पीएचसी का भी निरीक्षण करना होगा। कोटे की दुकानों व मंडियों का भी निरीक्षण कर रिपोर्ट देनी होगी। यही नहीं निरीक्षण वाली जगहों का डीएम भी औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान लापरवाही मिली तो जवाबदेही तय होगी।
डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि अवैध कार्यों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए एसडीएम-तहसीलदार को प्रवर्तन कार्य बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बैनामों का स्थलीय सत्यापन, अवैध खनन, कच्ची शराब, सीएचसी, पीएचसी, प्राथमिक विद्यालयों के निरीक्षण का लक्ष्य तय किया गया है। सभी को निरीक्षण रिपोर्ट भी देनी होगी।