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Gorakhpur News: संशोधित..सालों से बे-रोकटोक चलता रहा... अब बैंक रोड से बंद होगा ''कैश बाजार''
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गोरखपुर। बैंक रोड स्थित एसबीआई मुख्य शाखा के सामने से कैश बाजार पूरी तरह से बंद होगा। सालों से बे-रोकटोक चलने वाले इस अवैध बाजार को बंद कराने के लिए एसबीआई की ओर से नगर निगम को पत्र लिखा गया है। नगर निगम ने पत्र का संज्ञान लेकर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। मामले में एसएसपी से भी शिकायत की जाएगी ताकि अवैध तरीके से नोटों की गड्डियों का कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की मुख्य शाखा के सामने वर्षों से सड़क किनारे नए नोटों का कारोबार होता है। इसमें अधिकतर अवैध रूप से काम करते हैं। बैंक प्रबंधन ने नगर निगम को पत्र भेजकर सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर संचालित हो रही इन अस्थायी दुकानों को हटाने की मांग की है। बैंक का कहना है कि इन दुकानों के कारण न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि बैंक की साख पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
मुख्य शाखा के ठीक सामने सड़क किनारे टेबल और कुर्सी लगाकर नए नोटों की गड्डियां सजाकर अवैध रूप से धंधा कई लोग चला रहे हैं। कभी-कभार कार्रवाई भी हुई तो कुछ दिन बाद दुकानें सज गईं। गोरखपुर के साथ आसपास के जिलों से भी लोग यहां आकर नए नोट ले जाते हैं। इसके बदले उन्हें हर नोट की गड्डी के बदले अधिक रुपये देने होते हैं। जैसे 10 रुपये की गड्डी के लिए 1400, 20 रुपये की गड्डी के लिए 2500 रुपये देने पड़ते हैं। इसी तरह 100, 200 और 500 रुपये के लिए भी अधिक रकम देनी पड़ती है। सहालग में कीमत मुंहमांगी हो जाती है।
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बैंक खुलने से पहले ही सज जाता है बाजार
सुबह बैंक खुलने के साथ ही सड़क किनारे दुकानें सज जाती हैं। शाम तक यहां नोट लेने वालों की भीड़ लगी रहती है। इससे बैंक के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने अव्यवस्था की स्थिति पैदा होती है। कई बार वाहन सड़क पर ही खड़े हो जाते हैं, जिससे जाम जैसी स्थिति बन जाती है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि बैंक परिसर के बाहर इस तरह नकदी का खुलेआम लेन-देन सुरक्षा की दृष्टि से भी उचित नहीं है।
बैंक की छवि हो रही प्रभावित
बैंक अधिकारियों का मानना है कि सड़क पर बैठकर नकदी का काम करने वाले लोगों को देखकर कई ग्राहक यह समझते हैं कि यह व्यवस्था बैंक की ओर से संचालित है, जबकि इन दुकानों का बैंक से कोई संबंध नहीं है। इससे बैंक की छवि प्रभावित हो रही है।
पत्र मिला है, कार्रवाई होगी
एसबीआई की ओर से पत्र मिला है। अभियान चलाकर बैंक रोड से अतिक्रमण हटवाया जाएगा। दोबारा अतिक्रमण पर अवैध दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
- अतुल कुमार, नगर आयुक्त
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भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की मुख्य शाखा के सामने वर्षों से सड़क किनारे नए नोटों का कारोबार होता है। इसमें अधिकतर अवैध रूप से काम करते हैं। बैंक प्रबंधन ने नगर निगम को पत्र भेजकर सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर संचालित हो रही इन अस्थायी दुकानों को हटाने की मांग की है। बैंक का कहना है कि इन दुकानों के कारण न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि बैंक की साख पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
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मुख्य शाखा के ठीक सामने सड़क किनारे टेबल और कुर्सी लगाकर नए नोटों की गड्डियां सजाकर अवैध रूप से धंधा कई लोग चला रहे हैं। कभी-कभार कार्रवाई भी हुई तो कुछ दिन बाद दुकानें सज गईं। गोरखपुर के साथ आसपास के जिलों से भी लोग यहां आकर नए नोट ले जाते हैं। इसके बदले उन्हें हर नोट की गड्डी के बदले अधिक रुपये देने होते हैं। जैसे 10 रुपये की गड्डी के लिए 1400, 20 रुपये की गड्डी के लिए 2500 रुपये देने पड़ते हैं। इसी तरह 100, 200 और 500 रुपये के लिए भी अधिक रकम देनी पड़ती है। सहालग में कीमत मुंहमांगी हो जाती है।
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बैंक खुलने से पहले ही सज जाता है बाजार
सुबह बैंक खुलने के साथ ही सड़क किनारे दुकानें सज जाती हैं। शाम तक यहां नोट लेने वालों की भीड़ लगी रहती है। इससे बैंक के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने अव्यवस्था की स्थिति पैदा होती है। कई बार वाहन सड़क पर ही खड़े हो जाते हैं, जिससे जाम जैसी स्थिति बन जाती है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि बैंक परिसर के बाहर इस तरह नकदी का खुलेआम लेन-देन सुरक्षा की दृष्टि से भी उचित नहीं है।
बैंक की छवि हो रही प्रभावित
बैंक अधिकारियों का मानना है कि सड़क पर बैठकर नकदी का काम करने वाले लोगों को देखकर कई ग्राहक यह समझते हैं कि यह व्यवस्था बैंक की ओर से संचालित है, जबकि इन दुकानों का बैंक से कोई संबंध नहीं है। इससे बैंक की छवि प्रभावित हो रही है।
पत्र मिला है, कार्रवाई होगी
एसबीआई की ओर से पत्र मिला है। अभियान चलाकर बैंक रोड से अतिक्रमण हटवाया जाएगा। दोबारा अतिक्रमण पर अवैध दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
- अतुल कुमार, नगर आयुक्त