{"_id":"6a8e0763c17c5eb8820f1b8f","slug":"sanskrit-is-not-just-a-language-it-is-a-vehicle-of-moral-values-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1429981-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: संस्कृत मात्र भाषा नहीं, नैतिक मूल्यों की संवाहिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: संस्कृत मात्र भाषा नहीं, नैतिक मूल्यों की संवाहिका
Wed, 26 Aug 2026 02:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 26 Aug 2026 02:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। संस्कृत और प्राकृत भाषा विभाग में संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। विभागाध्यक्ष व कला संकायाध्यक्ष प्रो. राजवंत राव ने कहा कि संस्कृत मात्र एक भाषा नहीं बल्कि नैतिक मूल्यों की संवाहिका है।
उन्होंने कहा कि संस्कृत एक परिवर्तनशील भाषा है और वर्तमान परिवेश की आवश्यकताओं के अनुरूप इसका अध्ययन महत्वपूर्ण है। संस्कृत के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों की समझ भी मिलती है।
विभागीय समन्वयक डॉ. देवेंद्र पाल ने संस्कृत अध्ययन की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत का ज्ञान विद्यार्थियों के बौद्धिक व सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विज्ञापन
व्याख्यान से पूर्व छात्र-छात्राओं के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और श्लोक वाचन प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने दोनों प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। इस दौरान छात्रा शगुन पांडेय, डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी सहित अन्य विभागों के शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि संस्कृत एक परिवर्तनशील भाषा है और वर्तमान परिवेश की आवश्यकताओं के अनुरूप इसका अध्ययन महत्वपूर्ण है। संस्कृत के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों की समझ भी मिलती है।
विज्ञापन
विभागीय समन्वयक डॉ. देवेंद्र पाल ने संस्कृत अध्ययन की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत का ज्ञान विद्यार्थियों के बौद्धिक व सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विज्ञापन
व्याख्यान से पूर्व छात्र-छात्राओं के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और श्लोक वाचन प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने दोनों प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। इस दौरान छात्रा शगुन पांडेय, डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी सहित अन्य विभागों के शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।