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Corona Alert: सैनिटाइज किए शव से नहीं होता संक्रमण, बस ये सावधानियां बरतें

Mon, 27 Jul 2020 04:58 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 27 Jul 2020 04:58 PM IST
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Sanitized dead body does not cause corona infection
कोरोना वायरस। - फोटो : पीटीआई

कोरोना संक्रमण से लगातार हो रही मौतों के बीच विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि सैनिटाइज किए गए शव से डरें नहीं, केवल सावधानी रखें। पहले कोरोना संक्रमित का दाह संस्कार कराने वाले डॉक्टर नंद कुमार ने बताया कि ब्लड प्रेशर, शुगर, सांस संबंधी बीमारियां, कैंसर की शिकायत वालों को कोरोना का ज्यादा खतरा है। अब तक ऐसे ही लोगों की मौत भी हुई है। 

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मौत के बाद जो लोग संक्रमित के परिजनों के प्रति व्यवहार बदल रहे हैं, यह ठीक नहीं है। अगर सावधानी से दाह संस्कार कराया जाए, तो खतरा बिल्कुल भी नहीं है।

उन्होंने कहा कि अब तक गोरखपुर में 39 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है। लेकिन कोई भी दाह संस्कार करने वाला कोरोना संक्रमण का शिकार नहीं हुआ। इसकी वजह यह है कि शव सैनिटाइज करके दिया जा रहा है। कई जगहों पर ऐसी शिकायतें मिली है कि लोग उनके परिजनों से मुंह मोड़ रहे हैं, जो ठीक नहीं है। 
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बताया कि कैंपियरगंज के पहले कोरोना संक्रमित की मौत मई महीने में हुई थी। समाज में भय का माहौल था। मृतक के परिजन भी घर चले गए थे। प्रशासन ने दाह-संस्कार की जिम्मेदारी दी। काफी समझाने के बाद परिजन देर रात आए। 

उन्हें बताया गया कि शव से संक्रमण नहीं हो सकता क्योंकि शव सैनिटाइज था। इसके बाद रात में शव का दाह-संस्कार किया। पीपीई किट की भी वहां आवश्यकता नहीं थी लेकिन कोविड-19 के तहत मानकों का पालन किया।

एम्स ने की है रिसर्च की तैयारी

सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) इस तथ्य पर शोध करने जा रहा है कि मृतक के शरीर पर अधिकतम कितने देर तक कोरोना वायरस टिक सकता है। अलग-अलग सतह पर कोरोना के टिकने के संबंध में लैंसेट (पत्रिका) का अध्ययन तो है ही लेकिन कोरोना संक्रमण मृतक शरीर के बारे में कोई स्पष्ट अध्ययन उपलब्ध नहीं है। सावधानी ही संक्रमण से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।

अंतिम संस्कार से पहले बरती जाने वाली सावधानी...
  • शव को सिर्फ एक बार परिजनों को देखने की इजाजत।
  • शव जिस बैग में रखा गया है, उसे खोला नहीं जाएगा, बाहर से ही धार्मिक क्रिया करें।
  • शव को स्नान कराने, गले लगने से पूरी तरह से मनाही।
  • शव यात्रा में शामिल लोग अंतिम क्रिया के बाद हाथ-मुंह को अच्छी तरह से साफ करें और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि जागरूकता के अभाव में कोरोना के प्रति तमाम भ्रांतियों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। ऐसी सूचनाएं इस लड़ाई को कमजोर करेंगी। चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और समुदाय का मनोबल टूटेगा। टूटे मनोबल के साथ इस बीमारी का मुकाबला घातक होगा। सैनिटाइज हो चुके संक्रमित के शव के बारे में भ्रांतियां न पालें। सावधानी रखेंगे तो संक्रमण नहीं होगा।
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