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आरएमआरसी: जर्मनी और स्विट्जरलैंड से आएंगी आधुनिक मशीनें, गोरखपुर में कई तरह की हो सकेगी जांच
Sun, 16 Jan 2022 10:52 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 16 Jan 2022 10:52 AM IST
सार
जीनोम सीक्वेंसिंग से लेकर कई तरह की जांच हो सकेगी, आईसीएमआर मशीन उपलब्ध कराएगा।
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गोरखपुर आईसीएमआर आरएमआरसी।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
आरएमआरसी (रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर) में आने वाली आधुनिक मशीनों के लिए इंडियन मेडिकल काउंसिल मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने ऑर्डर कर दिया है। उम्मीद है कि जर्मनी, स्विट्जरलैंड और अमेरिका से आने वाली ये मशीनें फरवरी माह में आरएमआरसी को मिल जाएंगी। इसके बाद से जिले में ही जीनोम सीक्वेंसिंग हो सकेगी।
आरएमआरसी के निदेशक डॉ. रजनीकांत ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण नेक्स्ट जनरेशन सीक्वेंसिंग (एनजीएस) मशीन जर्मनी से आनी है। इसी से वायरस के नए वैरिएंट का पता लगाया जाता है।
इसके अलावा साइटोकाइन मशीन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता का पता लगाती है। फ्लो क्यटोमैट्री मशीन कोशिकाओं की जांच कर बीमारियों का पता लगाती है।
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आरएमआरसी के निदेशक डॉ. रजनीकांत ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण नेक्स्ट जनरेशन सीक्वेंसिंग (एनजीएस) मशीन जर्मनी से आनी है। इसी से वायरस के नए वैरिएंट का पता लगाया जाता है।
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इसके अलावा साइटोकाइन मशीन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता का पता लगाती है। फ्लो क्यटोमैट्री मशीन कोशिकाओं की जांच कर बीमारियों का पता लगाती है।