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Gorakhpur News: राइट्स संस्था करेगी निगम में किए जा रहे कामों की जांच
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- 20 लाख रुपये से ऊपर से कामों की जांच की जाएगी, गड़बड़ी पर ठेकेदारों को किया जा सकता है ब्लैक लिस्ट
- 15 करोड़ रुपये तक के काम कराए जा चुके हैं और कराए भी जा रहे हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। नगर निगम द्वारा कराए गए कामों की जांच लखनऊ की संस्था राइट्स करेगी। शासन लगातार टेंडरों के रेट काफी नीचे आने से एहतियात के तौर पर ये जांच करा रही है। संस्था निर्माण के साथ जांच करेगी कि कहीं काम पाने के लिए ठेकेदार किसी भी हद तक तो दाम नहीं गिरा रहे हैं। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नगर निगम ने राइट्स संस्था को 20 लाख रुपये से ऊपर से कामों की जांच का जिम्मा दिया है। खराब गुणवत्ता पाए जाने पर ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
नगर निगम में पिछले दिनों त्वरित आर्थिक विकास, 15वें वित्त आयोग और अन्य एनकैप, स्मार्ट सिटी में अलग-अलग काम कराए जा रहे हैं। इसमें सड़क, नाली, सुंदकरीकरण, हरियाली, कूड़ा निस्तारण, पथ प्रकाश और अन्य काम हैं। नगर आयुक्त ने इन सभी कामों को कराए जाने के साथ ही इनकी गुणवत्ता के साथ समझौता न हो, काम का भौतिक सत्यापन और स्थिति के साथ मानक के अनुरूप कराए जा रहे हैं या नहीं व अन्य के बारे में बताया है।
नगर निगम ने शहर की सैकड़ों गलियों को पक्का कराने के लिए टेंडर निकाले थे। सड़क व नाली निर्माण के इन टेंडरों पर एस्टीमेट से 20 से 30 फीसदी कम रेट आए। सबसे कम रेट वाले को टेंडर कर दिया गया। नुकसान होने की आशंका में इनमें से कई ने वर्क ऑर्डर ही नहीं लिए। अगर वर्क ऑर्डर ले भी लिए तो उन पर काम शुरू नहीं किया। जो काम हुए, उनकी गुणवत्ता में कमी मिलने की आशंका है।
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शहर में गुणवत्तायुक्त व मानकों के अनुरूप कार्य कराने के लिए नगर निगम ने रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनाॅमिकल सर्विसेज (राइट्स) को जिम्मेदारी दी है। यह संस्था स्मार्ट सिटी के साथ ही नगर निगम के भी कार्यों की निगरानी करेगी। नगर निगम के अधिकारी इस संस्था से 10 फीसदी से कम दरों पर कराए गए निर्माण कार्यों की जांच कराएंगे। जांच में खराब गुणवत्ता पाए जाने पर ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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कोट
राइट्स से नगर निगम में कराए गए कामों की जांच कराई जाएगी। इससे गुणवत्ता के साथ सभी मानकों का परीक्षण हो सकेगा। बाहरी संस्था जांच करेगी तो इस पर किसी को आपत्ति नहीं होगी। अगले सप्ताह से जांच शुरू हो जाएगी।
-गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त
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- 15 करोड़ रुपये तक के काम कराए जा चुके हैं और कराए भी जा रहे हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। नगर निगम द्वारा कराए गए कामों की जांच लखनऊ की संस्था राइट्स करेगी। शासन लगातार टेंडरों के रेट काफी नीचे आने से एहतियात के तौर पर ये जांच करा रही है। संस्था निर्माण के साथ जांच करेगी कि कहीं काम पाने के लिए ठेकेदार किसी भी हद तक तो दाम नहीं गिरा रहे हैं। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नगर निगम ने राइट्स संस्था को 20 लाख रुपये से ऊपर से कामों की जांच का जिम्मा दिया है। खराब गुणवत्ता पाए जाने पर ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
नगर निगम में पिछले दिनों त्वरित आर्थिक विकास, 15वें वित्त आयोग और अन्य एनकैप, स्मार्ट सिटी में अलग-अलग काम कराए जा रहे हैं। इसमें सड़क, नाली, सुंदकरीकरण, हरियाली, कूड़ा निस्तारण, पथ प्रकाश और अन्य काम हैं। नगर आयुक्त ने इन सभी कामों को कराए जाने के साथ ही इनकी गुणवत्ता के साथ समझौता न हो, काम का भौतिक सत्यापन और स्थिति के साथ मानक के अनुरूप कराए जा रहे हैं या नहीं व अन्य के बारे में बताया है।
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नगर निगम ने शहर की सैकड़ों गलियों को पक्का कराने के लिए टेंडर निकाले थे। सड़क व नाली निर्माण के इन टेंडरों पर एस्टीमेट से 20 से 30 फीसदी कम रेट आए। सबसे कम रेट वाले को टेंडर कर दिया गया। नुकसान होने की आशंका में इनमें से कई ने वर्क ऑर्डर ही नहीं लिए। अगर वर्क ऑर्डर ले भी लिए तो उन पर काम शुरू नहीं किया। जो काम हुए, उनकी गुणवत्ता में कमी मिलने की आशंका है।
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शहर में गुणवत्तायुक्त व मानकों के अनुरूप कार्य कराने के लिए नगर निगम ने रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनाॅमिकल सर्विसेज (राइट्स) को जिम्मेदारी दी है। यह संस्था स्मार्ट सिटी के साथ ही नगर निगम के भी कार्यों की निगरानी करेगी। नगर निगम के अधिकारी इस संस्था से 10 फीसदी से कम दरों पर कराए गए निर्माण कार्यों की जांच कराएंगे। जांच में खराब गुणवत्ता पाए जाने पर ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कोट
राइट्स से नगर निगम में कराए गए कामों की जांच कराई जाएगी। इससे गुणवत्ता के साथ सभी मानकों का परीक्षण हो सकेगा। बाहरी संस्था जांच करेगी तो इस पर किसी को आपत्ति नहीं होगी। अगले सप्ताह से जांच शुरू हो जाएगी।
-गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त