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गोरखपुर में बाढ़ का कहर: राप्ती और रोहिन नदियां उफनाईं, 11 जगहों पर बांधों से हो रहा रिसाव, तस्वीरों में देखें आफत का सैलाब
Wed, 01 Sep 2021 03:10 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 03:10 PM IST
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले से होकर बहने वाली राप्ती और रोहिन नदी का जलस्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। रोहिन नदी जहां खतरे के निशान से 2.53 मीटर ऊपर है वहीं राप्ती भी खतरे के निशान से 1.97 मीटर ऊपर पहुंच गई है। जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक राप्ती नदी का जलस्तर आज भी बढ़ेगा। इससे बांधों पर पानी का दबाव और बढ़ेगा। रिसाव व कटान का खतरा और बढ़ जाएगा। दूसरी तरफ जिले के अलग-अलग 11 बांधों से पानी के रिसाव की सूचना है। केंद्रीय जल आयोग ने मंगलवार की देरशाम जो रिपोर्ट जारी की है उसके मुताबिक रोहिन नदी के उफनाने से राजपुर दुबे टापू बन गया है। सिर्फ पानी ही दिख रहा है। जंगल कौड़िया स्थित राजपुर दूबे गांव के लोग बांधों पर शरण लिए हैं। कुछ परिवार बैलगाड़ी में बैठकर दिन काट रहे हैं। वहीं, राप्ती नदी के उफनाने से बोक्टा बरवार बांध का बोल्डर पिंचिंग का काम बेकार हो गया है। ज्यादातर बोल्डर पानी में समा गए हैं। पिपरौली क्षेत्र के ज्यादातर संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ गया है। इससे आवागमन बाधित है। हालांकि प्रशासन पूरे मामले पर निगाह बनाए हुए हैं। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की अलग-अलग टीमें राहत-बचाव कार्य में लगाई गई हैं।
गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
बाढ़ से 1.98 लाख की आबादी प्रभावित
गोरखपुर में बाढ़ से 1.98 लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित है। 29,640 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। जिला प्रशासन के मुताबिक अब तक 181 गांवों में बाढ़ का पानी घुसा है। सबसे ज्यादा 53 गांव गोला तो 47 सदर तहसील क्षेत्र के हैं। सभी तहसील क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत-बचाव कार्य में 321 नावें लगाई गई हैं। 36 नावें अयोध्या से मंगाई गई हैं।
गोरखपुर में बाढ़ से 1.98 लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित है। 29,640 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। जिला प्रशासन के मुताबिक अब तक 181 गांवों में बाढ़ का पानी घुसा है। सबसे ज्यादा 53 गांव गोला तो 47 सदर तहसील क्षेत्र के हैं। सभी तहसील क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत-बचाव कार्य में 321 नावें लगाई गई हैं। 36 नावें अयोध्या से मंगाई गई हैं।
गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
नदी खतरे का निशान (मीटर में) जलस्तर (सोमवार) जलस्तर (मंगलवार)
राप्ती(बर्डघाट) 74.98 76.59 76.95
रोहिन (त्रिमुहानी घाट) 82.44 84.80 84.97
सरयू (अयोध्या) 92.73 93.23 93.26
कुआनो (मुखलिसपुर) 78.65 77.50 77.52
गोर्रा (पिंडरा) 77.50 71.45 71.52
राप्ती(बर्डघाट) 74.98 76.59 76.95
रोहिन (त्रिमुहानी घाट) 82.44 84.80 84.97
सरयू (अयोध्या) 92.73 93.23 93.26
कुआनो (मुखलिसपुर) 78.65 77.50 77.52
गोर्रा (पिंडरा) 77.50 71.45 71.52
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचा मामला, फिर बंद हुआ पानी का रिसाव
शहरी क्षेत्र के हर्बर्ट बांध से पानी के रिसाव का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय तक पहुंच गया है। सुभाष चंद्रबोस नगर निवासी मारकंडेय मणि त्रिपाठी का कहना है कि बांध का ज्यादातर हिस्सा शहर से लगता है। इसके आसपास बड़ी आबादी रहती है। सुबह से ही बांध से रिसाव हो रहा है। जिला स्तरीय अधिकारियों से संपर्क किया गया लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय को दी गई। मुख्यमंत्री कार्यालय से जवाब तलब किया गया तो प्रशासनिक अफसर भागकर देखने आए। कड़ी मशक्कत के बाद पानी का रिसाव बंद किया गया।
शहरी क्षेत्र के हर्बर्ट बांध से पानी के रिसाव का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय तक पहुंच गया है। सुभाष चंद्रबोस नगर निवासी मारकंडेय मणि त्रिपाठी का कहना है कि बांध का ज्यादातर हिस्सा शहर से लगता है। इसके आसपास बड़ी आबादी रहती है। सुबह से ही बांध से रिसाव हो रहा है। जिला स्तरीय अधिकारियों से संपर्क किया गया लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय को दी गई। मुख्यमंत्री कार्यालय से जवाब तलब किया गया तो प्रशासनिक अफसर भागकर देखने आए। कड़ी मशक्कत के बाद पानी का रिसाव बंद किया गया।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
रोहिन-सरयू नदी का जलस्तर स्थिर
रोहिन और सरयू नदी का जलस्तर स्थिर है। सरयू का जलस्तर कम हुआ तो राप्ती नदी का पानी भी तेजी से आगे निकलेगा। हालांकि आगे बारिश के आसार हैं। अगर तेज बारिश हुई तो स्थिति और बिगड़ जाएगी। नेपाल की पहाड़ियों पर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो भी रोहिन नदी का जलस्तर बढ़ने लगेगा। बैराज से पानी छोड़ा गया तो मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
रोहिन और सरयू नदी का जलस्तर स्थिर है। सरयू का जलस्तर कम हुआ तो राप्ती नदी का पानी भी तेजी से आगे निकलेगा। हालांकि आगे बारिश के आसार हैं। अगर तेज बारिश हुई तो स्थिति और बिगड़ जाएगी। नेपाल की पहाड़ियों पर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो भी रोहिन नदी का जलस्तर बढ़ने लगेगा। बैराज से पानी छोड़ा गया तो मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
- गोरखपुर-उनवल मुख्य मार्ग पर पानी, रास्ता अवरुद्ध
- गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर चढ़ा पानी
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- अकटहवा बांध के पास के ग्रामीण कर रहे पलायन
- कलानी-ऊंचगांव बंधे पर बहबोलिया के पास रिगौली-बेलसर बांध धंसा
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- सरुआताल के पानी से कई गांव घिरे