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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Two people, including a teenager, died in a road accident in Maharajganj; incident occurred on Sunday night

यूपी: तीज का सामान देकर दोस्त के साथ निकला था नीतीश, एक परिवार ने किशोर बेटा खोया तो दूसरे ने कमाऊ सहारा

Tue, 15 Sep 2026 12:15 PM IST
Rohit Singh संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज Published by: Rohit Singh Updated Tue, 15 Sep 2026 12:15 PM IST
सार

परिवार का खर्च पिता अमरनाथ और बेटा प्रिंस मिलकर चलाते थे। अमरनाथ ईंट-भट्ठे पर चालक का काम करते हैं। नीतीश की मौत ने परिवार के उस बेटे को छीन लिया, जिसके सामने अभी पूरी जिंदगी पड़ी थी। दूसरी ओर सूरज की मौत ने उसके परिवार को भी तोड़कर रख दिया। सूरज पुत्र बाबूराम पिता का सहारा था। वह बंगलूरू में पेंटिंग का काम करता था और रक्षा बंधन से करीब एक सप्ताह पहले ही घर आया था।

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Two people, including a teenager, died in a road accident in Maharajganj; incident occurred on Sunday night
मृत किशोर नितीश के रोते बिलखते परिजन और दूसरे मृतक सूरज की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार किशोर समेत दो लोगों की मौत हो गई। हादसा श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के सेमरा चंद्रौली गांव के समीप रविवार रात करीब 10:30 बजे हुआ। बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहना था।जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के पिपरदेउरा निवासी बाबूराम का पुत्र सूरज (19) और अमरनाथ उर्फ पप्पू का बेटा नीतीश (15) बाइक से जा रहे थे।
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सेमरा चंद्रौली गांव के पास एचडीएफसी बैंक के सामने पीछे से आए अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। लोगों की सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर  पहुंची और घायलों को सीएचसी परतावल भेजा। वहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

प्रभारी एसओ राजेश सिंह ने बताया कि शवों को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। हादसा करने वाले वाहन की तलाश की जा रही है। 
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दो दोस्तों की मौत के बाद गांधीनगर वार्ड पसरा सन्नाटा
सेमरा चंद्रौली गांव के पास रविवार की देर रात करीब 10:30 बजे हुए सड़क हादसे ने गांधी नगर के दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। एक ही बाइक पर सवार नीतीश (15) और सूरज (19) की मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची, दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई।
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जानकारी के अनुसार, नीतीश और सूरज नगर पालिका क्षेत्र के गांधीनगर वार्ड मोहल्ले के रहने वाले थे। दोनों का घर आसपास ही है। दोनों आपस में दोस्त थे। हादसे में दोनों के मौत की सूचना मिलते ही मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। पीड़ित परिवारों के घर पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिजन के साथ ही मोहल्ले वाले भी दुखी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक ने हेलमेट नहीं लगा रखा था।

नीतीश अपने पिता अमरनाथ उर्फ पप्पू का तीसरा बच्चा था। वह कक्षा छह का छात्र था। रविवार को वह घर पर तीज का सामान देकर दोस्त सूरज के साथ बाइक से गोरखपुर की ओर गया था। बहन शिवानी ने बताया कि नीतीश ने घर पर यही कहा था कि दोस्त के साथ घूमने जा रहा है। रात करीब 11 बजे दुर्घटना की सूचना मिली। परिजन भागकर अस्पताल पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने नीतीश को मृत घोषित कर दिया।

शिवानी ने बताया कि नीतीश का स्वभाव बेहद अच्छा था। वह सबसे हंसकर बात करता था और मोहल्ले के लोग भी उसे बहुत मानते थे। उसकी मौत ने परिवार के साथ पूरे मोहल्ले को भी झकझोर दिया। नीतीश की मां राजकुमारी की करीब 10 वर्ष पहले मौत हो चुकी है।

इसके बाद पिता अमरनाथ ने दूसरी शादी कर ली। पहली पत्नी से तीन बच्चे शिवानी, प्रिंस और नीतीश थे। शिवानी बीए की पढ़ाई कर रही हैं जबकि प्रिंस हैदराबाद में काम करता है। परिवार का खर्च पिता अमरनाथ और बेटा प्रिंस मिलकर चलाते थे। अमरनाथ ईंट-भट्ठे पर चालक का काम करते हैं। नीतीश की मौत ने परिवार के उस बेटे को छीन लिया, जिसके सामने अभी पूरी जिंदगी पड़ी थी।

दूसरी ओर सूरज की मौत ने उसके परिवार को भी तोड़कर रख दिया। सूरज पुत्र बाबूराम पिता का सहारा था। वह बंगलूरू में पेंटिंग का काम करता था और रक्षा बंधन से करीब एक सप्ताह पहले ही घर आया था। परिवार के मुताबिक, उसे 15 सितंबर को वापस बंगलूरू जाना था। किसी ने नहीं सोचा था कि रविवार की रात घर से निकले दोनों युवक फिर कभी लौटकर नहीं आएंगे। अब दोनों घरों में उनकी बातें, उनकी यादें और उनके लौटने का इंतजार ही बाकी रह गया है।

सूरज की कमाई से परिवार को भविष्य की थी उम्मीदें
सूरज चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था। बड़ी बहन अनीता की शादी हो चुकी है। तीसरे नंबर की बहन चांदनी की भी शादी हो गई है जबकि सबसे छोटा भाई करन अभी महज 12 वर्ष का है। पिता बाबूराम राजगीर मिस्त्री का काम करते हैं। घर का खर्च सूरज और उसके पिता की कमाई से चलता था।

सूरज की कमाई से परिवार को भविष्य की उम्मीदें थीं लेकिन एक झटके में वह उम्मीद भी टूट गई। बहन चांदनी के मुताबिक, सूरज ने घर से निकलते समय बताया था कि वह दोस्त से मिलने गोरखपुर जा रहा है। वह शाम करीब सात बजे बाइक लेकर निकला था। देर रात हादसे की खबर आई तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। बाइक सूरज ही चला रहा था और उसने हेलमेट नहीं पहना था।

सदर कोतवाल निर्भय सिंह ने बताया की घटना श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र में हुआ था, तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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