{"_id":"65721aaa63109347980b5f56","slug":"railways-will-also-become-exporter-will-make-230-lakh-wheels-annually-railway-minister-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-392600-2023-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे भी बनेगा निर्यातक, सालाना बनाएंगे 2.30 लाख पहिए : रेल मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे भी बनेगा निर्यातक, सालाना बनाएंगे 2.30 लाख पहिए : रेल मंत्री
Fri, 08 Dec 2023 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 08 Dec 2023 12:49 AM IST
विज्ञापन
- केंद्रीय रेल मंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पत्रकारों को दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मेक इन इंडिया की सोच ने देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाया है। हर क्षेत्र में बदलाव हो रहा है। रेलवे नए डिजाइन के इंजन, कोच और उपकरण बनाने लगा है। ट्रेनों की संरक्षा के लिए बना उपकरण कवच पूरी तरह से स्वदेशी है। आने वाले दिनों में देश में 2 लाख 30 हजार रेल पहिए बनेंगे, जबकि देश में सालाना इसकी मांग 80 हजार की रहेगी। बाकी पहिए निर्यात किए जाएंगे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पत्रकारों से बातचीत करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि रेल कोच, कवच उपकरण समेत आने वाले दिनों में रेलवे के कई और उत्पाद भी निर्यात होंगे। जब हम निर्यात की बात करते हैं तो इसका मतलब है कि हमारी गुणवत्ता और उसका मूल्य वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने लायक है।
उन्होंने कहा कि देश एक ट्रिलियन डालर के एक्सपोर्ट के लक्ष्य को जल्दी ही प्राप्त कर लेगा। उत्पादन शुरू होने का असर हर क्षेत्र में पड़ रहा है। प्रोविडेंट फंड (पीएफ) के आंकड़े बताते हैं कि हर महीने 14 से 15 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। आज निर्यात में पेट्रोलियम उत्पाद नंबर एक पर, फार्मास्युटिकल्स दूसरे नंबर पर, आयरन तथा स्टील तीसरे नंबर पर और मोबाइल फोन उत्पाद चौथे नंबर पर है। इस वर्ष मोबाइल फोन की मैन्युफैक्चरिंग लगभग 50 बिलियन डालर की होने वाली है और एक्सपोर्ट 15 बिलियन डालर से अधिक।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मेक इन इंडिया की सोच ने देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाया है। हर क्षेत्र में बदलाव हो रहा है। रेलवे नए डिजाइन के इंजन, कोच और उपकरण बनाने लगा है। ट्रेनों की संरक्षा के लिए बना उपकरण कवच पूरी तरह से स्वदेशी है। आने वाले दिनों में देश में 2 लाख 30 हजार रेल पहिए बनेंगे, जबकि देश में सालाना इसकी मांग 80 हजार की रहेगी। बाकी पहिए निर्यात किए जाएंगे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पत्रकारों से बातचीत करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि रेल कोच, कवच उपकरण समेत आने वाले दिनों में रेलवे के कई और उत्पाद भी निर्यात होंगे। जब हम निर्यात की बात करते हैं तो इसका मतलब है कि हमारी गुणवत्ता और उसका मूल्य वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने लायक है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि देश एक ट्रिलियन डालर के एक्सपोर्ट के लक्ष्य को जल्दी ही प्राप्त कर लेगा। उत्पादन शुरू होने का असर हर क्षेत्र में पड़ रहा है। प्रोविडेंट फंड (पीएफ) के आंकड़े बताते हैं कि हर महीने 14 से 15 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। आज निर्यात में पेट्रोलियम उत्पाद नंबर एक पर, फार्मास्युटिकल्स दूसरे नंबर पर, आयरन तथा स्टील तीसरे नंबर पर और मोबाइल फोन उत्पाद चौथे नंबर पर है। इस वर्ष मोबाइल फोन की मैन्युफैक्चरिंग लगभग 50 बिलियन डालर की होने वाली है और एक्सपोर्ट 15 बिलियन डालर से अधिक।
विज्ञापन