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खुशखबर: रेलकर्मी 10 निजी अस्पतालों में करा सकते हैं कैशलेस इलाज, 2024 तक हुआ करार
Tue, 01 Feb 2022 10:17 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 01 Feb 2022 10:17 AM IST
सार
गंभीर बीमारियों के कैशलेस उपचार के लिए वर्ष 2024 तक करार हुआ। इस व्यवस्था से 52 हजार रेलकमियों को लाभ होगा।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
रेलकर्मी और उनके परिवार वाले, अब मेंदाता, बत्रा सहित दस निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे। दिल्ली-एनसीआर के किसी भी रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर मेदांता प्रबंधन, निशुल्क एंबुलेंस की व्यवस्था करेगा। इससे 52 हजार रेलकर्मियों को लाभ मिलेगा।
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ललित नारायण मिश्र केंद्रीय रेलवे अस्पताल, गोरखपुर ने निजी अस्पतालों से अनुबंध किया है। एनसीआर में मेदांता, बत्रा, सर्वोदय हॉस्पिटल, दिल्ली हार्ट-लंग इंस्टीट्यूट और यशोदा हॉस्पिटल समेत गोरखपुर के कुल दस निजी अस्पतालों को रेलवे ने कैशलेस के लिए सूचीबद्ध किया है।
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मेदांता से वर्ष 2024 तक गंभीर बीमारियों के कैशलेस उपचार के लिए करार हुआ है। सोमवार को रेलवे अस्पताल पहुंचे मेंदाता के चिकित्सक डॉ. संदीप डावर ने बताया कि हृदय रोगियों को विशेष सुविधा मिलेगी। रोगियों का उपचार डॉ. नरेश त्रेहन और डॉ. प्रवीण चंद्रा की देखरेख में होगा।
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रेलवे अस्पताल से रेफर मरीजों को हृदय रोग के अलावा लीवर ट्रांसप्लांट, किडनी और कैंसर से संबंधित उपचार की बेहतर सुविधा मिलेगी। इसको लेकर रेलवे अस्पताल से वार्ता पूरी हो चुकी है। रेलवे अस्पताल में माह में एक दिन मेदांता हॉस्पिटल, गुड़गांव के एक चिकित्सक से निशुल्क परामर्श लेने की सुविधा दी जाएगी।
पूर्वोत्तर रेलवे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेलकर्मियों एवं उनके आश्रितों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए देश के बेहतर चिकित्सालयों को सूचीबद्ध किया गया है। आवश्यकतानुसार इनका अवधि विस्तार भी किया जाता है।