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पूर्वांचल विकास बोर्ड के मुख्यमंत्री के सलाहकार के सामने उद्यमियों ने गिनाई समस्याएं
Thu, 23 Jan 2020 10:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहजनवां।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2020 10:08 AM IST
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गीडा स्थित सभागार में पूर्वांचल विकास बोर्ड की बैठक लेते मुख्यमंत्री के सलाहकार साकेत मिश्रा व ?
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्वांचल विकास बोर्ड के मुख्यमंत्री के सलाहकार साकेत मिश्र के सामने अपनी समस्याएं गिनाते हुए शहर के कई उद्यमियों ने कहा कि सिस्टम में बड़ी गड़बड़ी है। जब तक इन्हें दूर नहीं किया जाएगा, पूर्वांचल में उद्योगों का विकास संभव नहीं है। उद्योग लगाने में सबसे बड़ी समस्या बैंक, बिजली और जमीन से जुड़ी हुई है। बैंकों का सहयोग नहीं मिल रहा। सब्सिडी के लिए बैंक दौड़ा रहे हैं। दूसरे राज्यों की तुलना में यहां विद्युत बिल ज्यादा देना पड़ रहा है जिससे उत्पादन की लागत बढ़ जा रही है। नतीजा बिक्री में दिक्कत के रूप में सामने आ रहा है।
मुख्यमंत्री के सलाहकार बुधवार को गीडा कार्यालय सभागार में उद्यमियों के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान उद्यमियों ने उनके सामने अपनी छह प्रमुख समस्याएं रखीं। उद्यमियों का कहना था कि
उत्तराखंड की तरह, पूर्वांचल के उद्योगों को विशेष आर्थिक पैकेज दिए जाएं। उन्होंने कहा कि यहां की जमीनों का सर्किल रेट अधिक है। मांग की कि गीडा में डाईपोर्ट और रेलवे के साइडिंग की स्थापना कराई जाए।
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कुछ उद्यमियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश चिकित्सा समेत कुछ अन्य सरकारी विभागों द्वारा टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए 50 करोड़ के टर्न ओवर की बाध्यता है। इससे लघु उद्योग अपने उत्पाद की आपूर्ति नही कर पा रहे हैं । इस बाध्यता को समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों द्वारा की जाने वाली खरीद का निर्धारित 25 प्रतिशत लघु उद्योगों से नहीं खरीदा जा रहा।
बैठक में गीडा के एसीईओ अशोक कुमार सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक केआर वर्मा, चेंबर ऑफ इंडस्ट्री के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया, पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल, आर एन सिंह, महासचिव प्रवीण मोदी, आकाश जालान, एहसान करीम, हरिहर सिंह, विनोद सिंह, दीपक अग्रवाल, डॉ एनके सिंह सहित कई उद्यमी मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री के सलाहकार बुधवार को गीडा कार्यालय सभागार में उद्यमियों के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान उद्यमियों ने उनके सामने अपनी छह प्रमुख समस्याएं रखीं। उद्यमियों का कहना था कि
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उत्तराखंड की तरह, पूर्वांचल के उद्योगों को विशेष आर्थिक पैकेज दिए जाएं। उन्होंने कहा कि यहां की जमीनों का सर्किल रेट अधिक है। मांग की कि गीडा में डाईपोर्ट और रेलवे के साइडिंग की स्थापना कराई जाए।
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कुछ उद्यमियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश चिकित्सा समेत कुछ अन्य सरकारी विभागों द्वारा टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए 50 करोड़ के टर्न ओवर की बाध्यता है। इससे लघु उद्योग अपने उत्पाद की आपूर्ति नही कर पा रहे हैं । इस बाध्यता को समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों द्वारा की जाने वाली खरीद का निर्धारित 25 प्रतिशत लघु उद्योगों से नहीं खरीदा जा रहा।
बैठक में गीडा के एसीईओ अशोक कुमार सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक केआर वर्मा, चेंबर ऑफ इंडस्ट्री के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया, पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल, आर एन सिंह, महासचिव प्रवीण मोदी, आकाश जालान, एहसान करीम, हरिहर सिंह, विनोद सिंह, दीपक अग्रवाल, डॉ एनके सिंह सहित कई उद्यमी मौजूद रहे।
पूर्वांचल विकास परिषद में शामिल करने की मांग
उद्यमियों ने यह भी मांग की कि सरकार द्वारा बनाई गई पूर्वांचल विकास परिषद में उद्यमियों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक औद्योगिक विकास नहीं होगा तब तक पूर्वांचल का विकास संभव नहीं है। उद्यमियों का कहना था कि जब उद्योग लगाया जाता है तब शासन या प्रशासन से कोई गाइडलाइन नहीं मिलती, बाद में उद्यमियों को परेशान किया जाता है।
आधारभूत ढांचे में सुधार की जरूरत: साकेत
उद्यमियों के साथ बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में पूर्वांचल विकास बोर्ड के मुख्यमंत्री के सलाहकार साकेत मिश्र ने कहा कि गोरखपुर समेत पूरे पूर्वांचल में उद्योग के लिए अपार संभावनाएं हैं मगर जरूरत है तो आधारभूत ढांचे में सुधार की। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए क्या-क्या जरूरी कदम उठाए जाएं, उद्यमियों की समस्याएं क्या हैं, इन्हें जानने के मकसद से ही उद्यमियों के साथ बैठकें की जा रही हैं। उद्यमियों से मिले फीडबैक और समस्याओं को शासन से साझा कर उनका निराकरण कराया जाएगा।
बैंकों से आ रही समस्या दूर की जाएंगी। कहा कि शासन का पूरा प्रयास है कि उद्यमियों को उत्पादन सामग्री आसानी से प्राप्त हों, उद्योग के अनुकूल माहौल तैयार किया जाए और छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा दी जाए साथ ही ऐसी इंडस्ट्री लगाई जाय जिसमें रोजगार अधिक हो। बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा दी जाए।
आधारभूत ढांचे में सुधार की जरूरत: साकेत
उद्यमियों के साथ बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में पूर्वांचल विकास बोर्ड के मुख्यमंत्री के सलाहकार साकेत मिश्र ने कहा कि गोरखपुर समेत पूरे पूर्वांचल में उद्योग के लिए अपार संभावनाएं हैं मगर जरूरत है तो आधारभूत ढांचे में सुधार की। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए क्या-क्या जरूरी कदम उठाए जाएं, उद्यमियों की समस्याएं क्या हैं, इन्हें जानने के मकसद से ही उद्यमियों के साथ बैठकें की जा रही हैं। उद्यमियों से मिले फीडबैक और समस्याओं को शासन से साझा कर उनका निराकरण कराया जाएगा।
बैंकों से आ रही समस्या दूर की जाएंगी। कहा कि शासन का पूरा प्रयास है कि उद्यमियों को उत्पादन सामग्री आसानी से प्राप्त हों, उद्योग के अनुकूल माहौल तैयार किया जाए और छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा दी जाए साथ ही ऐसी इंडस्ट्री लगाई जाय जिसमें रोजगार अधिक हो। बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा दी जाए।