भ्रष्टाचार मामला: अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति जांची जाएगी, गैंगेस्टर लगाने की तैयारी
डीएम ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति मिली तो संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की संपत्ति कुर्क होगी। जांच में निबंधन विभाग के कुछ और अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम सामने आ सकते हैं।
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डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर हुई गोपनीय जांच में भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए गए निबंधन एवं संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के अधिकारियों व कर्मचारियों की संपत्ति की जांच कराई जाएगी। जांच में आय से अधिक संपत्ति मिली तो उसे कुर्क किया जाएगा। आरोपितों पर गैंगेस्टर लगाने की तैयारी है। इस संबंध में डीएम ने निर्देश दिए हैं।
बता दें कि निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री के नाम पर वसूली की मिल रही शिकायतों की डीएम ने गोपनीय जांच कराकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बिचौलियों से सांठगांठ का पर्दाफाश किया है। सदर तहसील के निबंधन कार्यालय में उप निबंधक केके तिवारी व पटल पर कार्यरत कर्मचारियों की मिलीभगत की पुष्टि होने पर उप निबंधक पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। विभाग में बिना किसी मानदेय आदि के काम कर रहे विजय मिश्रा और अशोक उपाध्याय के अलावा, जितेंद्र जायसवाल, राजेश्वर पर भी नामजद एफआईआर दर्ज हुई है।
इसी तरह ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए रिश्वत लेेने का मामला प्रकाश में आया। इस मामले में होमगार्ड अर्जुन का नाम एफआईआर में दर्ज है। पंजीकरण पटल एवं भौतिक सत्यापन पटल पर कार्यरत कर्मचारियों की भी मिलीगत सामने आई है। इसमें जो अधिकारी या कर्मचारी संलिप्त पाए गए हैं, उनकी संपत्ति की जांच के साथ बिचौलिये के रूप में लेनदेन करने वाले निजी कर्मियों की संपत्ति की भी जांच कराई जाएगी।
बताया जा रहा है कि एफआईआर के बाद शुरू हुई जांच में निबंधन विभाग के कुछ और अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आ सकती है। डीएम का कहना है कि जिनके भी नाम सामने आएंगे, उनकी संपत्तियों की जांच कराई जाएगी। आय से अधिक मिली संपत्ति की कुर्की की जाएगी।
डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि भ्रष्टाचार के संबंध में जीरो टालरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अनैतिक रूप से रुपये लेने की शिकायतों के बाद रजिस्ट्री और आरटीओ में गोपनीय तरीके से जांच कराई गई। जो अधिकारी, कर्मचारी या बिचौलिये भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए गए हैं, उनकी संपत्ति की जांच कराई जाएगी। आय से अधिक संपत्ति मिलने पर संपत्ति कुर्क की जाएगी।
उप निबंधक केके तिवारी अवकाश पर
रजिस्ट्री कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में मुकदमा दर्ज होने के बाद सोमवार को मुख्यालय स्थित रजिस्ट्री कार्यालय का नजारा बदला-बदला सा था। कार्यालय में कार्रवाई की चर्चा थी, मगर बाहरी व्यक्ति के सामने कोई कुछ नहीं बोल रहा था। उप निबंधक केके तिवारी, जिनपर नामजद एफआईआर हुई है, उनके चेंबर में सन्नाटा था। विभाग के आला अफसरों के मुताबिक वह तीन-चार दिन के अवकाश पर हैं। उधर, कलेक्ट्रेट, विकास भवन समेत सभी विभागों में डीएम के निर्देश पर हुई कार्रवाई की पूरे दिन चर्चा रही।