फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Property of officers and employees will be checked in Gorakhpur

भ्रष्टाचार मामला: अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति जांची जाएगी, गैंगेस्टर लगाने की तैयारी

Tue, 12 Apr 2022 01:25 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 12 Apr 2022 01:25 PM IST
सार

डीएम ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति मिली तो संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की संपत्ति कुर्क होगी। जांच में निबंधन विभाग के कुछ और अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम सामने आ सकते हैं।

विज्ञापन
Property of officers and employees will be checked in Gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर हुई गोपनीय जांच में भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए गए निबंधन एवं संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के अधिकारियों व कर्मचारियों की संपत्ति की जांच कराई जाएगी। जांच में आय से अधिक संपत्ति मिली तो उसे कुर्क किया जाएगा। आरोपितों पर गैंगेस्टर लगाने की तैयारी है। इस संबंध में डीएम ने निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


बता दें कि निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री के नाम पर वसूली की मिल रही शिकायतों की डीएम ने गोपनीय जांच कराकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बिचौलियों से सांठगांठ का पर्दाफाश किया है। सदर तहसील के निबंधन कार्यालय में उप निबंधक केके तिवारी व पटल पर कार्यरत कर्मचारियों की मिलीभगत की पुष्टि होने पर उप निबंधक पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। विभाग में बिना किसी मानदेय आदि के काम कर रहे विजय मिश्रा और अशोक उपाध्याय के अलावा, जितेंद्र जायसवाल, राजेश्वर पर भी नामजद एफआईआर दर्ज हुई है।
विज्ञापन


इसी तरह ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए रिश्वत लेेने का मामला प्रकाश में आया। इस मामले में होमगार्ड अर्जुन का नाम एफआईआर में दर्ज है। पंजीकरण पटल एवं भौतिक सत्यापन पटल पर कार्यरत कर्मचारियों की भी मिलीगत सामने आई है। इसमें जो अधिकारी या कर्मचारी संलिप्त पाए गए हैं, उनकी संपत्ति की जांच के साथ बिचौलिये के रूप में लेनदेन करने वाले निजी कर्मियों की संपत्ति की भी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि एफआईआर के बाद शुरू हुई जांच में निबंधन विभाग के कुछ और अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आ सकती है। डीएम का कहना है कि जिनके भी नाम सामने आएंगे, उनकी संपत्तियों की जांच कराई जाएगी। आय से अधिक मिली संपत्ति की कुर्की की जाएगी।

डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि भ्रष्टाचार के संबंध में जीरो टालरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अनैतिक रूप से रुपये लेने की शिकायतों के बाद रजिस्ट्री और आरटीओ में गोपनीय तरीके से जांच कराई गई। जो अधिकारी, कर्मचारी या बिचौलिये भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए गए हैं, उनकी संपत्ति की जांच कराई जाएगी। आय से अधिक संपत्ति मिलने पर संपत्ति कुर्क की जाएगी।

उप निबंधक केके तिवारी अवकाश पर

रजिस्ट्री कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में मुकदमा दर्ज होने के बाद सोमवार को मुख्यालय स्थित रजिस्ट्री कार्यालय का नजारा बदला-बदला सा था। कार्यालय में कार्रवाई की चर्चा थी, मगर बाहरी व्यक्ति के सामने कोई कुछ नहीं बोल रहा था। उप निबंधक केके तिवारी, जिनपर नामजद एफआईआर हुई है, उनके चेंबर में सन्नाटा था। विभाग के आला अफसरों के मुताबिक वह तीन-चार दिन के अवकाश पर हैं। उधर, कलेक्ट्रेट, विकास भवन समेत सभी विभागों में डीएम के निर्देश पर हुई कार्रवाई की पूरे दिन चर्चा रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed