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अतीक पर कसा शिकंजा : माफिया के ठिकानों पर ईडी की नजर, होटल की जगह एक मकान रहते थे परिजन
Tue, 13 Apr 2021 08:34 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 13 Apr 2021 08:34 PM IST
सार
करीब डेढ़ साल से अधिक समय तक जिला में जेल में बंद रहे माफिया व पूर्व सांसद अतीक अहमद की संपत्तियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निशाने पर है। इस जांच की आंच जनपद तक पहुंच सकती है क्योंकि माफिया ने जेल में बंद रहने के दौरान जनपद के कुछ लोगों से अच्छे संबंध हो गए थे।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
करीब डेढ़ साल से अधिक समय तक जिला में जेल में बंद रहे माफिया व पूर्व सांसद अतीक अहमद की संपत्तियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निशाने पर है। इस जांच की आंच जनपद तक पहुंच सकती है क्योंकि माफिया ने जेल में बंद रहने के दौरान जनपद के कुछ लोगों से अच्छे संबंध हो गए थे।
प्रयागराज से जब उनके परिजना आते थे तो होटल की जगह एक मोहल्ले में निवास करते थे। चर्चा थी कि अतीक का भोजन हर शाम वहीं से तैयार कर भेजा जाता था। जेल से लखनऊ के कारोबारी के अपहरण मारपीट की घटना का नामजद एक व्यक्ति शहर में डेरा जमा कर रहता था। इन बातों से जांच एजेंसियों को शक है कि जिले में उसकी बेनामी संपत्ति हो सकती है।
अप्रैल 2017 में नैनी जेल से अतीक अहमद को जिला जेल में शिफ्ट गया था। जेल में रहते हुए लखनऊ के एक बिल्डर का अपहरण पिटाई के मामले में 2019 में अतीक को बरेली जेल भेज दिया गया था। इस मामले में अतीक और उसके एक दर्जन गुर्गों प्रयाग राज के धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज है।
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आरोप है कि अरशद ने अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर व्यापारी मोहम्म जैद को अगवा किया। उसे मारपीटकर रुपये और सोने की चेन आदि छीन ली और फिर पीटते हुए देवरिया जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद के पास ले गए। जेल में अतीक ने भी उसकी पिटाई की जिसमें उसे चोटें आई। इस घटना की जांच सीबीआई कर रही है।
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प्रयागराज से जब उनके परिजना आते थे तो होटल की जगह एक मोहल्ले में निवास करते थे। चर्चा थी कि अतीक का भोजन हर शाम वहीं से तैयार कर भेजा जाता था। जेल से लखनऊ के कारोबारी के अपहरण मारपीट की घटना का नामजद एक व्यक्ति शहर में डेरा जमा कर रहता था। इन बातों से जांच एजेंसियों को शक है कि जिले में उसकी बेनामी संपत्ति हो सकती है।
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अप्रैल 2017 में नैनी जेल से अतीक अहमद को जिला जेल में शिफ्ट गया था। जेल में रहते हुए लखनऊ के एक बिल्डर का अपहरण पिटाई के मामले में 2019 में अतीक को बरेली जेल भेज दिया गया था। इस मामले में अतीक और उसके एक दर्जन गुर्गों प्रयाग राज के धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज है।
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आरोप है कि अरशद ने अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर व्यापारी मोहम्म जैद को अगवा किया। उसे मारपीटकर रुपये और सोने की चेन आदि छीन ली और फिर पीटते हुए देवरिया जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद के पास ले गए। जेल में अतीक ने भी उसकी पिटाई की जिसमें उसे चोटें आई। इस घटना की जांच सीबीआई कर रही है।
सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो काफी समय जेल में रहने के कारण अतीक की जनपद में गहरी पैठ बन गई थी। इसके कारण जब भी उनकी पत्नी, भाई,चालक को देवरिया आना होता था तो वह होटल में ठहरने की जगह एक व्यक्ति के मकान में रहे थे। चर्चा थी कि अतीक ने एक मकान भी खरीद लिया है।
अब प्रवर्तन निदेशालय अतीक, उनके भाई अशरफ और सगे संबंधियों की संपत्तियों की जांच की जा रही है। अहमदाबाद जेल में बंद अतीक के तार जनपद से जुड़ा होने के कारण ईडी को शक है कि यहां पर उसकी संपत्तियां हो सकती है क्योंकि काफी समय तक जेल में यहां थे।
जांच पड़ताल के दौरान उस समय यह बात सामने आई थी कि अतीक की सेवा टहल के लिए शहर में निवास करने वाले कुछ गुर्गे करते है। उनके स्थाई रूप से लग्जरी गाड़ी शहर में रहती थी, जो पेशी पर जाते समय साथ जाती थी। उनके खाने पीने का भी इंतजाम शहर के एक मोहल्ले से किया जाता था। ईडी की जांच की आंच से जनपद में पहुंच सकती है, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो सकता है।
अब प्रवर्तन निदेशालय अतीक, उनके भाई अशरफ और सगे संबंधियों की संपत्तियों की जांच की जा रही है। अहमदाबाद जेल में बंद अतीक के तार जनपद से जुड़ा होने के कारण ईडी को शक है कि यहां पर उसकी संपत्तियां हो सकती है क्योंकि काफी समय तक जेल में यहां थे।
जांच पड़ताल के दौरान उस समय यह बात सामने आई थी कि अतीक की सेवा टहल के लिए शहर में निवास करने वाले कुछ गुर्गे करते है। उनके स्थाई रूप से लग्जरी गाड़ी शहर में रहती थी, जो पेशी पर जाते समय साथ जाती थी। उनके खाने पीने का भी इंतजाम शहर के एक मोहल्ले से किया जाता था। ईडी की जांच की आंच से जनपद में पहुंच सकती है, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो सकता है।