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Gorakhpur News: लोन दिलाने के नाम पर 35 लाख की ठगी का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
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उनवल। लोन दिलाने के नाम पर 35 लाख रुपये ठगी के आरोप में खजनी पुलिस ने मुख्य आरोपी जितेंद्र श्रीवास्तव को शुक्रवार सुबह सरया तिवारी अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ हरपुर-बुदहट क्षेत्र के छपिया गांव निवासी वंदना यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महिला ने जितेंद्र समेत अन्य अज्ञात लोगों पर फर्जी अधिकारी बनकर रकम हड़पने का आरोप लगाया था।
वंदना बरडाड़ चौराहे पर त्रिशिका ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। तहरीर के अनुसार, जून-जुलाई 2025 में जितेंद्र उनकी दुकान पर आया और खुद को एस मैडम ट्रेड नारी कंपनी, गोरखपुर का जोनल अधिकारी बताया। इंटरनेट पर कंपनी की जानकारी दिखाकर उसने काम दिलाने और कारोबार बढ़ाने के लिए लोन कराने का भरोसा दिया। आरोप है कि पहले पांच लाख रुपये के लोन के नाम पर दस्तावेज और प्रोसेसिंग फीस के लिए 4,650 रुपये लिए गए। इसके बाद पति के नाम पर 25 लाख रुपये का लोन कराने की बात कहकर 1.50 लाख रुपये मार्जिन मनी के रूप में लिए गए।
महिला के अनुसार, इसके बाद लोन की रकम बढ़ाने और स्वीकृति के नाम पर अलग-अलग मदों में रकम मांगी गई। खुद को वित्त विभाग, लोन सत्यापन अधिकारी, जिलाधिकारी और रिजर्व बैंक से जुड़ा अधिकारी बताने वाले लोगों की ई-मेल आईडी से भी संदेश आए। इससे उसे प्रक्रिया सरकारी होने का भरोसा हुआ। महिला ने अपने, पति और कुछ सहयोगियों के यूपीआई खातों से जितेंद्र के बताए दो बैंक खातों में कुल 35 लाख रुपये भेजे।
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आरोप है कि रकम देने के बावजूद लोन स्वीकृत नहीं हुआ। रुपये वापस मांगने पर भी अतिरिक्त प्रोसेसिंग फीस मांगी गई और रकम नहीं देने पर आरबीआई की ओर से पैसा होल्ड किए जाने की धमकी दी गई। इसके बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की। एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि जांच के दौरान शुक्रवार सुबह जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर ठगी में शामिल अन्य लोगों और रकम के लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।
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वंदना बरडाड़ चौराहे पर त्रिशिका ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। तहरीर के अनुसार, जून-जुलाई 2025 में जितेंद्र उनकी दुकान पर आया और खुद को एस मैडम ट्रेड नारी कंपनी, गोरखपुर का जोनल अधिकारी बताया। इंटरनेट पर कंपनी की जानकारी दिखाकर उसने काम दिलाने और कारोबार बढ़ाने के लिए लोन कराने का भरोसा दिया। आरोप है कि पहले पांच लाख रुपये के लोन के नाम पर दस्तावेज और प्रोसेसिंग फीस के लिए 4,650 रुपये लिए गए। इसके बाद पति के नाम पर 25 लाख रुपये का लोन कराने की बात कहकर 1.50 लाख रुपये मार्जिन मनी के रूप में लिए गए।
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महिला के अनुसार, इसके बाद लोन की रकम बढ़ाने और स्वीकृति के नाम पर अलग-अलग मदों में रकम मांगी गई। खुद को वित्त विभाग, लोन सत्यापन अधिकारी, जिलाधिकारी और रिजर्व बैंक से जुड़ा अधिकारी बताने वाले लोगों की ई-मेल आईडी से भी संदेश आए। इससे उसे प्रक्रिया सरकारी होने का भरोसा हुआ। महिला ने अपने, पति और कुछ सहयोगियों के यूपीआई खातों से जितेंद्र के बताए दो बैंक खातों में कुल 35 लाख रुपये भेजे।
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आरोप है कि रकम देने के बावजूद लोन स्वीकृत नहीं हुआ। रुपये वापस मांगने पर भी अतिरिक्त प्रोसेसिंग फीस मांगी गई और रकम नहीं देने पर आरबीआई की ओर से पैसा होल्ड किए जाने की धमकी दी गई। इसके बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की। एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि जांच के दौरान शुक्रवार सुबह जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर ठगी में शामिल अन्य लोगों और रकम के लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।