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अधियारी बाग मानसरोवर का जीर्णोद्धार काम पूरा, 14 फरवरी से शुरू होगा रुद्र महायज्ञ
Fri, 07 Feb 2020 12:53 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Fri, 07 Feb 2020 12:53 PM IST
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पुजारी कमलनाथ।
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखनाथ मंदिर के सहयोग से अधियारी बाग स्थित मानसरोवर मंदिर के शिव, दुर्गा तथा रामजानकी मंदिरों का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण हो गया है। इन मंदिरों में मूर्ति, प्राण प्रतिष्ठा एवं रुद्र महायज्ञ का आयोजन 14 से 20 फरवरी तक किया गया है। विग्रहों में प्राण प्रतिष्ठा रामानुज त्रिपाठी कराएंगे। इस दौरान प्रतिदिन दो से शाम पांच बजे तक यज्ञ महापुराण भी होगा। यह जानकारी गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ ने दी।
उन्होंने बताया कि मानसरोवर मंदिर का निर्माण उनवल नरेश राजा मान सिंह ने कराया था। यह मंदिर लगभग तीन सौ सालों से गोरखपुर के नागरिकों के लिए धार्मिक तथा सांस्कृतिक महत्व का केंद्र रहा है। बहुत पुराना होने के कारण सभी का जीर्णोद्धार आवश्यक हो गया था। इसके जीर्णोद्धार में जवाहर कसौधन, अरुण कुमार अग्रवाल, ओमप्रकाश चंद कर्मचंदानी एवं विष्णु अजीत सरिया का विशेष सहयोग रहा है। वहीं पर्यटन विभाग की तरफ से यात्री निवास, यज्ञशाला, सुलभ शौचालय एवं परिसर का सुंदरीकरण कराया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि मानसरोवर मंदिर का निर्माण उनवल नरेश राजा मान सिंह ने कराया था। यह मंदिर लगभग तीन सौ सालों से गोरखपुर के नागरिकों के लिए धार्मिक तथा सांस्कृतिक महत्व का केंद्र रहा है। बहुत पुराना होने के कारण सभी का जीर्णोद्धार आवश्यक हो गया था। इसके जीर्णोद्धार में जवाहर कसौधन, अरुण कुमार अग्रवाल, ओमप्रकाश चंद कर्मचंदानी एवं विष्णु अजीत सरिया का विशेष सहयोग रहा है। वहीं पर्यटन विभाग की तरफ से यात्री निवास, यज्ञशाला, सुलभ शौचालय एवं परिसर का सुंदरीकरण कराया जा रहा है।
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मंदिर में होने वाले कार्यक्रम
14 फरवरी को कलश स्थापना, पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश, वेदियों का निर्माण, अग्नि का प्रकटीकरण, तथा यज्ञ कुंड में अग्नि की स्थापना।
15 को पूजन के बाद मूर्तियों का संस्कार एवं जलाधिवास।
16 को पूजन के बाद मूर्तियों का संस्कार एवं अन्नाधिवास।
17 को पूजन के बाद मूर्तियों संस्कार एवं पुष्पाधिवास, फलाधिवास।
18 को पूजन के बाद मूर्तियों का संस्कार एवं शैयाधिवास।
19 को पूजन के बाद मूर्तियों का संस्कार एवं अंडन्यास करन्यास, नगर परिक्रमा।
20 को पूजन के बाद 10.30 से 1 बजे तक अचल प्राण प्रतिष्ठा।
15 को पूजन के बाद मूर्तियों का संस्कार एवं जलाधिवास।
16 को पूजन के बाद मूर्तियों का संस्कार एवं अन्नाधिवास।
17 को पूजन के बाद मूर्तियों संस्कार एवं पुष्पाधिवास, फलाधिवास।
18 को पूजन के बाद मूर्तियों का संस्कार एवं शैयाधिवास।
19 को पूजन के बाद मूर्तियों का संस्कार एवं अंडन्यास करन्यास, नगर परिक्रमा।
20 को पूजन के बाद 10.30 से 1 बजे तक अचल प्राण प्रतिष्ठा।