UP Election 2022: सहजनवां से भाजपा के प्रदीप शुक्ला व चिल्लूपार से राजेश त्रिपाठी ने कराया नामांकन
चिल्लूपार से बसपा के राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान व खजनी से सपा की रूपावती ने भी नामांकन किया। 11 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया, इस दौरान कड़ी सुरक्षा के इंतजाम रहे।
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विधानसभा चुनाव 2022 के लिए सोमवार को विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से भाजपा के दो, बसपा, सपा और आम आदमी पार्टी के एक-एक प्रत्याशियों समेत कुल 11 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया है। सहजनवां से भाजपा प्रत्याशी प्रदीप शुक्ला और चिल्लूपार से पूर्व मंत्री राजेश त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर दो-दो सेट में पर्चा दाखिल किया।
चिल्लूपार से ही बसपा प्रत्याशी के तौर पर राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह ने भी दो सेट में नामांकन दाखिल किया है। खजनी (सुरक्षित) सीट से सपा प्रत्याशी रूपावती बेलदार ने भी नामांकन कराया है। जिले में अब तक बसपा और सपा के एक-एक प्रत्याशी ने नामांकन कराया है।
सहजनवां विधानसभा से ही पिपरौली ब्लॉक के मल्हीपुर गांव के निवासी सुरजीत सिंह ने निर्दल के तौर पर पर्चा भरा है। इसी सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के विजय आनंद उपाध्याय ने भी पर्चा दाखिल किया। इनके अलावा गोरखपुर शहर विधानसभा सीट से निर्दल प्रत्याशी रामवृक्ष, सरवर पार्टी से सरवर अली, कैंपियरगंज विधानसभा सीट से भारतीय एकलव्य पार्टी के मुनीब, पिपराइच विधानसभा क्षेत्र से लोकप्रिय समाज पार्टी के अविनाश प्रताप, चौरीचौरा विधानसभा से निर्दल प्रत्याशी के तौर पर राकेश ने नामांकन किया है।
इससे पहले सहजनवां से भाजपा प्रत्याशी प्रदीप शुक्ला गाजे-बाजे के साथ कलेक्ट्रेट चौराहा पहुंचे। मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ सत्येंद्र सिन्हा, विश्वजितांशु सिंह आशु, पूर्व महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव सहित तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट चौराहे पर डटे रहे।
सुरक्षा के सख्त इंतजाम
नामांकन के तीसरे दिन सोमवार को भी कलेक्ट्रेट में सुरक्षा के कड़े प्रबंध दिखे। कलेक्ट्रेट के सामने शास्त्री चौक से कचहरी चौराहे तक की एक लेन पर आवागमन बंद रखा गया। प्रत्याशियों के समर्थकों को कलेक्ट्रेट परिसर से दूर रोक दिया गया। नामांकन कक्ष में प्रत्याशी सहित तीन लोगों को ही जाने की अनुमति दी गई। वहीं, निर्दल प्रत्याशियों को 10 प्रस्तावकों के साथ जाने दिया गया, मगर नामांकन के दौरान एक समय पर केवल तीन लोगों को ही कक्ष में रहने दिया गया।
पहली बार में गए तीन प्रस्तावकों के निकलने के बाद अगले तीन को प्रवेश करने दिया गया। सोमवार को कुल 48 पर्चे लिए गए। इनमें शहर विधानसभा सीट के लिए 10, ग्रामीण से दो, चौरीचौरा से चार, पिपराइच से 10, खजनी से चार, सहजनवां से नौ, कैंपियरगंज से दो, बांसगांव से तीन और चिल्लूपार से चार पर्चे लिए गए।
अब तक भाजपा सात सीट तो सपा व बसपा के प्रत्याशी एक-एक सीट पर भर चुके हैं पर्चा
चार फरवरी को नामांकन शुरू होने से तीन दिन के भीतर जिले की नौ में से सात सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी नामांकन कर चुके हैं। गोरखपुर ग्रामीण एवं खजनी विधानसभा सीट से अभी तक प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल नहीं किया है। सपा ने खजनी सुरक्षित विधानसभा सीट से, जबकि बसपा की ओर से चिल्लूपार से ही पर्चा भरा गया है। रविवार को नामांकन कार्य बंद था। मंगलवार को कई प्रत्याशी पर्चा दाखिल कर सकते हैं। इनमें सपा के ग्रामीण सीट से विजय बहादुर और पिपराइच से अमरेंद्र निषाद का नाम भी शामिल है। गोरखपुर शहर से चुनाव लड़ रहे आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद भी मंगलवार को पर्चा दाखिल करेंगे।
भाजपा के प्रदीप शुक्ला और उनकी पत्नी के नाम 9.26 करोड़ की संपत्ति, 39 लाख का सोना-चांदी
सहजनवां विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी 40 वर्षीय प्रदीप शुक्ला व उनकी पत्नी सुमन शुक्ला के नाम 9.26 करोड़ रुपये की संपत्ति है। प्रदीप और उनकी पत्नी के नाम 2.69 करोड़ की चल और 6.57 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। प्रदीप पर 1.55 लाख रुपये का कार लोन है। पत्नी सुमन के पास 26.23 लाख का सोना और 1.28 लाख कीमत की चांदी है।
प्रदीप के पास भी 12.06 लाख के सोने के आभूषण हैं। नामांकन पत्र के साथ दाखिल शपथपत्र के मुताबिक प्रदीप के पास 44.88 लाख व पत्नी सुमन के पास सात लाख रुपये नकद हैं। 85 हजार की पिस्टल, 8.92 लाख रुपये कीमत की आरा मशीन, 6.17 लाख रुपये की शॉप एंड फैक्ट्री बिल्डिंग, 54.81 लाख रुपये का व्यावसायिक सामग्री का भंडार है।
पांच साल में आठ लाख घटी राजेश त्रिपाठी की संपत्ति
चिल्लूपार विधानसभा सीट से सोमवार को नामांकन करने वाले भाजपा प्रत्याशी राजेश त्रिपाठी की आय में पिछले पांच साल के भीतर कोई इजाफा नहीं हुआ।
विधानसभा चुनाव 2017 में राजेश त्रिपाठी, उनकी पत्नी व आश्रित के पास कुल 1.01 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति थी जो अब घटकर करीब 93 लाख हो गई है। राजेश पर आईटी एक्ट, धमकी देने, लोक सेवक रहते हुए गलत कार्य करने के मामलों में तीन मुकदमे हैं, जो न्यायालय में विचाराधीन हैं।
राजेश के शपथ पत्र के मुताबिक उनके हाथ में एक लाख नकद और उनकी पत्नी के हाथ में 50 हजार रुपये नकदी है। राजेश के पास कुल 10.21 लाख, पत्नी के पास 3.77 लाख और आश्रित के नाम दो लाख रुपये यानी कुल 15.98 लाख रुपये की चल संपत्ति है। इसी तरह राजेश के पास 77 लाख रुपये की अचल संपत्ति भी है। उनपर नौ लाख रुपये का कर्ज भी है।