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गंगेश हत्यकांड: पुलिस के मिले साक्ष्य, पुलिस ने दोबारा शुरू की जांच; दावा- ये 'एक घंटा' पुलिस के लिए बेहद खास
Wed, 04 Sep 2024 10:41 AM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Wed, 04 Sep 2024 10:41 AM IST
सार
पुष्पा ने पुलिस को दिए तहरीर में बताया था कि 11 मई की सुबह 10.30 बजे गंगेश घर से निकले थे और 11.30 बजे उन्होंने अपने भतीजे के मोबाइल पर फोन किया। गंगेश ने कहा कि, भाभी सीने में अचानक जलन व पेट में दर्द कर मरोड़ हो रहा है। मुझे लग रहा है कि इन लोगों ने मुझे गलत तरीके से जहर दे दिया है। इन्हीं एक घंटे के बीच में मौत की पूरी कहानी छिपी है।
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गंगेश दत्त पाण्डेय की फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
गंगेश दत्त पाण्डेय की हत्या जहर देकर किए जाने की पुष्टि के बाद पुलिस ने इस केस में दोबारा जांच शुरू कर दी है। जिससे पीड़ित हैरान हैं। मामले को लेकर गंगेश की भाभी पुष्पा ने मंगलवार को सांसद रवि किशन शुक्ल और डीएम से मुलाकात कर आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग की।
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सांसद ने सीओ से बात कर गिरफ्तार करने के लिए कहा है। डीएम ने सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच की जानकारी दी। दो दिन से पुलिस ऑफिस दौड़ रहीं पुष्पा की आज एसएसपी से मुलाकात नहीं हो पाई। वहीं पुलिस का दावा है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
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हार्ट अटैक मानकर पूरे केस को ठंडे बस्ते में डाल चुकी पुलिस विसरा जांच में जहर से मौत की पुष्टि के बाद अब चार महीने पीछे जाकर एक घंटे की गुत्थी सुलझाने के लिए नए सिरे से जांच का दावा कर रही है। वहीं परिवार सवाल उठा रहा है कि पुलिस अब जांच करने जा रही है तो तब क्या कर रही थी।
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गंगेश की भाभी पुष्पा का कहना है कि उस समय तो उन लोगों (पुलिसवालों) ने यही कह कर चुप कराया था कि जांच चल रही है। विसरा रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी। अब जब रिपोर्ट आ गई है तब भी उन्हें न्याय क्यों नहीं मिल रहा है।
एक घंटे की फुटेज में छिपा है सारा राज
पुष्पा ने पुलिस को दिए तहरीर में बताया था कि 11 मई की सुबह 10.30 बजे गंगेश घर से निकले थे और 11.30 बजे उन्होंने अपने भतीजे के मोबाइल पर फोन किया। गंगेश ने कहा कि, भाभी सीने में अचानक जलन व पेट में दर्द कर मरोड़ हो रहा है। मुझे लग रहा है कि इन लोगों ने मुझे गलत तरीके से जहर दे दिया है।
कुछ देर बाद देवर के मोबाइल फोन से ही किसी दूसरे व्यक्ति की कॉल आई और उसने गणेश चौराहे के पास सड़क के किनारे गंगेश के गिरे होने की जानकारी दी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। अब इसी एक घंटे में गंगेश की मौत का सारा राज छिपा है। ऐसे में पुलिस ने इसे सुलझाने का प्रयास शुरू कर दिया है।
13 जून को कैंट थाने में दर्ज हुआ था केस
11 मई को हुई घटना में कैंट पुलिस ने मृतक की भाभी पुष्पा पांडेय की तहरीर पर 13 जून को हत्या और साजिश का केस दर्ज किया था। इस में सेवानिवृत्त प्रोफेसर रामदरश राय, उनके बेटे राहुल राय, राहुल यादव, राहुल पांडेय, दीपनारायण पांडेय के साथ दो अधिवक्ताओं को भी आरोपित बनाया गया था।