देवरिया: बीएसए दफ्तर पहुंची पुलिस और एसटीएफ टीम, संदिग्ध फाइलें जब्त
19 शिक्षकों के फर्जी अनुमोदन से नियुक्ति का मामला, एसटीएफ ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया
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देवरिया जिले में अनुदानित विद्यालयों में हुई शिक्षक भर्ती के फजीवाड़े का पर्दाफाश करने के लिए शुक्रवार को कोतवाली पुलिस बीएसए कार्यालय पहुंच गई। पुलिस ने इस मामले से जुड़ीं फाइलें जब्त की। दूसरी ओर एसटीएफ ने जिले में अपना डेरा जमा लिया है। टीम के सदस्य भी बीएसए दफ्तर पहुंचे और पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ ने छापा मारकर कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है।
11 जुलाई को एसटीएफ ने जिले के दो अनुदानित विद्यालयों में 19 शिक्षकों के फर्जी अनुमोदन से नियुक्ति और एरियर भुगतान के मामले में अधिकारियों-कर्मचारियों की धन के बंदरबांट का पर्दाफाश किया था। मामले में एसटीएफ की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने बीएसए कार्यालय के लेखाधिकारी समेत कुल 17 लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।
उसी दिन पांच लोगों को गिरफ्तार कर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया गया था। हालांकि इस मामले में अभी भी लेखाधिकारी जगदीश लाल श्रीवास्तव फरार चल रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति में डीआईओएस कार्यालय के लेखाधिकारी अबरार आलम को प्रभारी लेखाधिकारी बनाया गया है। लेकिन उनके कार्यालय में नहीं बैठने से भुगतान से संबंधित सारे कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
शुक्रवार को मामले की जांच के लिए कोतवाली पुलिस बेसिक शिक्षा कार्यालय पहुंची। दो अनुदानित स्कूलों में हुए शिक्षक भर्ती मामले से जुड़े सारे अभिलेख प्राप्त किया। पुलिस ने लेखा अनुभाग से भी कुछ जरूरी कागजात हासिल कर चली गई।
दूसरी तरफ एसटीएफ की टीम के सदस्य भी गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी लेने के लिए बीएसए ऑफिस पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ ने छापा मारकर फर्जी अनुमोदन पत्र तैयार कर नौकरी पाने वाले कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है, जिनसे पूछताछ करने में टीम जुटी हुई है।
सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि नियुक्ति से जु्ड़े अभिलेखों लेने के लिए कोतवाली पुलिस बीएसए कार्यालय गई थी। कोतवाल राजू सिंह ने कहा कि जांच से जुड़ी फाइलों को अपने कब्जे में लिया गया है।