Gorakhpur News: अवैध रूप से हिरासत में रखने पर पिपराइच थानेदार निलंबित, एसएसपी ने की कार्रवाई
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि अवैध रूप से एक शख्स को थाने पर बैठाए जाने के आरोप में इंस्पेक्टर को निलंबित कर विभागीय जांच का आदेश दिया गया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गोरखपुर जिले के पिपराइच थाने के दरोगा और सिपाही पर केस दर्ज होने के बाद ही थानेदार इंस्पेक्टर उमाशंकर कुशवाहा पर गाज गिर गई। अवैध रूप से एक शख्स को हिरासत में रखने के आरोप में एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने इंस्पेक्टर को निलंबित कर विभागीय जांच का आदेश दिया है। विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, पिपराइच थाने के ग्राम मौलाखोर निवासी शशि कुमार पुत्र विपिन कुमार ने एसएसपी गोरखपुर को ट्वीट करके बताया था कि 25 जून को गांव के कुछ लोगों ने उनके घरवालों से मारपीट की। इसमें उनके पिता सहित घर के कई लोगों को चोटें आईं। उनके पिता विपिन कुमार ने डायल 112 पर इसकी सूचना दी।
पुलिस आई और दोनों पक्ष के लोगों को पकड़कर थाने ले गई। थाने में उपनिरीक्षक अतुल कुमार सिंह ने उनके ही परिवार पर मुकदमा दर्ज कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि शीघ्र 25 हजार रुपये की व्यवस्था करो, नहीं तो गंभीर धाराओं में फंसाकर जीवन खराब कर देंगे।
आरोप था कि 25 हजार रुपये की वसूली भी की गई। शिकायत की जांच के बाद मंगलवार को एसएसपी ने दरोगा और सिपाही को निलंबित कर भ्रष्टाचार का केस दर्ज करा दिया था। अब इस मामले में इंस्पेक्टर की लापरवाही भी सामने आई है, जिसके बाद एसएसपी ने उसे भी निलंबित कर दिया।
एसएसपी के एक्शन से महकमे में हड़कंप
जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से पुलिस की शिकायत पर एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा एक्शन ले रहे हैं, उससे पुलिस महकमे में हड़कंप है। कुसम्ही में मारपीट के मामले में पुलिसकर्मी निलंबित किए गए थे। फिर जनसुनवाई के दौरान लापरवाही सामने आने पर दो थानेदार हटाए गए और चार पुलिसकर्मी निलंबित किए गए। अब मंगलवार को पिपराइच में भ्रष्टाचार का केस दर्ज कराया गया। इसके बाद महकमे में हड़कंप है। अब अगले दिन बुधवार को इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई हो गई है।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि अवैध रूप से एक शख्स को थाने पर बैठाए जाने के आरोप में इंस्पेक्टर को निलंबित कर विभागीय जांच का आदेश दिया गया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।