सावधान: एक अश्लील वीडियो कॉल और लाखों रुपये की ठगी के शिकार हो जा रहे लोग, जाल में फंस रहे युवा
उप निरीक्षक साइबर क्राइम थाना उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह के कॉल राजस्थान के मेवात और भरतपुर, हरियाणा और दिल्ली के दूरदराज के क्षेत्रों में बैठे गिरोह की तरफ से आते हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो कॉल में दिखने वाली महिला प्रत्यक्ष रूप से मौजूद नहीं रहती है।
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पहले, मोबाइल फोन पर-हेलो! कहां हो ... का मैसेज आया। प्रोफाइल में लड़की का फोटो लगा देख उत्सुकता हुई, तभी उसी नंबर से वीडियो कॉल आ गई। फोन उठाते ही सामने एक महिला अश्लील अवस्था में दिखती है। इसके बाद रिकॉर्डेड वीडियो कॉल के जरिये शुरू हो जाता है ब्लैकमेल कर ठगी का सिलसिला।
सेक्सटॉर्शन (नग्न तस्वीर या वीडियो को वायरल करने के नाम पर ब्लैकमेल करना) के मामले इन दिनों शहर में खूब सामने आ रहे हैं। साइबर थाने में महीने में औसतन 14 से 15 शिकायतें आ रही हैं। पुलिस इन मामलों में कार्रवाई भी कर रही है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इसके लिए लोगों को भी जागरूक होना चाहिए। अनजान नंबर और वीडियो कॉल के चक्कर में न पड़ें तो ही बेहतर। अगर पड़ ही गए हैं तो घबराए नहीं, तुरंत पुलिस की मदद लें।
साइबर क्राइम में सेक्सटॉर्शन, ठगी का एक नया तरीका बनकर तेजी से उभरा है। जागरूकता की कमी या फिर शर्मिंदगी के कारण लोग इसकी गिरफ्त में आ जा रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों की इसी हिचकिचाहट का फायदा उठाकर उन्हें सेक्सटॉर्शन का शिकार बना रहे हैं। फिर, लाखों की ठगी कर रहे हैं।
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इसके अलावा कुछ मामलों में साइबर अपराधी पॉर्न साइट विजिट करने या सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपनी फोटो पब्लिक रखने वालों की तस्वीरों व वीडियो का दुरुपयोग कर सेक्सटॉर्शन करते हैं। बदनामी के डर से लोग शिकायत दर्ज नहीं कराते।
उप निरीक्षक साइबर क्राइम थाना उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह के कॉल राजस्थान के मेवात और भरतपुर, हरियाणा और दिल्ली के दूरदराज के क्षेत्रों में बैठे गिरोह की तरफ से आते हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो कॉल में दिखने वाली महिला प्रत्यक्ष रूप से मौजूद नहीं रहती है। बल्कि, गिरोह द्वारा अन्य डिवाइस से इस तरह की वीडियो चलाई जाती है। फिर आपका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों में वीडियो कॉल न उठाएं और घबराने के बजाय साइबर थाने में शिकायत करें। ऐसे मामलों की शिकायत पुलिस द्वारा दर्ज न होकर ऑनलाइन साइबर क्राइम की साइट पर होती है।
सोशल प्लेटफार्म पर सतर्कता से होगा बचाव
उप निरीक्षक, साइबर थाना उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के इस्तेमाल के दौरान सतर्कता बरतने की जरूरत है। अनजान लिंक को न खोलें। अंजान लोगों से वीडियो कॉल करने से बचें। अगर ऐसी कोई शिकायत हो तो रुपये देने की बजाए पुलिस से संपर्क करें ताकि पीड़ित को ब्लैकमेलिंग से बचाया जा सके। इस पूरी कवायद में साइबर क्राइम पुलिस लोगों की निजता का पूरा ध्यान रखती है।
महिलाओं से ज्यादा पुरुष होते हैं शिकार
सेक्सटॉर्शन के मामले में महिलाओं के अपेक्षा पुरुष ज्यादा शिकार होते हैं। हालांकि, महिलाओं को ही हथकंडा बनाकर यह अपराध किया जाता है। ऐसे अपराधों के शिकार सभी आयु वर्ग के लोग होते हैं। महिलाएं अपनी ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर अधिक सतर्क रहती हैं। इस कारण वह इसकी शिकार कम होती हैं। उदाहरण के लिए इन केसों को पढ़िए...
केस 1
रुस्तमपुर के रहने वाले हरिकेश सिंह (काल्पनिक नाम) को होली के कुछ दिन पहले व्हॉट्सएप पर एक अनजान नंबर से अश्लील मैसेज आता है। उन्होंने जैसी ही मैसेज का जवाब दिया, उधर से वीडियो कॉल आने लगी। हरिकेश ने कॉल उठाई तो स्क्रीन पर नग्न अवस्था में महिला दिखाई दी। इसके बाद हरिकेश ने फोन काट दिया। फिर कुछ देर बाद उनके फोन पर दूसरे नंबर से वीडियो मैसेज आया और कुछ रुपये देने की मांग की गई। रुपये न देने पर अश्लील वीडियो को रिश्तेदारों और दोस्तों को भेजने और यूट्यूब पर वायरल करने की धमकी दी गई। हरिकेश ने गिरोह के खाते में डेढ़ लाख रुपये जमा कर दिए।
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केस 2
तिवारीपुर निवासी अखिलेश ( काल्पनिक नाम) के साथ भी शुरुआत में यही हुआ। उन्होंने भी फोन उठाया, बात की और फिर वीडियो के जरिये ब्लैकमेल किए गए। इस बात को घरवालों से साझा करने में भी वह संकोच करने लगे। संकोच के कारण वह गिरोह द्वारा लाखों रुपए के ठगी के शिकार हुए। कभी यूट्यूब कर्मी, तो कभी विभाग का अधिकारी बन कर आरोपियों ने उनसे रुपये ऐंठे।