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सलाह: दूसरी लहर में संक्रमित होने वाले मरीजों को इस बीमारी का है खतरा, ऐसे करें बचाव

Thu, 27 Jan 2022 05:25 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 27 Jan 2022 05:25 PM IST
सार

डॉ राजेश कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों को शुगर बढ़ने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे  मरीज जिनका शुगर लेवल बॉर्डर लाइन पर है तो, उन्हें भी संक्रमण के बाद शुगर की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

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Patients get infected in second wave risk of blood sugar and BP
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित होने वालों को सावधान रहने की जरूरत है। तीसरी लहर ऐसे लोगों की सेहत के लिए खतरे की घंटी है। ऐसे मरीजों का अचानक से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर हाई हो जा रहा है। दूसरी लहर में संक्रमित होने वाली आबादी में 10 प्रतिशत लोगों में शुगर-ब्लड प्रेशर के साथ लीवर की समस्या आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लोगों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। कोरोना के दुष्प्रभाव को लेकर थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा हो सकती है।

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जानकारी के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट ने ज्यादा तबाही मचाई थी। डेल्टा वैरिएंट की वजह से संक्रमितों की सबसे अधिक जान गई थी। दूसरी लहर में संक्रमित करने वाला वायरस अब तीसरी लहर में भी अपना रंग दिखा रहा है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ राजेश कुमार ने बताया कि संक्रमण की वजह से शुगर का मामला भी तेजी से बढ़ा है।
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संक्रमित होने वालों में शुगर बढ़ जाने के कारण बीपी और लीवर की समस्या भी सामने आ रही है। ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे मरीजों को तीसरी लहर में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। दूसरी लहर में संक्रमित आबादी में पांच से 10 प्रतिशत लोगों में गंभीर समस्या देखने को मिल रही है, जिन मरीजों को शुगर और बीपी की दिक्कतें नहीं थी, उन्हें बीपी और शुगर की परेशानी शुरू हो गई है।
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इसके अलावा 10 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिनका ब्लड शुगर लेबल बॉर्डर पर था, अब उनका शुगर और हाई हो गया है। ऐसे मरीजों को तीसरी लहर में बचना होगा। क्योंकि, तीसरी लहर का दुष्प्रभाव तत्काल नहीं दिखेगा।

वायरस से संक्रमित होने वालों को शुगर का खतरा अधिक

डॉ राजेश कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों को शुगर बढ़ने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे  मरीज जिनका शुगर लेवल बॉर्डर लाइन पर है तो, उन्हें भी संक्रमण के बाद शुगर की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना के बाद से पांच से 10 प्रतिशत लोगों में यह समस्या देखी गई है। इसके अलावा, दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों में अभी भी खांसी के साथ कमजोरी की समस्या देखने को मिल रही है।

कोरोना के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय

  • शुगर ब्लड प्रेशर के साथ लीवर से जुड़ी समस्या की नियमित जांच कराएं।कोरोना से उबरे लोग नियमित व्यायाम करें।
  • शुगर की दवाओं का डोज बढ़ाने को लेकर डॉक्टर से संपर्क करें।
  • डेल्टा से संक्रमित लोग सेहत पर विशेष ध्यान दें।


 

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