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खुशखबर: अब मनचाहे नंबर के लिए नहीं लगाना होगा आरटीओ दफ्तर का चक्कर, जानिए कैसे
Tue, 31 Aug 2021 01:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बस्ती।
अमर उजाला नेटवर्क, बस्ती।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 01:36 PM IST
सार
शासन के निर्देश पर परिवहन आयुक्त ने वाहन खरीदने से पहले ही फैंसी नंबर की ऑनलाइन बुकिंग करने का निर्देश जारी किया है।
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सड़क पर दौड़ती वाहन
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मनचाहे नंबरों के शौकीनों को अब आरटीओ दफ्तर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इसके लिए शासन के निर्देश पर परिवहन आयुक्त ने वाहन खरीदने से पहले ही फैंसी नंबर की ऑनलाइन बुकिंग करने का निर्देश जारी किया है। वाहन स्वामी खुद अथवा वाहन डीलरों के माध्यम से गाड़ी खरीदने से पहले ही फैंसी नंबर ऑनलाइन बुक करेंगे।
नए लग्जरी वाहनों समेत अन्य भारी व छोटे वाहनों पर वाहन स्वामी वीआईपी और फैंसी नंबर लगाने के शौकीन हो चुके हैं। इसके लिए परिवहन विभाग ने 2018 में अधिकतम छह हजार रुपये तक का शुल्क निर्धारित किया था। जिसे परिवहन विभाग के दफ्तर में जमा कर वाहन स्वामी मनचाहा नंबर बुक करवा लेते थे। बाद में राजस्व आय बढ़ाने के लिए परिवहन विभाग ने नीलामी की प्रक्रिया अपना लिया और उन नंबरों के लिए अधिक बोली लगाने वाले को नंबर अलॉट होने लगा। इस व्यवस्था में खोट नजर आने लगा तो परिवहन आयुक्त ने पारदर्शिता को देखते हुए यह अधिकार वाहन डीलरों को दे दिया और वाहन खरीदार खुद भी इसके लिए ऑनलाइन फैंसी नंबर बुक कर सकता है।
एआरटीओ दफ्तर के डाटा बेस ऑपरेटर राकेश तिवारी के अनुसार वाहन पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग की वैधता माह भर के लिए निर्धारित की गई है। उसके बाद अगर बुक करने वाला बुक किया गया नंबर नहीं लेता है तो उसकी वैधता स्वत: समाप्त हो जाएगी और उसे कोई भी दूसरा अलॉट करवा सकता है। इसके लिए वाहन खरीदने से पहले मनचाहा नंबर ऑनलाइन अलॉट करवाना होगा और उसकी रसीद के जरिए वाहन डीलर गाड़ी का पंजीयन करवाकर नंबर दे देगा।
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अगर उस नंबर का सीरीज पंजीयन वाले जिले में नहीं चालू हुआ है तो तब तक वाहन स्वामी को अपने अलॉट किए गए नंबर का इंतजार करना होगा, तभी वाहन डीलर पंजीयन व इंश्योरेंस समेत गाड़ी की डिलीवरी कर सकेगा। इस व्यवस्था में भी पहले आओ और पहले पाओ का सिद्धांत लागू किया गया है।
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नए लग्जरी वाहनों समेत अन्य भारी व छोटे वाहनों पर वाहन स्वामी वीआईपी और फैंसी नंबर लगाने के शौकीन हो चुके हैं। इसके लिए परिवहन विभाग ने 2018 में अधिकतम छह हजार रुपये तक का शुल्क निर्धारित किया था। जिसे परिवहन विभाग के दफ्तर में जमा कर वाहन स्वामी मनचाहा नंबर बुक करवा लेते थे। बाद में राजस्व आय बढ़ाने के लिए परिवहन विभाग ने नीलामी की प्रक्रिया अपना लिया और उन नंबरों के लिए अधिक बोली लगाने वाले को नंबर अलॉट होने लगा। इस व्यवस्था में खोट नजर आने लगा तो परिवहन आयुक्त ने पारदर्शिता को देखते हुए यह अधिकार वाहन डीलरों को दे दिया और वाहन खरीदार खुद भी इसके लिए ऑनलाइन फैंसी नंबर बुक कर सकता है।
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एआरटीओ दफ्तर के डाटा बेस ऑपरेटर राकेश तिवारी के अनुसार वाहन पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग की वैधता माह भर के लिए निर्धारित की गई है। उसके बाद अगर बुक करने वाला बुक किया गया नंबर नहीं लेता है तो उसकी वैधता स्वत: समाप्त हो जाएगी और उसे कोई भी दूसरा अलॉट करवा सकता है। इसके लिए वाहन खरीदने से पहले मनचाहा नंबर ऑनलाइन अलॉट करवाना होगा और उसकी रसीद के जरिए वाहन डीलर गाड़ी का पंजीयन करवाकर नंबर दे देगा।
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अगर उस नंबर का सीरीज पंजीयन वाले जिले में नहीं चालू हुआ है तो तब तक वाहन स्वामी को अपने अलॉट किए गए नंबर का इंतजार करना होगा, तभी वाहन डीलर पंजीयन व इंश्योरेंस समेत गाड़ी की डिलीवरी कर सकेगा। इस व्यवस्था में भी पहले आओ और पहले पाओ का सिद्धांत लागू किया गया है।
इन नंबरों की होती है ज्यादा डिमांड
1000, 9999, 0786 व 3300 ऐसे धार्मिक व खास नंबर हैं जिन्हें अति आकर्षक श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा अति महत्वपूर्ण पंजीयन श्रेणी में 9600, 1001, 2100 व 8800 आदि को रखा गया है। तीसरी श्रेणी में 4466, 9911 व 1112 आदि नंबरों को प्राथमिकता दी गई है।
जिले के सभी वाहन डीलर्स को ऑनलाइन नंबरों की बुकिंग के बारे में जानकारी दे दी गई है। उन्हें यह भी हिदायत दी गई है कि वाहन बिक्री के समय वाहन स्वामियों को इस व्यवस्था से पहले ही अवगत करा दें ताकि गाड़ी के खरीदार अपना मनचाहा नंबर पहले आरक्षित करवा लें और उसके एवज में समस्त धनराशि जमा कर दें। अलॉटमेंट लेटर व शुल्क जमा करने की रसीद प्रस्तुत करने पर ही गाड़ी की बिक्री करें।
- अरुण प्रकाश चौबे, एआरटीओ प्रशासन, बस्ती।
राजस्व आय में बस्ती आरटीओ सूबे में अव्वल
संभागीय परिवहन कार्यालय बस्ती ने जुलाई 2021 तक राजस्व आय बढ़ाने में प्रदेश मेें पहला स्थान हासिल किया है। बस्ती संभाग के आरटीओ प्रशासन सगीर अहमद अंसारी ने बताया कि 73.32 फीसदी राजस्व हासिल कर बस्ती मंडल प्रदेश में प्रथम, 70.92 प्रतिशत राजस्व पाकर देवीपाटन मंडल द्वितीय व 70.03 प्रतिशत राजस्व पाकर मिर्जापुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है।
1000, 9999, 0786 व 3300 ऐसे धार्मिक व खास नंबर हैं जिन्हें अति आकर्षक श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा अति महत्वपूर्ण पंजीयन श्रेणी में 9600, 1001, 2100 व 8800 आदि को रखा गया है। तीसरी श्रेणी में 4466, 9911 व 1112 आदि नंबरों को प्राथमिकता दी गई है।
जिले के सभी वाहन डीलर्स को ऑनलाइन नंबरों की बुकिंग के बारे में जानकारी दे दी गई है। उन्हें यह भी हिदायत दी गई है कि वाहन बिक्री के समय वाहन स्वामियों को इस व्यवस्था से पहले ही अवगत करा दें ताकि गाड़ी के खरीदार अपना मनचाहा नंबर पहले आरक्षित करवा लें और उसके एवज में समस्त धनराशि जमा कर दें। अलॉटमेंट लेटर व शुल्क जमा करने की रसीद प्रस्तुत करने पर ही गाड़ी की बिक्री करें।
- अरुण प्रकाश चौबे, एआरटीओ प्रशासन, बस्ती।
राजस्व आय में बस्ती आरटीओ सूबे में अव्वल
संभागीय परिवहन कार्यालय बस्ती ने जुलाई 2021 तक राजस्व आय बढ़ाने में प्रदेश मेें पहला स्थान हासिल किया है। बस्ती संभाग के आरटीओ प्रशासन सगीर अहमद अंसारी ने बताया कि 73.32 फीसदी राजस्व हासिल कर बस्ती मंडल प्रदेश में प्रथम, 70.92 प्रतिशत राजस्व पाकर देवीपाटन मंडल द्वितीय व 70.03 प्रतिशत राजस्व पाकर मिर्जापुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है।