अब गोरखपुर से वाराणसी तक इलेक्ट्रिक इंजन से चलेंगी ट्रेनें, यहां किया गया सफल ट्रायल
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अब गोरखपुर से वाराणसी के बीच भी इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें चल सकेंगी। भटनी से औड़िहार के बीच दो खंडों पर कार्य पूरा कराकर इलेक्ट्रिक इंजन से सफल ट्रायल कर लिया गया है। जल्द ही रेल संरक्षा आयुक्त से इसका निरीक्षण कराया जाएगा। इलेक्ट्रिक इंजन से पर्यावरण संरक्षण में मदद तो मिलेगी ही रेलवे को आर्थिक और समय, दोनों की बचत होगी।
कोरोना संक्रमण काल में पूर्वोत्तर रेलवे में कई बड़े काम कराए गए हैं। वाराणसी मंडल के भटनी-औड़िहार रेलखंड पर 125 रूट किलोमीटर के विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि 18 जून को भटनी-किड़िहरापुर तथा 19 जून को औड़िहार-इंदारा के बीच इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल कर लिया गया है।
इस खंड के अतिरिक्त अन्य खंडों पर भी विद्युतीकरण का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। लखनऊ मंडल के गोंडा-सुभागपुर खंड (11 रूट किमी) पर भी 19 जून को इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल हुआ। इज्जतनगर मंडल में कासगंज-बरेली खंड (108 रूट किलोमीटर) के विद्युतीकरण का कार्य भी पूर्ण कराया गया है।
पिछले वर्ष 540 किमी ट्रैक का विद्युतीकरण
इन खंडों पर शीघ्र ही रेल संरक्षा आयुक्त के द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन तीनों खंडों के विद्युतीकरण होने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे पर कुल 1967 रूट किलोमीटर ट्रैक का विद्युतीकरण हो जाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे ने पिछले वर्ष 540 रूट किमी. रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का काम पूरा किया। वर्ष 2016-17 में 159.20 किमी, 2017-18 में 167.14 किमी. एवं 2018-19 में 431.23 किलोमीटर रेलखंड का विद्युतीकरण पूरा हुआ है।