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गोरखपुर विश्वविद्यालय: चार वार्डन समेत नौ अधीक्षकों को नोटिस, छात्रावास में मिली थीं खामियां

Tue, 12 Apr 2022 03:40 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 12 Apr 2022 03:40 PM IST
सार

चारों छात्रावास के संचालन में लापरवाही पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उठाया सख्त कदम, राज्यपाल के ओएसडी के निरीक्षण में भी छात्रावास में मिली थीं खामियां।

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Notice to nine superintendents including four wardens of Gorakhpur University
DDU gorakhpur - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रावासों के संचालन में गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने वाले चार वार्डन और नौ अधीक्षकों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही मेस संचालन, साफ-सफाई समेत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

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कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल जानी ने दो अप्रैल को गोरखपुर विश्वविद्यालय का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने संत कबीर छात्रावास, विवेकानंद छात्रावास व नाथ चंद्रावत छात्रावासों का भी निरीक्षण किया था। निरीक्षण में मिली खामियों पर कुलसचिव कार्यालय द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे इस संबंध में जल्द स्पष्टीकरण मांगा गया है। सभी छात्रावासों में एक-एक वार्डेन और बुद्ध, कबीर व विवेकानंद छात्रावास में दो अधीक्षक जबकि एनसी छात्रावास में तीन अधीक्षक हैं। विवि प्रशासन द्वारा सभी को नोटिस जारी किया गया है।
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वहीं, नोटिस पाने वाले कुछ वार्डेन और अधीक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने विभिन्न समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों का पत्र लिखा है लेकिन समाधान नहीं हुआ। पानी की टंकी ठीक कराने, आरओ सही कराए जाने, सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाए जाने के संबंध में कई बार पत्र लिखा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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रूसा द्वारा बनवाए गए कई बाथरूम की हालत खस्ता है। चारों छात्रावासों में कई कमरे कंडम हैं, उनकी मरम्मत के लिए भी लिखा गया लेकिन नतीजा सिफर रहा। बताते हैं कि बुद्ध छात्रावास में डॉ. जानी ने निरीक्षण नहीं किया था। उसके बाद भी वहां के अधिकारियों को नोटिस मिलने से वे हतप्रभ हैं।


गोरखपुर विश्वविद्यालय कुलसचिव, विशेश्वर प्रसाद ने बताया कि चारों छात्रावास के वार्डेन और अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें जल्द से जल्द अपना स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है।
 

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