यूपी: गोरखपुर को मिले 10 इंस्पेक्टर पर आने को तैयार नहीं, बना रहे हैं ये बहाना
सिद्धार्थनगर, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर जिले में इंस्पेक्टर तैनात हैं। यहां कोई स्वास्थ्य का बहाना तो कोई पारिवारिक समस्या बताकर गोरखपुर आने को तैयार नहीं हैं।
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गोरखपुर जिले से कई इंस्पेक्टर के तबादले के बाद ही 10 नए इंस्पेक्टर गोरखपुर को मिले हैं, लेकिन यहां आने को लेकर वे आनाकानी कर रहे हैं। कोई अपनी सेहत को खराब बता रहा है तो कोई घर परिवार की परेशानी बता रहा है।
जानकारी के मुताबिक, जिले में तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर तबादला किया गया है। इसी के तहत गोरखपुर से कई लोग बाहर भेजे गए हैं तो वही सिद्धार्थनगर बहराइच गोंडा बलरामपुर से 10 लोगों को गोरखपुर भेजा गया है। एसएसपी की मांग पर एडीजी अखिल कुमार ने 23 सितंबर को सिद्धार्थनगर में तैनात इंस्पेक्टर रणधीर कुमार मिश्रा, राजेंद्र बहादुर सिंह, बहराइच में तैनात मधुप मिश्र, संजय कुमार सिंह, बलरामपुर में तैनात कमलेश कुमार, विवेक मलिक, मानवेंद्र पाठक, चंद्रहास मिश्र, उमेश कुमार वाजपेई और गोंडा में तैनात श्याम बहादुर सिंह का तबादला गोरखपुर जिले में कर दिया, लेकिन अभी तक किसी ने भी ज्वाइन नहीं किया।
स्वाट प्रभारी रहे सुशील शुक्ला को थानेदारी सौंपी गई, श्यामदेव बिंद को सीओ का चार्ज
रामगढ़ताल इलाके के मॉडल शॉप में पीट-पीटकर बेकसूर कर्मचारी मनीष प्रजापति की हत्या के बाद सीओ कैंट रहे राहुल भाटी को हटा दिया गया। वहीं चंद घंटे पहले ही थाने का चार्ज लिए इंस्पेक्टर केके राणा को लाइनहाजिर कर दिया गया है। स्वाट प्रभारी रहे सुशील शुक्ला को नया थानेदार बनाया गया है। राहुल भाटी को सीओ बांसगांव बनाया गया है और बांसगांव में रहे श्याम देव बिंद को सीओ कैंट का चार्ज सौंपा गया है। उधर, तहरीर के आधार पर पुलिस ने दस से पंद्रह अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर चार लोगों को हिरासत में लिया है। उनके भूमिका की जांच पुलिस कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, महराजगंज के नागेंद्र प्रताप सिंह का वरदायनी के पास मॉडल शॉप है। उनका बेटा मनीष सिंह इसका संचालन करते हैं। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के पनगढ़ी निवासी श्रवण प्रजापति का 24 साल का बेटा मनीष प्रजापति मॉडल शॉप कैंटीन कर्मचारी के रूप में काम करता था। बृहस्पतिवार की रात में मुफ्त में शराब ना देने पर उसकी बेहरमी से गुंडों ने पिटाई कर दी थी जिससे उसकी मौत हो गई थी। उसे बचाने की कोशिश करने वाले कर्मचारी रद्यु को भी गुंडों ने मारपीट कर घायल कर दिया था और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पुलिस ने इस मामले में मृतक के पिता श्रवण की तहरीर पर अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर मालमे की छानबीन शुरू की है। घटना सीसी टीवी में कैद होने की वजह से उसकी मदद से पुलिस पहचान करने में जुटी है। बताया जा रहा है कि कोतवाली इलाके का एक हिस्ट्रीशीटर, जोकि एक कॉलेज में छात्रसंघ पदाधिकारी भी रहा है, उसके भाई ने अपने गुंडे दोस्तों के साथ वारदात की है। पुलिस उसके घर व दोस्तों के घर पर छापेमारी कर चार लोगों को उठा लिया है और छानबीन कर रही है। खबर है कि घायल रद्यु को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।