गोरखपुर मंडल: बिजली निगम के मस्टर रोल कर्मियों की सूची तलब, विजिलेंस कर रही जांच
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम गोरखपुर जोन के विभिन्न खंड में 1991, 1996 और 2001 में दैनिक वेतन पर कुछ बाहरी कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। उस समय इनके मानदेय का भुगतान निगम खुद करता था।
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गोरखपुर जोन के विभिन्न वितरण खंडों में मस्टर रोल पर काम करने वाले कर्मचारियों की सूची कॉरपोरेशन ने तलब की है। इन कर्मचारियों की तैनाती और भुगतान संबंधी शिकायतों पर मुख्य अभियंता से ये सूची मांगी गई है। अभी सिर्फ कुशीनगर जिले के कसया वितरण खंड ने 50 मस्टर रोल कर्मियों की सत्यापित सूची दी है।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम गोरखपुर जोन के विभिन्न खंड में 1991, 1996 और 2001 में दैनिक वेतन पर कुछ बाहरी कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। उस समय इनके मानदेय का भुगतान निगम खुद करता था। कुछ वर्षों तक काम लेने के बाद इन कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया। इस पर विभिन्न संगठनों ने मस्टर रोल कर्मचारियों के समायोजन के लिए मांग उठाई। कुछ कर्मचारी संगठन इस मामले को लेकर कोर्ट चले गए। वहां से आदेश जारी होने के बाद, ज्यादातर मस्टर रोल कर्मचारियों का विनियमितीकरण हो गया।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर मार्च-20 में कारपोरेशन ने समायोजन से शेष बचे, दैनिक वेतन/मस्टर रोल कर्मचारियों की सूची मांगी। तत्कालीन मुख्य अभियंता ने वितरण खंडों से मस्टर रोल कर्मचारियों की सूची मंगाकर पूर्वांचल एमडी को भेज दी। लेकिन, कर्मचारी संगठन ने इस सूची में शामिल नामों में घालमेल की शिकायत कॉरपोरेशन के एमडी से कर दी। इसका संज्ञान लेकर एमडी ने कॉरपोरेशन की विजिलेंस टीम को जांच सौंपी है। मुख्य अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मस्टर रोल कर्मियों का ब्यौरा मांगा गया है।
क्या होता है मस्टर रोल
किसी भी सरकारी विभाग में जब बाहरी कर्मियों से काम लिया जाता और उन्हें निश्चित मानदेय भुगतान करते हैं, तो उन्हें मस्टर रोल कर्मी कहा जाता है। ऐसे ही बिजली निगम में पहले काम करने वाले आउटसोर्सिंग कर्मियों को विभाग खुद भुगतान करता था। अब एजेंसी को ठेका देकर उनसे भुगतान करवाया जाता है।