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Gorakhpur News: डीडीयू के रिटायर प्रोफेसर व बेटे समेत सात पर हत्या का केस दर्ज
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गोरखपुर।
बेतियाहाता निवासी गंगेश दत्त पांडेय की मौत के मामले में कैंट पुलिस ने 32 दिन बाद बृहस्पतिवार को डीडीयू के रिटायर प्रोफेसर व उनके बेटे समेत सात लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया। गंगेश की गोलघर गणेश चौक पर 11 मई को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। गंगेश की भाभी ने जहर देकर मारने का आरोप लगाते हुए कैंट थाने में तहरीर दी थी। पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है।
बेतियाहाता दक्षिणी में रहने वाली पुष्पा देवी की पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, उनके पति योगेश दत्त पांडेय की 2017 में हत्या कर दी गई। देवर गंगेश इस केस की पैरवी करते थे। इसलिए आरोपी परिवार के लोग लगातार उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे। इसकी शिकायत पुलिस से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस वजह से देवर ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था।
इस बीच केस के संबंध में बातचीत करने के लिए 11 मई को उनके देवर को खोवा मंडी गली के एक होटल में विपक्षियों ने बुलाया। दिन में करीब 11:30 बजे गंगेश का फोन आया कि पेट में जलन हो रही है लग रहा है आरोपियों ने जहर दे दिया है। कुछ देर बाद अंजान नंबर से फोन आया कि गणेश चौराहे के पास गंगेश गिर गए हैं, जहां से उन्हें गोलघर स्थित अस्पताल ले जाया गया, वहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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तहरीर में पुष्पा ने डीडीयू के सेवानिवृत्त प्रोफेसर रामदरश राय उनके बेटे राहुल राय के अलावा राहुल यादव, राहुल पांडेय, दीपनारायण पांडेय के साथ दो अधिवक्ताओं पर गंगेश को जहर देकर मारने का आरोप लगाया। सीओ कैंट अंशिका वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। साक्ष्य के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह हुई योगेश की हत्या, जंगल में फेंका शव
वर्ष 2017 में रुपये के लेन देन को लेकर योगेश दत्त पांडेय की हत्या की गई थी। इस घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया था कि योगेश और मुख्य आरोपी राहुल राय आठ साल पुराने दोस्त थे। योगेश ने राहुल को ब्याज पर रुपये दिए थे, जिसे वापस न देना पड़े इसके लिए उन्हें स्कूल में बुलाया। स्कूल में कर्मचारी राहुल यादव और राहुल पांडेय के साथ योगेश की हत्या कर दी। इसके बाद उसका शव कैंपियरगंज के जंगल में ले जाकर फेंक दिया। इंदिरानगर स्थित पार्षद के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से इस घटना का खुलासा पुलिस ने किया था।
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बेतियाहाता निवासी गंगेश दत्त पांडेय की मौत के मामले में कैंट पुलिस ने 32 दिन बाद बृहस्पतिवार को डीडीयू के रिटायर प्रोफेसर व उनके बेटे समेत सात लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया। गंगेश की गोलघर गणेश चौक पर 11 मई को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। गंगेश की भाभी ने जहर देकर मारने का आरोप लगाते हुए कैंट थाने में तहरीर दी थी। पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है।
बेतियाहाता दक्षिणी में रहने वाली पुष्पा देवी की पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, उनके पति योगेश दत्त पांडेय की 2017 में हत्या कर दी गई। देवर गंगेश इस केस की पैरवी करते थे। इसलिए आरोपी परिवार के लोग लगातार उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे। इसकी शिकायत पुलिस से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस वजह से देवर ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था।
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इस बीच केस के संबंध में बातचीत करने के लिए 11 मई को उनके देवर को खोवा मंडी गली के एक होटल में विपक्षियों ने बुलाया। दिन में करीब 11:30 बजे गंगेश का फोन आया कि पेट में जलन हो रही है लग रहा है आरोपियों ने जहर दे दिया है। कुछ देर बाद अंजान नंबर से फोन आया कि गणेश चौराहे के पास गंगेश गिर गए हैं, जहां से उन्हें गोलघर स्थित अस्पताल ले जाया गया, वहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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तहरीर में पुष्पा ने डीडीयू के सेवानिवृत्त प्रोफेसर रामदरश राय उनके बेटे राहुल राय के अलावा राहुल यादव, राहुल पांडेय, दीपनारायण पांडेय के साथ दो अधिवक्ताओं पर गंगेश को जहर देकर मारने का आरोप लगाया। सीओ कैंट अंशिका वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। साक्ष्य के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह हुई योगेश की हत्या, जंगल में फेंका शव
वर्ष 2017 में रुपये के लेन देन को लेकर योगेश दत्त पांडेय की हत्या की गई थी। इस घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया था कि योगेश और मुख्य आरोपी राहुल राय आठ साल पुराने दोस्त थे। योगेश ने राहुल को ब्याज पर रुपये दिए थे, जिसे वापस न देना पड़े इसके लिए उन्हें स्कूल में बुलाया। स्कूल में कर्मचारी राहुल यादव और राहुल पांडेय के साथ योगेश की हत्या कर दी। इसके बाद उसका शव कैंपियरगंज के जंगल में ले जाकर फेंक दिया। इंदिरानगर स्थित पार्षद के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से इस घटना का खुलासा पुलिस ने किया था।