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Gorakhpur News: हड़ताल के बाद सामान्य हुआ रोडवेज बसों का संचलन
Thu, 04 Jan 2024 01:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 04 Jan 2024 01:18 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दो दिनों तक चली रोडवेज, निजी व ई-बस और ऑटो चालकों की हड़ताल खत्म होने के बाद बुधवार को वाहनों का संचलन समान्य हो गया। इससे लोगों को काफी राहत मिली। हालांकि हड़ताल के बाद भी यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों से कम रही।
बुधवार को लोकल रूटों पर यात्रियों की भीड़ अधिक रही। वहीं, लंबी दूरी की ज्यादातर बसें खाली रहीं। बस का संचालन शुरू होने के बाद कानपुर और दिल्ली के यात्रियों की संख्या सबसे कम रही। वहीं, कुशीनगर, देवरिया और महाराजगंज रूट पर यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रही। वहीं, निजी बस, ई-बस और ऑटो भी सड़कों पर आम दिनों की तरह ही दौड़ती नजर आईं।
बुधवार की दोपहर एक बजे लखनऊ की बस में बैठे प्रवीण ने बताया कि लखनऊ पीजीआई इलाज कराने जाना था। दो दिनों से बस की तलाश में बस स्टेशन आ रहा था, लेकिन नहीं मिल रही थी। आज बस मिली है तो अब इलाज कराने लखनऊ जा रहा हूं। दिल्ली की ट्रेन से गोरखपुर बस स्टेशन पहुंच नागेंद्र ने बताया कि उन्हें महाराजगंज जाना था। हड़ताल होने से डर बना हुआ था कि लेकिन, यहां आया तो पता चला कि खत्म होने की जानकारी मिली। इससे काफी राहत मिली। बस मिल गई है अब घर जा रहा हूं।
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गोरखपुर। दो दिनों तक चली रोडवेज, निजी व ई-बस और ऑटो चालकों की हड़ताल खत्म होने के बाद बुधवार को वाहनों का संचलन समान्य हो गया। इससे लोगों को काफी राहत मिली। हालांकि हड़ताल के बाद भी यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों से कम रही।
बुधवार को लोकल रूटों पर यात्रियों की भीड़ अधिक रही। वहीं, लंबी दूरी की ज्यादातर बसें खाली रहीं। बस का संचालन शुरू होने के बाद कानपुर और दिल्ली के यात्रियों की संख्या सबसे कम रही। वहीं, कुशीनगर, देवरिया और महाराजगंज रूट पर यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रही। वहीं, निजी बस, ई-बस और ऑटो भी सड़कों पर आम दिनों की तरह ही दौड़ती नजर आईं।
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बुधवार की दोपहर एक बजे लखनऊ की बस में बैठे प्रवीण ने बताया कि लखनऊ पीजीआई इलाज कराने जाना था। दो दिनों से बस की तलाश में बस स्टेशन आ रहा था, लेकिन नहीं मिल रही थी। आज बस मिली है तो अब इलाज कराने लखनऊ जा रहा हूं। दिल्ली की ट्रेन से गोरखपुर बस स्टेशन पहुंच नागेंद्र ने बताया कि उन्हें महाराजगंज जाना था। हड़ताल होने से डर बना हुआ था कि लेकिन, यहां आया तो पता चला कि खत्म होने की जानकारी मिली। इससे काफी राहत मिली। बस मिल गई है अब घर जा रहा हूं।
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