{"_id":"6ab19ace0c91b9350b02942d","slug":"mmmuts-cyber-army-gearing-up-to-tackle-digital-arrest-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1458708-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: डिजिटल अरेस्ट से निपटने के लिए तैयार हो रही एमएमएमयूटी की साइबर आर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: डिजिटल अरेस्ट से निपटने के लिए तैयार हो रही एमएमएमयूटी की साइबर आर्मी
Tue, 22 Sep 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 22 Sep 2026 02:29 AM IST
विज्ञापन
गोरखपुर। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच तकनीकी शिक्षकों को डिजिटल जांच और साइबर सुरक्षा में दक्ष बनाने की पहल शुरू हुई है। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में सोमवार से शुरू हुए पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम में 58 प्रतिभागियों को डिजिटल फॉरेंसिक्स, साइबर सुरक्षा और साइबर अपराधों की जांच का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
21 से 25 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन एमएमएमयूटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग और साइबर फॉरेंसिक रिसर्च सेंटर ने नाइलिट, गोरखपुर के सहयोग से किया है। यह इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आईएसईए प्रोजेक्ट फेज-3 के तहत आयोजित हो रहा है।
कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने उद्घाटन के दौरान डेटा ब्रीच, बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग और साइबर स्कैम से निपटने के लिए दक्ष मानव संसाधन की जरूरत बताई। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का उपयोग शिक्षण, शोध और नवाचार में करने का आह्वान किया। विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम, एआई आधारित ठगी, साइबर स्टॉकिंग और पहचान चोरी को गंभीर चुनौतियां बताया। नाइलिट के वैज्ञानिक ‘डी’ अभिनव मिश्रा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
विज्ञापन
प्रशिक्षण में नेटवर्क सुरक्षा, क्रिप्टोग्राफी, क्लाउड सुरक्षा, एआई, एलएलएम खतरे और सुरक्षा परीक्षण के साथ डिस्क, मोबाइल, नेटवर्क, क्रिप्टोकरेंसी, ड्रोन और सोशल मीडिया फॉरेंसिक्स का व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है। समन्वयक डॉ. पवन कुमार मल्ल और डॉ. विमल कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में 58 प्रतिभागी शामिल हैं। डॉ. बीके शर्मा ने आभार व्यक्त किया। उद्घाटन कार्यक्रम में डॉ. विपुल नारायण, डॉ. सुमित कुमार, डॉ. शैलेश कुमार, डॉ. स्वप्निता श्रीवास्तव, डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, अजय वर्मा व पतंजलि पांडेय सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी व प्रतिभागी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
21 से 25 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन एमएमएमयूटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग और साइबर फॉरेंसिक रिसर्च सेंटर ने नाइलिट, गोरखपुर के सहयोग से किया है। यह इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आईएसईए प्रोजेक्ट फेज-3 के तहत आयोजित हो रहा है।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने उद्घाटन के दौरान डेटा ब्रीच, बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग और साइबर स्कैम से निपटने के लिए दक्ष मानव संसाधन की जरूरत बताई। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का उपयोग शिक्षण, शोध और नवाचार में करने का आह्वान किया। विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम, एआई आधारित ठगी, साइबर स्टॉकिंग और पहचान चोरी को गंभीर चुनौतियां बताया। नाइलिट के वैज्ञानिक ‘डी’ अभिनव मिश्रा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
विज्ञापन
प्रशिक्षण में नेटवर्क सुरक्षा, क्रिप्टोग्राफी, क्लाउड सुरक्षा, एआई, एलएलएम खतरे और सुरक्षा परीक्षण के साथ डिस्क, मोबाइल, नेटवर्क, क्रिप्टोकरेंसी, ड्रोन और सोशल मीडिया फॉरेंसिक्स का व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है। समन्वयक डॉ. पवन कुमार मल्ल और डॉ. विमल कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में 58 प्रतिभागी शामिल हैं। डॉ. बीके शर्मा ने आभार व्यक्त किया। उद्घाटन कार्यक्रम में डॉ. विपुल नारायण, डॉ. सुमित कुमार, डॉ. शैलेश कुमार, डॉ. स्वप्निता श्रीवास्तव, डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, अजय वर्मा व पतंजलि पांडेय सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी व प्रतिभागी उपस्थित रहे।