{"_id":"64551fb42fee9c5e700bf146","slug":"mmmut-send-setelite-in-space-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-153853-2023-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशखबर: अंतरिक्ष में शैक्षणिक उपग्रह भेजेगा MMMUT, शोधार्थियों की टीम जाएगी बेंगलुरु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबर: अंतरिक्ष में शैक्षणिक उपग्रह भेजेगा MMMUT, शोधार्थियों की टीम जाएगी बेंगलुरु
Sat, 06 May 2023 10:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 06 May 2023 10:36 AM IST
सार
एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसरो की सहायता से एमएमएमयूटी का सेटेलाइट लांच करने की योजना तैयार की है। सात से आठ महीने में इसे बनाकर तैयार कर लिया जाएगा। जल्द ही विश्वविद्यालय की 10 सदस्यीय टीम बेंगलुरु जाएगी।
विज्ञापन
MMMUT
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) की सहायता से अपना शैक्षणिक उपग्रह लांच करेगा। इसे गुरु गोरक्षनाथ एजुकेशनल सेटेलाइट नाम दिया जाएगा। यह उपग्रह नदियों के प्रदूषण और उसके किनारे की बसावट और सुरक्षा संबंधी अध्ययन में सहायक साबित होगा। इसके लिए विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ शिक्षकाें और शोधार्थी की टीम इसरो बेंगलुरु जाएगी। इसके बाद विश्वविद्यालय का इसरो के साथ करार होगा। सात से आठ महीने में इसे बनाने की योजना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेटेलाइट निर्माण के लिए 21 सदस्यों की टीम तैयार की। टीम में इंजीनियरिंग के विभिन्न विभागों के 11 शोधार्थियों को शामिल किया गया है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर एसके सोनी को समन्वयक और केमिकल इंजीनियर के अध्यक्ष प्रोफेसर विठ्ठल गोले को सह समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। सेटेलाइट निर्माण से इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल, सिविल और केमिकल विभाग को भी जोड़ा गया है। विशेषज्ञ सलाह के लिए इसरो के पूर्व वैज्ञानिक के अलावा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे से भी संपर्क साधा गया है, जो अपनी एजुकेशनल सेटेलाइट लांच कर चुका है।
इसे भी पढ़ें: नव देव-मंदिरों में विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा 21 को, सीएम योगी आदित्यनाथ होंगे शामिल
विज्ञापन
छह किलो होगा सेटेलाइट का वजन
विश्वविद्यालय के चार विभागों के इंजीनियरिंग के शोधार्थी, वरिष्ठ प्रोफेसरों के साथ मिलकर साढ़े 6 किलो वजन की सेटेलाइट का निर्माण करेंगे। जिसका लांचिंग पैड इसरो तय करेगा। सेटेलाइट और उसका ग्राउंड स्टेशन विश्वविद्यालय कैंपस में इस वर्ष के आखिर तक तैयार कर लिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए धन की व्यवस्था दो निजी एजेंसियां अपने सीएसआर फंड से करेंगी। जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय अपने धनराशि का इस्तेमाल भी करेगा।
एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसरो की सहायता से एमएमएमयूटी का सेटेलाइट लांच करने की योजना तैयार की है। सात से आठ महीने में इसे बनाकर तैयार कर लिया जाएगा। जल्द ही विश्वविद्यालय की 10 सदस्यीय टीम बेंगलुरु जाएगी।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेटेलाइट निर्माण के लिए 21 सदस्यों की टीम तैयार की। टीम में इंजीनियरिंग के विभिन्न विभागों के 11 शोधार्थियों को शामिल किया गया है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर एसके सोनी को समन्वयक और केमिकल इंजीनियर के अध्यक्ष प्रोफेसर विठ्ठल गोले को सह समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। सेटेलाइट निर्माण से इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल, सिविल और केमिकल विभाग को भी जोड़ा गया है। विशेषज्ञ सलाह के लिए इसरो के पूर्व वैज्ञानिक के अलावा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे से भी संपर्क साधा गया है, जो अपनी एजुकेशनल सेटेलाइट लांच कर चुका है।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें: नव देव-मंदिरों में विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा 21 को, सीएम योगी आदित्यनाथ होंगे शामिल
विज्ञापन
छह किलो होगा सेटेलाइट का वजन
विश्वविद्यालय के चार विभागों के इंजीनियरिंग के शोधार्थी, वरिष्ठ प्रोफेसरों के साथ मिलकर साढ़े 6 किलो वजन की सेटेलाइट का निर्माण करेंगे। जिसका लांचिंग पैड इसरो तय करेगा। सेटेलाइट और उसका ग्राउंड स्टेशन विश्वविद्यालय कैंपस में इस वर्ष के आखिर तक तैयार कर लिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए धन की व्यवस्था दो निजी एजेंसियां अपने सीएसआर फंड से करेंगी। जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय अपने धनराशि का इस्तेमाल भी करेगा।
एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसरो की सहायता से एमएमएमयूटी का सेटेलाइट लांच करने की योजना तैयार की है। सात से आठ महीने में इसे बनाकर तैयार कर लिया जाएगा। जल्द ही विश्वविद्यालय की 10 सदस्यीय टीम बेंगलुरु जाएगी।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन