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Gorakhpur Weather: गोरखपुर में पारा @42.6, गर्मी ने छह साल का रिकॉर्ड तोड़ा
Wed, 19 Apr 2023 12:09 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 19 Apr 2023 12:09 PM IST
सार
भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बुधवार शाम से मौसम के मिजाज में बदलाव की संभावना है। बुधवार शाम से हल्के बादल छा सकते हैं। अगले तीन दिन तक हल्की बारिश की संभावना है। इससे दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है।
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कही धूप ना लग जाए, मेरे लाल को।
- फोटो : राजेश कुमार।
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विस्तार
गोरखपुर में गर्मी ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अप्रैल में छह साल पहले इतनी अधिक गर्मी पड़ी थी। मंगलवार को अधिकतम पारा 42.6 डिग्री दर्ज किया गया। 2016 में 20 अप्रैल को अधिकतम पारा 43 डिग्री दर्ज किया गया था। तपिश भरी गर्मी का हाल यह रहा कि पसीना शरीर में सूख गए। वहीं, बुधवार शाम से मौसम में बदलाव की संभावना है।
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वातावरण में नमी कम होकर 32 प्रतिशत रहने और हवा की रफ्तार कम होने की वजह से मंगलवार को गर्मी ने बेहाल कर दिया। चटक धूप के साथ सुबह की शुरुआत हुई, दिन चढ़ने के साथ पारा चढ़ता चला गया। अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री दर्ज किया गया। यह तापमान अप्रैल के सामान्य अधिकतम तापमान से करीब पांच डिग्री ज्यादा रहा। रात भी गर्म रही। सामान्य से एक डिग्री ज्यादा न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री दर्ज किया गया।
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हालांकि भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बुधवार शाम से मौसम के मिजाज में बदलाव की संभावना है। बुधवार शाम से हल्के बादल छा सकते हैं। अगले तीन दिन तक हल्की बारिश की संभावना है। इससे दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है। अधिकतम तापमान लुढ़ककर 38 डिग्री तक रह सकता है।
पिछले वर्षों में अप्रैल में कुछ इस तरह रहा था पारा
| वर्ष | तापमान | तारीख |
| 2011 | 39.2 | 24 अप्रैल |
| 2012 | 40.4 | 25 अप्रैल |
| 2013 | 40.5 | 30 अप्रैल |
| 2014 | 40.9 | 27 अप्रैल |
| 2015 | 39.6 | 22 अप्रैल |
| 2016 | 43.0 | 20 अप्रैल |
| 2017 | 41.8 | 29 अप्रैल |
| 2018 | 39.9 | 21 अप्रैल |
| 2019 | 41.4 | 30 अप्रैल |
| 2020 | 38.1 | 15 अप्रैल |
| 2021 | 40.8 | 27 अप्रैल |
| 2022 | 41.4 | 25 अप्रैल |
गर्मी के साथ बढ़ गई कटौती
गर्मी शुरू होते ही बिजली का संकट भी धीरे-धीरे गहराना शुरू हो गया है। गर्मी से लोकल फाल्ट शुरू हो गए हैं। अभियंताओं ने बताया कि सर्दी-गर्मी के मौसम के दौरान बिजली की डिमांड में उतार-चढ़ाव आने लगता है। जैसे, मार्च में 170 एंपियर बिजली खपत होती है तो अप्रैल में 230 एंपियर खपत होने लगी है। गर्मी में उपभोक्ता अपने स्वीकृत कनेक्शन के भार की तुलना में अधिक खपत करते हैं।
दो मंजिला भवन में दो किलोवाट का कनेक्शन लेकर परिसर में एक साथ दो एसी एक साथ चला देते हैं। यही हाल सरकारी दफ्तरों का भी हो जाता है। ऐसे में खपत अचानक बढ़ जाती। दोपहर के समय जब एक साथ ट्रांसफार्मर पर बिजली का भार बढ़ता है तो ट्रांसफार्मर फुंकने लगता।
मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि ट्रांसमिशन से बिजली घर (वितरण) में लगे पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता के अनुसार बिजली आपूर्ति आती है। उपभोक्ता अगर स्वीकृत भार के हिसाब से बिजली आपूर्ति की खपत करें तो परेशानी नहीं होगी।