अलर्ट: गर्मी में मांस-मछली और शराब यानी लिवर खराब, जानिए डॉक्टर क्या दे रहे हैं सलाह
गोरखपुर विश्वविद्यालय के जीव विज्ञान आचार्य प्रो. विनय सिंह ने कहा कि नॉनवेज में मुर्गा, मछली और मांस तीन प्रमुख व्यंजन हैं। पुरानी कहावत है कि जिस महीने के आखिर में 'र' शब्द आता है उस महीने में ही मांस-मछली खानी चाहिए।
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गर्मी की वजह से अब तक डायरिया और हीट स्ट्रोक के ही मामले आ रहे थे, लेकिन, अब गर्मी का असर मरीजों के लिवर, गुर्दे और आंतों पर भी पड़ने लगा है। इसकी बड़ी वजह खानपान। शराब के साथ चटपटे चखने से भी लिवर हीट स्ट्रेस के मामले बढ़ने लगे हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटि के गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत ने बताया कि गर्मी अब आंतों पर हमला कर रही है। डायरिया के अलावा मरीजों के लिवर काफी कमजोर कर रहे हैं। एक दो मामलों में मरीजों को एसीजीपीआई तक रेफर करना पड़ा है। ये मरीज शराब का सेवन अधिक कर रहे थे। इसके कारण इन्हें लिवर हीट स्ट्रेस की दिक्कतें हुई।
लिवर हीट स्ट्रेस से पहले इन मरीजों को डायरिया की दिक्कत हुई, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। इस बीच जब गर्मी बढ़ी तो भी शराब का सेवन बंद नहीं किया। गर्मी में गैस्ट्रोइंटाइटिस के बाद पानी की कमी होने से टॉक्सिस तत्वों का लोड बढ़ गया, जो उनके लिवर खराब होने का सबसे बड़ा कारण रहा है। वहीं, गर्मी के कारण एंजाइटी की समस्या आ रही है।
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इसकी वजह से मरीजों को उल्टी, दस्त और पेट फूलने की समस्या हो रही है। बताया कि यह दिक्कतें जब तक गर्मी हैं, तब तक रहेंगी। बरसात के बाद यह समस्या खत्म हो जाएंगी। यही वजह है कि मरीजों को सलाह दी जा रही है कि गर्मी में शराब, मांस-मछली का सेवन न करें।
किडनी पर भी गर्मी का असर
किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय प्रताप सिंह ने बताया कि गर्मी की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जा रही है। इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। पानी कम होने की वजह से शरीर में फॉस्फेट, यरेट, यूरिक एसिड और अमीनो एसिड के छोटे-छोटे कण किडनी में जमा होने लगते हैं। इसकी वजह मरीजों के पेशाब में जलन होना शुरू हो जाता है। इसकी वजह से किडनी में भी दिक्कतें आनी शुरू हो रही हैं। ऐसे मामले पिछले एक माह के अंदर बढ़े हैं। करीब हर 10 में से तीन मरीज पेशाब में अधिक जलन की समस्या से पीड़ित आ रहे हैं।
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गर्मी में यह काम जरूर करें
- खूब पानी पीएं। ताजा और सुपाच्य भोजन करें। सादा खाना खाएं। बच्चों को अगर दस्त हो रहा है तो ओआरएस का घाल दें।
- बाहर निकलें तो पूरी बांह का कपड़ा पहनें।
जिन महीनों में 'र' नहीं उनमें मांस-मछली नहीं
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इसी प्रकार बकरे का मीट मार्च से मई तक ही खाना चाहिए, क्योंकि मटन की तासीर ठंडी होती है। देसी मुर्गा है तो वह किसी मौसम में खाएं नुकसान नहीं करेगा। लेकिन, इस समय फार्म वाले मुर्गे को इंजेक्शन देकर बढ़ा दिया जा रहा है, यही कारण है कि लीवर और गुर्दे को यह नुकसान पहुंचा रहा है।
वैसे भी, नॉनवेज में मसाला ज्यादा नुकसान कर रहा है। मसाले में अगर हल्दी, जीरा, मरीच, धनिया का इस्तेमाल करें तो यह शरीर के लिए फायदेमंद है। लेकिन, बाजार में जो मसाले आ रहे हैं वे नकली हैं। होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट में मिलावटी मसाले ज्यादा इस्तेमाल हो रहे हैं। इसके चलते भी कैंसर जैसी घातक बीमारी के लोग शिकार हो रहे हैं।