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गांव में कई और बुजुर्ग भी कर दिए गए अपात्र
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गांव में कई और बुजुर्ग भी कर दिए गए अपात्र
गोरखपुर। हरपुर बुदहट गांव में निजाम बदलने के बाद सिर्फ शरदचंद शुक्ला की ही वृद्धावस्था पेंशन नहीं रोकी गई है, सात अन्य बुजुर्गों पर अपात्रता की गाज गिरी है। वृद्धावस्था पेंशन बंद होने से परेशान ये बुजुर्ग अपात्र और मृतकों की पेंशन जारी किए जाने के साथ पात्रों को लाभ से वंचित किए जाने का आरोप लगा रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी से खंड विकास अधिकारी को जांच और सत्यापन कर रिपोर्ट भेजने के लिए पत्र लिखा है।
हरपुर बुदहट गांव के 77 वर्षीय शरदचंद शुक्ला की वृद्धावस्था पेंशन उन्हें पूर्व प्रोफेसर होना बता कर रोक दी गई। कक्षा नौ तक पढ़े शरदचंद शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पेंशन रोके जाने की शिकायत करते हुए जांच कराने की मांग की थी। अमर उजाला ने उनकी समस्या प्रमुखता से प्रकाशित की तो गांव के सात और बुजुर्ग भी उनकी पेंशन रोके जाने की शिकायत लेकर सामने आए। इन लोगों का आरोप था कि तीन माह पहले ग्राम पंचायत सचिव सुषमा चौबे ने इन सबके अपात्र होने की रिपोर्ट लगाते हुए वृद्धावस्था पेंशन रुकवा दी। गांव के गिरीश चंद (66), प्रेम नारायण (67), रामाज्ञा (67), प्रेमनाथ कश्यप (67), श्रीराम (64), अब्दुल रहमान (72) और शरदचंद (77) की वृद्धावस्था पेंशन भी बीते तीन माह से नहीं आई है। इन बुजुर्गों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनाव में एक पक्ष को समर्थन और वोट देने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। चुनाव समाप्त होने के बाद से पेंशन आनी भी बंद हो गई है। ग्राम पंचायत सचिव सुषमा चौबे से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन न तो उन्होंने फोन उठाया और न ही कॉल बैक की। बुजुर्गों ने समाज कल्याण अधिकारी से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
हरपुर बुदहट में शरदचंद शुक्ला सहित वृद्धावस्था पेंशन के सभी लाभार्थियों का सत्यापन कर रिपोर्ट देने के लिए बीडीओ को पत्र लिखा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पात्रों की पेंशन जारी कराई जाएगी, यदि कोई अपात्र या मृत पाया जाता है तो उसकी पेंशन बंद कराई जाएगी। -वशिष्ठ नारायण सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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गोरखपुर। हरपुर बुदहट गांव में निजाम बदलने के बाद सिर्फ शरदचंद शुक्ला की ही वृद्धावस्था पेंशन नहीं रोकी गई है, सात अन्य बुजुर्गों पर अपात्रता की गाज गिरी है। वृद्धावस्था पेंशन बंद होने से परेशान ये बुजुर्ग अपात्र और मृतकों की पेंशन जारी किए जाने के साथ पात्रों को लाभ से वंचित किए जाने का आरोप लगा रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी से खंड विकास अधिकारी को जांच और सत्यापन कर रिपोर्ट भेजने के लिए पत्र लिखा है।
हरपुर बुदहट गांव के 77 वर्षीय शरदचंद शुक्ला की वृद्धावस्था पेंशन उन्हें पूर्व प्रोफेसर होना बता कर रोक दी गई। कक्षा नौ तक पढ़े शरदचंद शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पेंशन रोके जाने की शिकायत करते हुए जांच कराने की मांग की थी। अमर उजाला ने उनकी समस्या प्रमुखता से प्रकाशित की तो गांव के सात और बुजुर्ग भी उनकी पेंशन रोके जाने की शिकायत लेकर सामने आए। इन लोगों का आरोप था कि तीन माह पहले ग्राम पंचायत सचिव सुषमा चौबे ने इन सबके अपात्र होने की रिपोर्ट लगाते हुए वृद्धावस्था पेंशन रुकवा दी। गांव के गिरीश चंद (66), प्रेम नारायण (67), रामाज्ञा (67), प्रेमनाथ कश्यप (67), श्रीराम (64), अब्दुल रहमान (72) और शरदचंद (77) की वृद्धावस्था पेंशन भी बीते तीन माह से नहीं आई है। इन बुजुर्गों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनाव में एक पक्ष को समर्थन और वोट देने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। चुनाव समाप्त होने के बाद से पेंशन आनी भी बंद हो गई है। ग्राम पंचायत सचिव सुषमा चौबे से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन न तो उन्होंने फोन उठाया और न ही कॉल बैक की। बुजुर्गों ने समाज कल्याण अधिकारी से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
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हरपुर बुदहट में शरदचंद शुक्ला सहित वृद्धावस्था पेंशन के सभी लाभार्थियों का सत्यापन कर रिपोर्ट देने के लिए बीडीओ को पत्र लिखा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पात्रों की पेंशन जारी कराई जाएगी, यदि कोई अपात्र या मृत पाया जाता है तो उसकी पेंशन बंद कराई जाएगी। -वशिष्ठ नारायण सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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