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Gorakhpur News: दूसरे से जबरन लिए फर्म के कागजात पर ठेकेदारी करता है माफिया विनोद
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रामगढ़ताल पुलिस ने माफिया पर रंगदारी और धमकाने का एक और केस दर्ज किया
50 हजार के इनामी विनोद समेत तीन नामजद व 8-10 अज्ञात लोगों को बनाया आरोपी, जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। माफिया अजीत शाही के बाद अब माफिया विनोद उपाध्याय के अंडरग्राउंड क्राइम की पोल खुली है। पता चला है कि माफिया विनोद और उसके गुर्गे बांसगांव निवासी ठेकेदार संगम लाल पाठक की फर्म के नाम पर जबरन ठेकेदारी कर रहे हैं। आरोप है कि पहले ठेकेदार से रंगदारी मांगी गई। फिर जान से मारने की धमकी देते हुए फर्म के कागजात ले लिए गए। अब उसी फर्म के नाम पर माफिया, अपने गुर्गों की मदद से पीडब्ल्यूडी में ठेकेदारी कर रहा है।
रामगढ़ताल पुलिस ने माफिया विनोद उपाध्याय, अजय गुप्ता उर्फ बबलू गुप्ता, उमेश कुमार प्रजापति व आठ से दस अज्ञात के खिलाफ रंगदारी, जबरन बंधक बनाने, कूटरचित कागजात का इस्तेमाल करने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
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जानकारी के मुताबिक, माफिया अजीत शाही ने नाम-पता ही बदल लिया था। उसने अपना नाम अजीत शाही से अजीत विक्रम सिंह कर लिया था। उसकी जालसाजी तो पकड़ ली गई थी, लेकिन अन्य माफिया के बारे में पुलिस जांच कर रही थी। अब विनोद का कारनामा सामने आ गया है। विनोद पर नया केस दर्ज कराने वाले बांसगांव के जगदीशपुर निवासी संगल लाल पाठक ने तहरीर में लिखा है कि वह नारायण फंड के प्रोपराइटर हैं। करीब ढाई साल पहले उन्होंने आरएफसी में फर्म का रजिस्ट्रेशन कराया था। इसके बाद खजनी सेंटर से अनाज की ढुलाई का टेंडर भर दिया।
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आरोप है कि टेंडर खुलने के बाद माफिया विनोद उपाध्याय का गुर्गे अजय गुप्ता उर्फ बबलू गुप्ता ने आठ-दस बदमाशों के साथ उसे पीडब्ल्यूडी कार्यालय पर घेर लिया। बदमाशों ने दबाव बनाकर फोन पर उनकी बात माफिया विनोद से कराई। ठेकेदार का आरोप है कि माफिया विनोद ने फोन पर जान से मारने की धमकी देते हुए टेंडर वापस लेने का दबाव बनाया। जबकि उसके गुर्गों ने असलहा सटाकर एक नोटरी पर दस्तखत करा लिए और टेंडर निरस्त कराकर अपने नाम करा लिया।
करीब एक साल बाद विनोद ने गुर्गे उमेश प्रजापति (जिसे दो दिन पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया है) के जरिए ठेकेदार को मोगलहा स्थित आवास पर बुलवाया। आरोप है कि माफिया विनोद उससे आरएफसी का रजिस्ट्रेशन मांगने लगा। जब उसने कहा कि रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुका है तो माफिया ने कहा कि वह नवीनीकरण करा लेगा। मना करने पर जान से मारने की धमकी देने लगा और जबरन रजिस्ट्रेशन ले लिया।
ठेकेदार के मुताबिक, उनके रजिस्ट्रेशन का दुरुपयोग करते हुए करीब एक साल से माफिया का गुर्गा उमेश उस पर ठेकेदारी कर रहा है।
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भाई ने किया था आत्मसमर्पण, लेकिन माफिया अब भी फरार
माफिया विनोद के साथ काम करने वाला भाई संजय उपाध्याय कोर्ट में हाजिर हो चुका है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम था, लेकिन माफिया विनोद न तो पकड़ में आ रहा है और न ही कोर्ट में हाजिर हुआ है। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम है। हालांकि, पुलिस अब उस पर केसों की संख्या बढ़ाकर घेर रही है। उसकी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चल चुका है। पुलिस का दावा है कि माफिया के भाई के हाजिर होने के बाद विनोद की तलाश तेज कर दी गई है। दो दिन पहले माफिया के साथ फरार चल रहे गुर्गे उमेश कुमार प्रजापति को गुलरिहा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही विनोद को भी दबोच लिया जाएगा।
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विनाद पर पहले से दर्ज हैं 32 केस
माफिया विनोद पर पहले से 32 केस दर्ज हैं। कैंट, कोतवाली, गुलरिहा, शाहपुर के अलावा लखनऊ के गोमतीनगर थाने में भी उस पर केस दर्ज हैं। गोरखपुर में जालसाजी, लूट, हत्या की कोशिश जैसी धाराओं का आरोपी है।