{"_id":"66a19cf178c21e1e5b0936a4","slug":"made-gold-and-silver-cheaperforgot-the-worries-about-kitchen-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-632366-2024-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: सोना-चांदी सस्ता करा दिया...रसोई की चिंता भूल गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: सोना-चांदी सस्ता करा दिया...रसोई की चिंता भूल गए
Thu, 25 Jul 2024 06:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 25 Jul 2024 06:01 AM IST
विज्ञापन
आधी आबादी आभूषण के रेट कम होने से उत्साहित, लेकिन किचन की महंगाई से दिखीं नाराज
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। आम बजट घरेलू महिलाओं को कुछ हद तक रास आया है। इसकी खास वजह आभूषणों की कीमत में कमी होना है। महिलाओं ने खरीदारी के लिए घर में माहौल भी बनाना शुरू कर दिया है। मगर, रसोई की चर्चा छिड़ते ही उनके मुंह की रंगत बदल जा रही है। बुधवार को मोहद्दीपुर के एक क्लब में बैठी महिलाओं के बीच बजट पर चर्चा होती रही। महिलाओं का कहना था कि ज्वेलरी तो साल में एक से दो बार खरीदना है, लेकिन भोजन तो रोज चाहिए। इसलिए सरकार को गृह उपयोग की वस्तुओं का टैक्स भी कम करना चाहिए था।
शालिनी पांडेय ने तृष्ला मंजानी को देखते ही कहा कि अब तो नए झुमके की प्लानिंग कर रही होंगी। पास बैठी पिंकी गुप्ता, शिखा सक्सेना और श्वेता कश्यप ने कहा कि हां अब तो सरकार ने सोने-चांदी का टैक्स घटा दिया है। लेकिन, असली आनंद तो तब आता, जब रसोई के सामान पर भी टैक्स कम हो जाते। इससे घर खर्च में बचत होती। शैली द्विवेदी और पूर्णिमा त्रिपाठी ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि बजट में सबसे खास कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की सुविधा है। घर से दूर नौकरी मिलने पर सबसे ज्यादा चिंता सुरक्षित घर की होती है। महिला हॉस्टल बनाने से ये दिक्कत काफी हद तक दूर हो जाएगी। वहीं स्वाति पांडेय, नैन्सी राय, अपूर्वा श्रीवास्वतव, सीमा गुप्ता आदि का कहना था कि वित्त मंत्री को महिला हितों का अधिक ख्याल रखना चाहिए था।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। आम बजट घरेलू महिलाओं को कुछ हद तक रास आया है। इसकी खास वजह आभूषणों की कीमत में कमी होना है। महिलाओं ने खरीदारी के लिए घर में माहौल भी बनाना शुरू कर दिया है। मगर, रसोई की चर्चा छिड़ते ही उनके मुंह की रंगत बदल जा रही है। बुधवार को मोहद्दीपुर के एक क्लब में बैठी महिलाओं के बीच बजट पर चर्चा होती रही। महिलाओं का कहना था कि ज्वेलरी तो साल में एक से दो बार खरीदना है, लेकिन भोजन तो रोज चाहिए। इसलिए सरकार को गृह उपयोग की वस्तुओं का टैक्स भी कम करना चाहिए था।
शालिनी पांडेय ने तृष्ला मंजानी को देखते ही कहा कि अब तो नए झुमके की प्लानिंग कर रही होंगी। पास बैठी पिंकी गुप्ता, शिखा सक्सेना और श्वेता कश्यप ने कहा कि हां अब तो सरकार ने सोने-चांदी का टैक्स घटा दिया है। लेकिन, असली आनंद तो तब आता, जब रसोई के सामान पर भी टैक्स कम हो जाते। इससे घर खर्च में बचत होती। शैली द्विवेदी और पूर्णिमा त्रिपाठी ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि बजट में सबसे खास कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की सुविधा है। घर से दूर नौकरी मिलने पर सबसे ज्यादा चिंता सुरक्षित घर की होती है। महिला हॉस्टल बनाने से ये दिक्कत काफी हद तक दूर हो जाएगी। वहीं स्वाति पांडेय, नैन्सी राय, अपूर्वा श्रीवास्वतव, सीमा गुप्ता आदि का कहना था कि वित्त मंत्री को महिला हितों का अधिक ख्याल रखना चाहिए था।
विज्ञापन